क्या भारतीय सीमेंट सेक्टर की वॉल्यूम मई में 9 प्रतिशत बढ़कर 39.6 मिलियन मीट्रिक टन हुई?

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क्या भारतीय सीमेंट सेक्टर की वॉल्यूम मई में 9 प्रतिशत बढ़कर 39.6 मिलियन मीट्रिक टन हुई?

सारांश

भारतीय सीमेंट सेक्टर ने मई में 9 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की है, जो 39.6 मिलियन मीट्रिक टन के उत्पादन को दर्शाता है। यह वृद्धि वित्त वर्ष 2026 के पहले दो महीनों में सकारात्मक रुझान के कारण हुई है। जानिए इस क्षेत्र की वृद्धि के पीछे क्या कारण हैं और इससे भारतीय अर्थव्यवस्था पर क्या प्रभाव पड़ेगा।

Key Takeaways

  • सीमेंट सेक्टर में मई में 9 प्रतिशत की वृद्धि हुई है।
  • वित्त वर्ष 2026 में 6-7 प्रतिशत की वृद्धि का अनुमान है।
  • सीमेंट की औसत कीमतें 360 रुपए प्रति बैग तक पहुँच गई हैं।
  • सीमेंट कंपनियों के परिचालन मार्जिन में सुधार की संभावना है।
  • आर्थिक दृष्टिकोण स्थिर बना हुआ है।

नई दिल्ली, 29 जून (राष्ट्र प्रेस) भारतीय सीमेंट सेक्टर की वॉल्यूम मई में सालाना आधार पर 9 प्रतिशत बढ़कर 39.6 मिलियन मीट्रिक टन तक पहुँच गई है। यह जानकारी एक नई रिपोर्ट में मई में साझा की गई।

आईसीआरए की रिपोर्ट के अनुसार, वित्त वर्ष 26 के पहले दो महीनों में सीमेंट सेक्टर में सकारात्मक रुझान बना रहा, जिससे वॉल्यूम 8 प्रतिशत बढ़कर 78.7 मिलियन मीट्रिक टन हो गई है।

वित्त वर्ष 2025 में सीमेंट वॉल्यूम में 6.3 प्रतिशत की वृद्धि हुई है और कुल उत्पादन 453.0 मिलियन मीट्रिक टन रहा है।

आईसीआरए ने वित्त वर्ष 2026 में 6-7 प्रतिशत की वृद्धि का अनुमान लगाया है, जिसमें वॉल्यूम 480-485 मिलियन मीट्रिक टन तक पहुँचने की उम्मीद है।

मई 2025 में सीमेंट की औसत कीमतों में सालाना आधार पर 8 प्रतिशत की वृद्धि देखी गई, जो 360 रुपए प्रति बैग तक पहुँच गई है, जबकि वित्त वर्ष 2026 के पहले दो महीनों के लिए कीमतें सालाना आधार पर 7 प्रतिशत बढ़ी हैं।

आईसीआरए का मानना है कि सीमेंट कंपनियों के सैंपल सेट के परिचालन मार्जिन में 80-150 आधार अंकों (बीपीएस) का सुधार हो सकता है, जो वित्त वर्ष 2026 में बढ़कर 16.3-17.0 प्रतिशत हो जाएगा।

रेटिंग एजेंसी ने भारतीय सीमेंट क्षेत्र के लिए 'स्थिर' दृष्टिकोण बनाए रखा है, जो निरंतर मांग और अनुकूल लागत स्थितियों में विश्वास को दर्शाता है। इस क्षेत्र की मजबूती भारत के बुनियादी ढांचे और आवास विकास का समर्थन करने में इसकी महत्वपूर्ण भूमिका को रेखांकित करता है।

वाणिज्य और उद्योग मंत्रालय के आंकड़ों के अनुसार, आठ प्रमुख उद्योगों (आईसीआई) का संयुक्त सूचकांक पिछले साल के इसी महीने की तुलना में मई में 0.7 प्रतिशत बढ़ा। पिछले महीने सीमेंट, स्टील, कोयला और रिफाइनरी उत्पादों के उत्पादन में सकारात्मक वृद्धि दर्ज की गई।

मंत्रालय ने बताया कि फरवरी, मार्च और अप्रैल के लिए आठ प्रमुख उद्योगों के सूचकांक की अंतिम वृद्धि दर क्रमशः 3.4, 4.5 और 1.0 प्रतिशत रही। मई में सीमेंट उत्पादन में 9.2 प्रतिशत की वृद्धि हुई। अप्रैल से मई, 2025-26 के दौरान इसका संचयी सूचकांक पिछले वर्ष की इसी अवधि की तुलना में 7.8 प्रतिशत बढ़ा।

Point of View

भारतीय सीमेंट क्षेत्र की वृद्धि न केवल इस उद्योग की मजबूती को दर्शाती है, बल्कि यह देश की आर्थिक विकास की दिशा में एक सकारात्मक संकेत है। यह क्षेत्र बुनियादी ढांचे और आवास विकास के लिए महत्वपूर्ण है, और इसके सकारात्मक रुख से देश की वृद्धि की संभावनाएँ बढ़ती हैं।
NationPress
23/07/2025

Frequently Asked Questions

भारतीय सीमेंट सेक्टर की वृद्धि का मुख्य कारण क्या है?
भारतीय सीमेंट सेक्टर की वृद्धि का मुख्य कारण लगातार मांग और अनुकूल लागत स्थितियाँ हैं।
सीमेंट की औसत कीमतें किस प्रकार बढ़ रही हैं?
मई 2025 में सीमेंट की औसत कीमतों में सालाना आधार पर 8 प्रतिशत की वृद्धि देखी गई है।