22 अक्टूबर 2026
LIVE
Get it on Google Play Download on the App Store

क्या ट्रंप के टैरिफ से भारतीय शेयर बाजार में अनिश्चितता बढ़ गई है?

शेयर करें:
ऑडियो वॉइस लोड हो रही है…
क्या ट्रंप के टैरिफ से भारतीय शेयर बाजार में अनिश्चितता बढ़ गई है?

सारांश

भारतीय शेयर बाजार में शुक्रवार को अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा टैरिफ लगाने के कारण अनिश्चितता की स्थिति बन गई। जानें इस समय बाजार की स्थिति और निवेशकों के लिए क्या रणनीतियाँ होनी चाहिए।

मुख्य बातें

शेयर बाजार में गिरावट ट्रंप के टैरिफ की वजह से हुई है।
निवेशकों को सतर्क रहने की सलाह दी जा रही है।
मिडकैप और स्मॉलकैप में भी बिकवाली हो रही है।
पीएसयू बैंक और फार्मा के क्षेत्र में लाभ देखा गया है।
विदेशी और घरेलू संस्थागत निवेशकों ने शेयर खरीदे हैं।

मुंबई, 11 जुलाई (राष्ट्र प्रेस)। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा लगाए गए टैरिफ के संबंध में अनिश्चितता के कारण भारतीय शेयर बाजार शुक्रवार के कारोबारी सत्र में लाल निशान में खुला।

सुबह 9:38 बजे सेंसेक्स 216 अंक या 0.26 प्रतिशत की गिरावट के साथ 82,973 पर और निफ्टी 51 अंक या 0.19 प्रतिशत की गिरावट के साथ 25,310 पर था।

शुरुआती कारोबार में लार्जकैप के साथ मिडकैप और स्मॉलकैप में भी बिकवाली का दौर चल रहा था। निफ्टी मिडकैप 100 इंडेक्स 78 अंक या 0.13 प्रतिशत की गिरावट के साथ 59,081 पर और निफ्टी स्मॉलकैप 100 इंडेक्स 27 अंक या 0.15 प्रतिशत की कमजोरी के साथ 18,928 पर था।

सेंसेक्स पैक में एचयूएल, एशियन पेंट्स, एक्सिस बैंक, एनटीपीसी, पावर ग्रिड, टाटा स्टील, एसबीआई, अदाणी पोर्ट्स, सन फार्मा और आईटीसी शीर्ष लाभार्थी रहे। वहीं, टीसीएस, इन्फोसिस, एमएंडएम, टेक महिंद्रा, एचसीएल टेक, भारती एयरटेल, बजाज फिनसर्व और ट्रेंट प्रमुख हानिकारकों में थे।

सेक्टोरल आधार पर, पीएसयू बैंक, फाइनेंशियल सर्विसेज, फार्मा, एफएमसीजी और मेटल हरे निशान में थे। वहीं, ऑटो, आईटी, रियल्टी और मीडिया लाल निशान में थे।

चॉइस ब्रोकिंग के मंदार भोजने ने कहा, "इस अनिश्चितता और अत्यधिक अस्थिरता वाले माहौल को देखते हुए, ट्रे़डर्स को सलाह दी जाती है कि वे विशेष रूप से लीवरेज्ड पोजीशन के मामले में सतर्क रहें और 'वेट एंड वॉच' का दृष्टिकोण अपनाएं।"

उन्होंने आगे कहा, "ऐसे बाजार में तेजी के समय आंशिक मुनाफा कमाना और सख्त ट्रेलिंग स्टॉप-लॉस लगाना एक बेहतर रणनीति होगी।"

एशिया के शेयर बाजारों में मिला-जुला कारोबार देखा गया। जापान के निक्केई 225 और दक्षिण कोरिया के कोस्पी में सपाट कारोबार चल रहा था। हालांकि, चीन के शंघाई कंपोजिट और हांगकांग के हैंग सेंग में एक प्रतिशत से अधिक की बढ़त देखी गई।

ट्रंप ने कनाडा पर 35 प्रतिशत टैरिफ लगाने की घोषणा की और ओटावा को जवाबी कार्रवाई करने पर और भी अधिक टैरिफ लगाने की चेतावनी दी। ये टैरिफ 1 अगस्त से प्रभावी होंगे।

पिछले कारोबारी सत्र में अमेरिका में वॉल स्ट्रीट के प्रमुख सूचकांक, एसएंडपी 500 और टेक्नोलॉजी इंडेक्स नैस्डैक कंपोजिट ने रिकॉर्ड बढ़त दर्ज की। डॉव जोन्स 0.43 प्रतिशत चढ़ा और एसएंडपी 500 में 0.27 प्रतिशत की बढ़त देखी गई।

विदेशी संस्थागत निवेशकों (एफआईआई) ने 10 जुलाई को 221 करोड़ रुपए के शेयर खरीदे, जबकि घरेलू संस्थागत निवेशकों (डीआईआई) ने भी उसी दिन 591 करोड़ रुपए के शेयर खरीदे।

संपादकीय दृष्टिकोण

जो निवेशकों के लिए चुनौती पेश कर रहा है। हमें चाहिए कि हम इस स्थिति को समझें और सतर्क रहकर निवेश करें। बाजार में स्थिरता लाने के लिए आवश्यक है कि हम समझदारी से निर्णय लें।
RashtraPress
22 अक्टूबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

ट्रंप के टैरिफ का भारतीय शेयर बाजार पर क्या असर पड़ा है?
ट्रंप के टैरिफ की घोषणा से भारतीय शेयर बाजार में अनिश्चितता बढ़ गई है, जिससे सेंसेक्स और निफ्टी में गिरावट देखी गई।
क्या निवेशकों को शेयर बाजार में निवेश करना चाहिए?
निवेशकों को वर्तमान अनिश्चितता को देखते हुए सतर्क रहना चाहिए और समझदारी से निर्णय लेना चाहिए।
शेयर बाजार में गिरावट का कारण क्या है?
अमेरिकी राष्ट्रपति द्वारा टैरिफ लगाने की घोषणा और उसके परिणामस्वरूप बाजार में अस्थिरता के कारण गिरावट आई है।
क्या यह गिरावट अस्थायी है?
यह कहना मुश्किल है, लेकिन बाजार की स्थिति को देखते हुए यह अस्थायी हो सकती है।
निवेशकों के लिए क्या रणनीति होनी चाहिए?
निवेशकों को मौजूदा स्थिति में 'वेट एंड वॉच' का दृष्टिकोण अपनाना चाहिए और आंशिक मुनाफा कमाने पर विचार करना चाहिए।
राष्ट्र प्रेस
सिलसिला

जुड़े बिंदु

इस ख़बर के पीछे की कड़ियाँ — सबसे नई पहले।

8 बिंदु
  1. नवीनतम 9 महीने पहले
  2. 9 महीने पहले
  3. 1 साल पहले
  4. 1 साल पहले
  5. 1 साल पहले
  6. 1 साल पहले
  7. 1 साल पहले
  8. 1 साल पहले