क्या मैं रुका नहीं, खुद को नया बना रहा हूं? रियलिटी शो 'द 50' से नई पारी शुरू कर रहे करण पटेल
सारांश
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मुंबई, 22 जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। टीवी इंडस्ट्री में कुछ ऐसे चेहरे हैं जो समय के साथ अपनी पहचान को बदलते हैं। करण पटेल उन्हीं में से एक हैं। 'कस्तूरी', 'ये है मोहब्बतें' और 'कसौटी जिंदगी की' जैसे चर्चित शोज़ में अपने बेहतरीन अभिनय से दर्शकों के दिलों में एक खास स्थान बनाने वाले करण अब एक नए शो में नजर आने वाले हैं।
वह अब रियलिटी शो 'द 50' के माध्यम से एक नई छवि में सामने आने की तैयारी कर रहे हैं। राष्ट्र प्रेस को दिए गए एक इंटरव्यू में करण ने कहा कि यह उनके करियर में एक ब्रेक नहीं है, बल्कि खुद को नए सिरे से खोजने और आगे बढ़ने की प्रक्रिया है।
जब राष्ट्र प्रेस ने 'द 50' के बारे में उनसे पूछा कि क्या वह इसे अभिनय से दूरी के रूप में देखते हैं, तो उन्होंने कहा, "यह मेरे करियर का रीइन्वेंशन फेज है। मैं रुका नहीं हूं, बल्कि मैं खुद को नया बना रहा हूं। नए फॉर्मेट में काम करना खुद को चुनौती देने जैसा है। कुछ अलग करने की इच्छा मुझे आगे बढ़ने के लिए प्रेरित करती है। मेरे लिए 'द 50' किसी दिशा से भटकना नहीं, बल्कि उसी यात्रा का हिस्सा है, जो मुझे आगे ले जा रहा है।"
रियलिटी शो में खेलने के अपने अंदाज़ के बारे में बात करते हुए करण ने कहा, "मैं खुद को बहुत ही सहज और स्वाभाविक खिलाड़ी मानता हूं। मेरा खेल ज्यादा सोच-समझकर या गणनाओं पर आधारित नहीं है। मैं चीजों को ध्यान से देखता हूं, माहौल को समझता हूं, लेकिन जब फैसले की बात आती है तो मैं केवल दिल की ही सुनता हूं। मेरे मन में जो आता है, मैं वही करता हूं। कभी-कभी मुझे बाद में पछतावा होता है, लेकिन अगर मैं कोई कदम न उठाऊं, तो उसका पछतावा और भी ज्यादा होता है।"
रणनीति के बारे में करण का दृष्टिकोण बाकी खिलाड़ियों से थोड़ा भिन्न है। उन्होंने कहा, "मेरे लिए रणनीति का मतलब किसी को बहकाना या चालबाजी करना नहीं है। मैं जानबूझकर लोगों को पढ़ने की कोशिश नहीं करता और न ही यह तय करता हूं कि कब और कैसे बोलना है और कब चुप रहना है। हर परिस्थिति में सामने मौजूद टास्क सबसे महत्वपूर्ण होता है। उसे जीतना ही मेरा मुख्य लक्ष्य होता है, चाहे तरीका कोई भी क्यों न हो।"
करण ने कहा, "मैं खुद को स्मार्ट खिलाड़ी से ज्यादा एक आक्रामक खिलाड़ी मानता हूं। लोगों को परखने में अक्सर मैं गलती कर जाता हूं। मैं शुरुआत में सभी को पसंद कर लेता हूं और बाद में समझता हूं कि कुछ लोग उस भरोसे के काबिल नहीं थे। यह पैटर्न मैंने जीवन में कई बार दोहराया है और मुझे इसका एहसास भी है, लेकिन यह मेरी कमजोरी नहीं, बल्कि मेरी सच्चाई है। यही चीज मुझे असली बनाती है और रियलिटी शो जैसे प्लेटफार्म पर रियल होना सबसे बड़ी ताकत होती है।"