9 अक्टूबर 2026
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चिराग पासवान का युवाओं को आह्वान: नौकरी खोजने वाले नहीं, रोजगार देने वाले बनें

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चिराग पासवान का युवाओं को आह्वान: नौकरी खोजने वाले नहीं, रोजगार देने वाले बनें

सारांश

केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान ने सोनीपत के निफ्टेम-के दीक्षांत समारोह में युवाओं को नौकरी खोजने की जगह रोजगार सृजित करने का आह्वान किया। उन्होंने खाद्य प्रसंस्करण क्षेत्र को 'ब्रांड इंडिया' की नींव और किसानों की समृद्धि का माध्यम बताया।

मुख्य बातें

केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान ने 9 अक्टूबर 2026 को निफ्टेम-के, कुंडली (सोनीपत) के दीक्षांत समारोह में युवाओं को संबोधित किया।
उन्होंने स्नातकों से आग्रह किया कि वे नौकरी खोजने वाले नहीं बल्कि रोजगार देने वाले और नवाचारकर्ता बनें।
मंत्री ने खाद्य प्रसंस्करण क्षेत्र को किसानों की आय , रोजगार सृजन और 'ब्रांड इंडिया' के लिए महत्वपूर्ण बताया।
भारत को 'वैश्विक खाद्य भंडार' बनाने की संभावना पर जोर दिया गया।
मंत्रालय सचिव अविनाश जोशी और निदेशक डॉ.
हरिंदर सिंह ओबेराय ने भी क्षेत्र की प्रगति और मानव संसाधन विकास पर विचार रखे।

केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान ने 9 अक्टूबर 2026 को हरियाणा के सोनीपत जिले के कुंडली स्थित नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ फूड टेक्नोलॉजी एंटरप्रेन्योरशिप एंड मैनेजमेंट (निफ्टेम-के) के दीक्षांत समारोह में स्नातक छात्रों को संबोधित करते हुए कहा कि भारत का खाद्य प्रसंस्करण क्षेत्र रोजगार सृजन, उद्यमिता और किसानों की आय बढ़ाने में निर्णायक भूमिका निभा सकता है। उन्होंने युवाओं से आग्रह किया कि वे केवल नौकरी की तलाश न करें, बल्कि रोजगार देने वाले, नवाचारकर्ता और समस्याओं का समाधान करने वाले बनें।

मुख्य संदेश: उद्यमिता और नवाचार अपनाएँ

पासवान ने छात्रों से कहा कि पारंपरिक सोच से आगे निकलकर तकनीक, नवाचार और उद्यमिता का उपयोग करते हुए उभरती चुनौतियों के समाधान खोजे जाएँ। उन्होंने युवा नवाचारकर्ताओं को आश्वासन दिया कि सरकार इस क्षेत्र में नए विचारों और पहलों को पूरा समर्थन देगी। गौरतलब है कि खाद्य प्रसंस्करण उद्योग में हाल के वर्षों में उल्लेखनीय प्रगति हुई है, लेकिन मंत्री के अनुसार इसकी पूर्ण क्षमता का अभी तक उपयोग नहीं हो पाया है।

खाद्य प्रसंस्करण क्षेत्र की अपार संभावनाएँ

मंत्री ने कहा कि यह क्षेत्र एक साथ खाद्य गुणवत्ता में सुधार, मूल्य संवर्धन, किसानों के लिए आर्थिक अवसर, रोजगार सृजन और खाद्य पदार्थों की बर्बादी में कमी लाने में सक्षम है। उन्होंने जोर देकर कहा कि खाद्य मूल्य श्रृंखला, प्रसंस्करण सुविधाओं और तकनीक को खेतों तथा ग्रामीण क्षेत्रों के निकट ले जाना आवश्यक है, ताकि इसके लाभ सीधे किसानों और जमीनी स्तर के उत्पादकों तक पहुँच सकें।

गुणवत्ता और 'ब्रांड इंडिया' की छवि

पासवान ने गुणवत्ता के महत्व पर विशेष जोर देते हुए कहा कि खाद्य क्षेत्र में गुणवत्ता से कोई समझौता नहीं होना चाहिए। उनके अनुसार, किसी भारतीय उत्पाद की गुणवत्ता केवल एक कंपनी की प्रतिष्ठा को नहीं, बल्कि वैश्विक बाजार में 'ब्रांड इंडिया' की संपूर्ण छवि को प्रभावित करती है। उन्होंने यह भी कहा कि भारत का विशाल कृषि आधार, विविध कृषि उत्पाद और बड़ा उपभोक्ता बाजार देश को 'वैश्विक खाद्य भंडार' बनने की क्षमता देता है।

मंत्रालय सचिव और संस्थान निदेशक के विचार

खाद्य प्रसंस्करण उद्योग मंत्रालय के सचिव अविनाश जोशी ने इस क्षेत्र की व्यापक भूमिका रेखांकित करते हुए कहा कि खाद्य प्रसंस्करण न केवल बर्बादी घटाता है, बल्कि पोषण, मूल्य संवर्धन और उद्यमिता को भी प्रोत्साहित करता है। उन्होंने कुशल मानव संसाधन विकसित करने और छात्रों व शोधकर्ताओं को बड़े स्तर पर मूल्य सृजित करने वाले नवाचारों पर काम करने के लिए प्रेरित करने की आवश्यकता बताई।

