क्या भारतीय शेयर बाजार लाल निशान में बंद हुआ? मेटल स्टॉक्स में हुई भारी बिकवाली
सारांश
Key Takeaways
- सेंसेक्स 780.18 अंक गिरकर 84,180.96 पर बंद हुआ।
- निफ्टी 263.90 अंक की कमी के साथ 25,876.85 पर रहा।
- मेटल शेयरों में 3.40 प्रतिशत की गिरावट आई।
- घरेलू अर्थव्यवस्था अभी भी मजबूत है।
मुंबई, 8 जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। भारतीय शेयर बाजार ने गुरुवार के कारोबारी सत्र में भारी बिकवाली के साथ समापन किया। पूरे बाजार में गिरावट देखने को मिली। दिन के अंत में सेंसेक्स 780.18 अंक या 0.92 प्रतिशत की कमी के साथ 84,180.96 पर और निफ्टी 263.90 अंक या 1.01 प्रतिशत की कमजोरी के साथ 25,876.85 पर बंद हुआ।
मेटल शेयरों ने बाजार पर दबाव डाला, जिससे निफ्टी मेटल इंडेक्स 3.40 प्रतिशत की गिरावट के साथ बंद हुआ। अन्य प्रमुख इंडेक्स में निफ्टी एनर्जी 2.89 प्रतिशत, निफ्टी ऑयलएंडगैस 2.84 प्रतिशत, निफ्टी पीएसई 2.48 प्रतिशत, निफ्टी कमोडिटीज 2.40 प्रतिशत, निफ्टी पीएसयू बैंक 2.08 प्रतिशत, निफ्टी आईटी 1.99 प्रतिशत, निफ्टी रियल्टी 1.71 प्रतिशत और निफ्टी फार्मा 1.39 प्रतिशत की गिरावट के साथ बंद हुए।
सत्र के दौरान कोई भी मुख्य सूचकांक हरे निशान में समाप्त नहीं हुआ।
लार्जकैप के साथ-साथ मिडकैप और स्मॉलकैप में भी बिकवाली हुई। निफ्टी मिडकैप 100 इंडेक्स 1,202.15 अंक या 1.96 प्रतिशत की कमजोरी के साथ 60,222.55 पर और निफ्टी स्मॉलकैप 100 इंडेक्स 357.45 अंक या 1.99 प्रतिशत की गिरावट के साथ 17,601.05 पर बंद हुआ।
सेंसेक्स पैक में एलएंडटी, टेक महिंद्रा, टीसीएस, टाटा स्टील, पावर ग्रिड, इन्फोसिस, एनटीपीसी, सन फार्मा, बजाज फिनसर्व, मारुति सुजुकी, इंडिगो, एसबीआई, भारती एयरटेल, एक्सिस बैंक, कोटक महिंद्रा, एमएंडएम, टाइटन और एचयूएल लूजर्स रहे। आईसीआईसीआई बैंक, बजाज फाइनेंस और बीईएल गेनर्स रहे।
व्यापक बाजार में भी गिरावट का रुझान रहा, जहां गिरने वाले शेयरों की संख्या बढ़ने वालों की तुलना में अधिक थी।
बाजार विशेषज्ञों ने कहा कि घरेलू बाजारों में यह गिरावट अमेरिकी टैरिफ के बढ़ने की आशंका और एफआईआई की निरंतर बिकवाली के कारण है। ऑयल एंड गैस और आईटी शेयरों ने इस गिरावट में अग्रणी भूमिका निभाई।
हालांकि, उन्होंने यह भी बताया कि घरेलू स्तर पर अर्थव्यवस्था मजबूत बनी हुई है। वित्त वर्ष 26 के लिए जारी किए गए पहले अग्रिम अनुमान में भी यह स्पष्ट रूप से दिखता है।