थर्मैक्स का Q1FY27 मुनाफा 83% गिरकर ₹25.2 करोड़, NSE पर शेयर इंट्रा-डे में 16% से ज़्यादा टूटा
सारांश
मुख्य बातें
थर्मैक्स लिमिटेड के शेयरों में शुक्रवार, 31 जुलाई को भारी बिकवाली का दबाव देखा गया, जब कंपनी ने वित्त वर्ष 2026-27 की पहली तिमाही (Q1FY27) के कमज़ोर नतीजे घोषित किए। नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) पर शेयर इंट्रा-डे में 16 प्रतिशत से अधिक टूटकर ₹3,566.50 के निचले स्तर तक पहुँच गया। कंसोलिडेटेड नेट प्रॉफिट में 83.4 प्रतिशत की भारी गिरावट और एक प्रमुख परियोजना की लागत में ₹91 करोड़ की अतिरिक्त वृद्धि ने निवेशकों की धारणा को गहरा झटका दिया।
तिमाही नतीजों की मुख्य बातें
कंपनी के नतीजों के अनुसार, Q1FY27 में कंसोलिडेटेड नेट प्रॉफिट सालाना आधार पर 83.4 प्रतिशत घटकर ₹25.2 करोड़ रह गया, जबकि पिछले वित्त वर्ष की समान तिमाही में यह ₹152.4 करोड़ था। हालाँकि, ऑपरेशंस से राजस्व 6.7 प्रतिशत बढ़कर ₹2,303 करोड़ हो गया, जो एक वर्ष पूर्व ₹2,158 करोड़ था — यह दर्शाता है कि टॉपलाइन वृद्धि के बावजूद लाभप्रदता पर भारी दबाव रहा।
परिचालन स्तर पर भी स्थिति चिंताजनक रही। EBITDA (ब्याज, कर, मूल्यह्रास और परिशोधन से पूर्व आय) सालाना आधार पर 69.5 प्रतिशत गिरकर ₹68.6 करोड़ पर आ गया, जो पिछले वर्ष की समान तिमाही में ₹225 करोड़ था। इसके परिणामस्वरूप EBITDA मार्जिन भी 10.4 प्रतिशत से घटकर मात्र 3 प्रतिशत रह गया।
प्रोजेक्ट कॉस्ट एस्केलेशन — गिरावट की असली वजह
थर्मैक्स ने स्पष्ट किया कि इस कमज़ोर प्रदर्शन की सबसे बड़ी वजह उसके इंडस्ट्रियल इंफ्रास्ट्रक्चर सेगमेंट की एक परियोजना रही। तिमाही के दौरान सामने आए नए घटनाक्रमों के कारण उस परियोजना को पूरा करने की अनुमानित लागत में ₹91 करोड़ की अतिरिक्त वृद्धि करनी पड़ी। यह एकमुश्त लागत-वृद्धि मुनाफे पर सबसे भारी बोझ साबित हुई।
गौरतलब है कि पिछले वित्त वर्ष की समान तिमाही में इसी सेगमेंट की एक सहायक कंपनी को पैकेज स्कीम ऑफ इंसेंटिव्स के तहत ₹56 करोड़ की एकमुश्त आय प्राप्त हुई थी, जिसने उस समय के नतीजों को अतिरिक्त सहारा दिया था। इस आधार-प्रभाव (base effect) ने तुलनात्मक गिरावट को और गहरा कर दिया।
शेयर बाज़ार में असर
NSE पर कारोबार के दौरान थर्मैक्स का शेयर एक समय 16 प्रतिशत से अधिक टूटकर ₹3,566.50 के इंट्रा-डे निचले स्तर पर पहुँचा। दोपहर के कारोबार में शेयर ₹3,680 के आसपास था, जो 13.43 प्रतिशत की गिरावट दर्शाता है। बाद के सत्र में गिरावट में कुछ कमी आई, लेकिन बिकवाली का दबाव बना रहा।
यह ऐसे समय में आया है जब औद्योगिक क्षेत्र की कंपनियों पर परियोजना लागत और निर्यात दबाव का असर व्यापक रूप से देखा जा रहा है। इंडस्ट्रियल प्रोडक्ट्स कारोबार में निर्यात बिक्री घटने से भी इस तिमाही में कंपनी की लाभप्रदता प्रभावित हुई।
विलय योजना को मंजूरी
नतीजों के साथ ही कंपनी के निदेशक मंडल ने थर्मैक्स बायोएनर्जी सॉल्यूशंस प्राइवेट लिमिटेड और थर्मैक्स कूलिंग सॉल्यूशंस लिमिटेड के थर्मैक्स लिमिटेड में विलय (अमलगमेशन) की प्रस्तावित स्कीम ऑफ अरेंजमेंट को मंजूरी दे दी। यह कदम कंपनी की व्यावसायिक संरचना को सुव्यवस्थित करने की दिशा में है।
आगामी तिमाहियों में परियोजना लागत के सामान्य होने और निर्यात बिक्री में सुधार पर निवेशकों की नज़र रहेगी।