निफ्टेम-के के निदेशक डॉ. हरिंदर सिंह ओबेराय ने बताया कि संस्थान ने शिक्षा, शोध, बुनियादी ढाँचे और उद्योगों के साथ साझेदारी के क्षेत्र में महत्वपूर्ण प्रगति की है।

आगे की राह

यह दीक्षांत समारोह ऐसे समय में हुआ है जब केंद्र सरकार खाद्य प्रसंस्करण क्षेत्र को प्राथमिकता के रूप में बढ़ावा दे रही है और ग्रामीण रोजगार तथा कृषि आय बढ़ाने के लिए नई नीतिगत पहलें जारी हैं। स्नातक छात्रों के लिए पासवान का यह संदेश — कि वे नौकरी पाने की जगह नौकरी देने वाले बनें — आने वाले वर्षों में इस क्षेत्र में उद्यमशीलता की दिशा तय कर सकता है।

संपादकीय दृष्टिकोण

परंतु खाद्य प्रसंस्करण क्षेत्र में उद्यमिता को वास्तविक गति देने के लिए केवल भाषणों से आगे जाना होगा — ग्रामीण कोल्ड चेन अवसंरचना, सस्ती ऋण सुविधा और नियामकीय सरलीकरण की माँग लंबे समय से लंबित है। सरकार के 'ग्लोबल फूड बास्केट' के दावे तब तक कागजी रहेंगे, जब तक खेत से बाजार तक की आपूर्ति श्रृंखला में संरचनात्मक बाधाएँ दूर नहीं होतीं। निफ्टेम जैसे संस्थान उत्कृष्ट प्रतिभा तैयार कर रहे हैं, लेकिन असली परीक्षा यह है कि क्या नीति उस प्रतिभा को देश में ही टिकाए रख सकती है।
RashtraPress
9 अक्टूबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चिराग पासवान ने निफ्टेम-के दीक्षांत समारोह में क्या कहा?
केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान ने 9 अक्टूबर 2026 को सोनीपत के निफ्टेम-के दीक्षांत समारोह में स्नातकों से कहा कि वे नौकरी खोजने वाले नहीं, बल्कि रोजगार देने वाले और नवाचारकर्ता बनें। उन्होंने खाद्य प्रसंस्करण क्षेत्र को किसानों की समृद्धि और 'ब्रांड इंडिया' की पहचान के लिए महत्वपूर्ण बताया।
निफ्टेम-के (NIFTEM-K) क्या है और यह कहाँ स्थित है?
नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ फूड टेक्नोलॉजी एंटरप्रेन्योरशिप एंड मैनेजमेंट (निफ्टेम-के) हरियाणा के सोनीपत जिले के कुंडली में स्थित एक प्रमुख केंद्रीय संस्थान है। यह खाद्य प्रौद्योगिकी, उद्यमिता और प्रबंधन में उच्च शिक्षा, शोध और उद्योग साझेदारी के लिए जाना जाता है।
भारत के खाद्य प्रसंस्करण क्षेत्र में कौन-सी प्रमुख संभावनाएँ हैं?
मंत्री पासवान के अनुसार, खाद्य प्रसंस्करण क्षेत्र खाद्य गुणवत्ता सुधार, मूल्य संवर्धन, किसानों के लिए आर्थिक अवसर, रोजगार सृजन और खाद्य बर्बादी में कमी — ये सभी लक्ष्य एक साथ पूरे कर सकता है। भारत का विशाल कृषि आधार और उपभोक्ता बाजार इसे 'वैश्विक खाद्य भंडार' बनने की क्षमता देता है।
खाद्य प्रसंस्करण में 'ब्रांड इंडिया' की बात क्यों की गई?
पासवान ने कहा कि किसी भी भारतीय खाद्य उत्पाद की गुणवत्ता केवल एक कंपनी की प्रतिष्ठा नहीं, बल्कि वैश्विक बाजार में 'ब्रांड इंडिया' की छवि को सीधे प्रभावित करती है। इसलिए खाद्य क्षेत्र में गुणवत्ता से कोई समझौता स्वीकार्य नहीं होना चाहिए।
सरकार खाद्य प्रसंस्करण में युवा उद्यमियों की मदद कैसे करेगी?
मंत्री ने आश्वासन दिया कि सरकार इस क्षेत्र को मजबूत बनाने वाले नए विचारों और पहलों का पूरा समर्थन करेगी। मंत्रालय सचिव अविनाश जोशी ने कुशल मानव संसाधन विकसित करने और बड़े स्तर पर मूल्य सृजित करने वाले नवाचारों को प्रोत्साहित करने की जरूरत भी रेखांकित की।
राष्ट्र प्रेस
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