DCM श्रीराम का Q2 मुनाफा 33.5% गिरकर ₹105 करोड़; EBITDA मार्जिन 7.3% पर आया
सारांश
मुख्य बातें
DCM श्रीराम लिमिटेड का वित्त वर्ष 2026-27 की दूसरी तिमाही (Q2 FY27) में एकीकृत शुद्ध मुनाफा सालाना आधार पर 33.5 प्रतिशत घटकर ₹105 करोड़ रह गया, जबकि पिछले वित्त वर्ष की समान तिमाही में यह ₹158 करोड़ था। कंपनी ने यह नतीजे 26 अक्टूबर 2026 को एक्सचेंज फाइलिंग के ज़रिये जारी किए। उल्लेखनीय है कि राजस्व में वृद्धि के बावजूद परिचालन दबाव के चलते लाभप्रदता में सुधार नहीं हो सका।
राजस्व और EBITDA की स्थिति
समीक्षाधीन तिमाही में कंपनी की परिचालन से आय सालाना आधार पर 21.6 प्रतिशत बढ़कर ₹3,977 करोड़ हो गई, जो एक वर्ष पहले ₹3,271 करोड़ थी। हालांकि, EBITDA 5.7 प्रतिशत घटकर ₹292 करोड़ रह गया — पिछले वर्ष की समान तिमाही में यह ₹309 करोड़ था। इसके परिणामस्वरूप EBITDA मार्जिन 9.4 प्रतिशत से घटकर 7.3 प्रतिशत पर आ गया, जो परिचालन दक्षता पर बढ़ते दबाव को दर्शाता है।
अन्य आय और कर खर्च
कंपनी की अन्य आय में भी उल्लेखनीय गिरावट दर्ज की गई — यह पिछले वर्ष के ₹99 करोड़ से घटकर ₹27 करोड़ रह गई। वहीं, कर खर्च ₹87.1 करोड़ से घटकर ₹47.8 करोड़ रहा। गौरतलब है कि कर बोझ में कमी के बावजूद शुद्ध मुनाफे में गिरावट को नहीं रोका जा सका, क्योंकि परिचालन स्तर पर दबाव अधिक रहा।
व्यवसाय खंडों का प्रदर्शन
केमिकल्स और विनाइल कारोबार कंपनी का सबसे बड़ा राजस्व स्रोत बना रहा — इस खंड से ₹1,576.66 करोड़ का राजस्व प्राप्त हुआ, जो पिछले वर्ष की समान तिमाही के ₹1,108.40 करोड़ की तुलना में उल्लेखनीय वृद्धि है। चीनी और एथेनॉल कारोबार से ₹1,197.21 करोड़, उर्वरक खंड से ₹501.87 करोड़, श्रीराम फार्म सॉल्यूशंस से ₹423.06 करोड़ और फेनेस्टा बिल्डिंग सिस्टम्स से ₹344.44 करोड़ का राजस्व दर्ज किया गया।
अंतरिम लाभांश की घोषणा
तिमाही नतीजों के साथ ही कंपनी के निदेशक मंडल ने वित्त वर्ष 2026-27 के लिए ₹2 अंकित मूल्य वाले प्रत्येक इक्विटी शेयर पर ₹4 के अंतरिम लाभांश की घोषणा की, जो अंकित मूल्य का 200 प्रतिशत है। लाभांश पाने के पात्र शेयरधारकों की पहचान के लिए 30 अक्टूबर 2026 को रिकॉर्ड तिथि निर्धारित की गई है, और भुगतान घोषणा की तारीख से 30 दिनों के भीतर किया जाएगा।
आगे की दिशा
राजस्व में मज़बूत बढ़ोतरी के बाद भी मार्जिन पर दबाव यह संकेत देता है कि कच्चे माल की लागत या परिचालन व्यय में वृद्धि कंपनी की आय वृद्धि को निगल रही है। केमिकल्स और विनाइल खंड की मज़बूती भविष्य में सुधार की संभावना रखती है, बशर्ते परिचालन दक्षता बढ़ाई जाए। अगली तिमाही में कंपनी के मार्जिन ट्रेंड पर निवेशकों की नज़र बनी रहेगी।