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क्या चीन ने टैक्स कलेक्शन बढ़ाने के लिए नया कदम उठाया?

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क्या चीन ने टैक्स कलेक्शन बढ़ाने के लिए नया कदम उठाया?

सारांश

चीन ने अपनी अर्थव्यवस्था में आई गिरावट के बीच टैक्स कलेक्शन को बढ़ाने के लिए ई-कॉमर्स कंपनियों से विक्रेताओं का डेटा साझा करने का आदेश दिया है। यह कदम देश की वित्तीय स्थिति को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण प्रयास है।

मुख्य बातें

चीन का नया टैक्स कानून ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म से डेटा साझा करने की मांग करता है।
यह कदम आर्थिक स्थिरता को बढ़ाने के लिए उठाया गया है।
ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म से कर आय में 12.7 प्रतिशत की वृद्धि की उम्मीद है।
डेटा में विक्रेताओं के नाम, बिक्री के आंकड़े शामिल हैं।
यह कदम पारदर्शिता को बढ़ावा देने में मदद करेगा।

नई दिल्ली, 5 जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। चीन ने अपनी अर्थव्यवस्था की वृद्धि दर में आई कमी के बीच टैक्स कलेक्शन को बढ़ाने के लिए एक नया कदम उठाया है। इस कदम के अंतर्गत, अब ई-कॉमर्स कंपनियों को सरकारी एजेंसियों के साथ अपने प्लेटफॉर्म पर उपस्थित विक्रेताओं का डेटा साझा करना होगा। यह जानकारी एक रिपोर्ट में प्रकाशित हुई है।

फाइनेंशियल टाइम्स की रिपोर्ट के अनुसार, यह नया कानून अक्टूबर से लागू हो चुका है और अलीबाबा, शीन और अमेजन जैसी प्रमुख कंपनियां सरकारी निकायों के साथ विक्रेताओं का डेटा साझा करने लगी हैं।

रिपोर्ट में कहा गया है कि इस डेटा में विक्रेता का नाम, ऑर्डर, बिक्री के आंकड़े, मुनाफा और वर्चुअल गिफ्ट तथा डिजिटल टोकन के माध्यम से होने वाली आय शामिल है।

अधिकारियों का कहना है कि इस कदम का प्रभाव अब दिखना शुरू हो गया है। स्टेट टेक्सेशन एडमिनिस्ट्रेशन के निदेशक लियान किफेंग ने बताया कि तीसरी तिमाही के अंत तक 7,000 से अधिक ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म ने कर संबंधी आंकड़े प्रस्तुत कर दिए थे।

दिसंबर में एक ब्रीफिंग के दौरान, लियान ने कहा कि इससे ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म से प्राप्त कर आय में तीसरी तिमाही में पिछले वर्ष की तुलना में 12.7 प्रतिशत की वृद्धि हुई है, हालांकि उन्होंने कुल राशि का खुलासा नहीं किया।

यह नया बदलाव ऐसे समय में आया है, जब चीन की अर्थव्यवस्था की वृद्धि दर दशकों के सबसे निचले स्तर पर है। इसकी मुख्य वजह अमेरिकी टैरिफ और प्रॉपर्टी की कीमतों में गिरावट है।

कर वसूली को मजबूत करने के लिए, स्टेट टेक्सेशन एडमिनिस्ट्रेशन ने कई अन्य अभियान भी शुरू किए हैं।

इन अभियानों में निवेशकों को वैश्विक पूंजीगत लाभ पर 20 प्रतिशत कर का भुगतान करने के लिए बाध्य करना, औद्योगिक क्षमता से अधिक उत्पादन को बढ़ावा देने वाले क्षेत्रों में कर छूटों में कमी करना और धोखाधड़ी से कर छूट का दावा करने वाली कंपनियों पर नकेल कसना शामिल है।

आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, 2024 में भौतिक वस्तुओं की ऑनलाइन बिक्री 12.8 ट्रिलियन आरएमबी (1.8 ट्रिलियन डॉलर) तक पहुंच गई, जो चीन की कुल खुदरा बिक्री का लगभग 27 प्रतिशत है।

संपादकीय दृष्टिकोण

यह कहना उचित है कि चीन का यह कदम आर्थिक स्थिरता को बढ़ावा देने की दिशा में एक आवश्यक कदम है। विक्रेताओं का डेटा साझा करने से न केवल टैक्स कलेक्शन में वृद्धि होगी, बल्कि इससे बाजार में पारदर्शिता भी आएगी।
RashtraPress
19 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चीन ने यह कदम क्यों उठाया?
चीन ने अपनी अर्थव्यवस्था की वृद्धि दर में कमी के चलते टैक्स कलेक्शन बढ़ाने के लिए यह कदम उठाया है।
नया कानून कब लागू हुआ?
यह नया कानून अक्टूबर से लागू हो चुका है।
इस कदम का क्या प्रभाव होगा?
इससे ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म से प्राप्त कर आय में वृद्धि होने की संभावना है।
डेटा में क्या-क्या शामिल होगा?
डेटा में विक्रेता का नाम, ऑर्डर, बिक्री के आंकड़े, मुनाफा और अन्य आय शामिल हैं।
क्या यह कदम अन्य देशों द्वारा भी अपनाया जाएगा?
यह संभव है, खासकर उन देशों में जहां ई-कॉमर्स तेजी से बढ़ रहा है।
राष्ट्र प्रेस
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