क्या देश में 2 लाख से ज्यादा स्टार्टअप रजिस्टर्ड हैं और 21 लाख से अधिक लोगों को रोजगार मिला है?

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क्या देश में 2 लाख से ज्यादा स्टार्टअप रजिस्टर्ड हैं और 21 लाख से अधिक लोगों को रोजगार मिला है?

सारांश

क्या आप जानते हैं कि भारत में 2 लाख से अधिक स्टार्टअप रजिस्टर्ड हैं और 21 लाख से ज्यादा लोगों को रोजगार मिला है? जानिए इस महत्वपूर्ण पहल की सफलता के पीछे की कहानी और उसके प्रभाव को।

Key Takeaways

  • 2 लाख स्टार्टअप्स रजिस्टर्ड हैं।
  • 21 लाख से अधिक लोगों को रोजगार मिला है।
  • स्टार्टअप्स 50 से अधिक क्षेत्रों में कार्यरत हैं।
  • कर्नाटक और तमिलनाडु ड्रोन निर्माण के बड़े केंद्र बन रहे हैं।
  • टियर-2 और टियर-3 शहरों में उद्यमिता की भावना बढ़ रही है।

नई दिल्ली, 16 जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। देश में शुक्रवार को 'स्टार्टअप इंडिया' पहल के 10 वर्ष पूरे होने का जश्न मनाया गया। इस अवसर पर राष्ट्रीय राजधानी में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में एक महत्वपूर्ण कार्यक्रम आयोजित किया गया, जिसमें देश के प्रमुख स्टार्टअप उद्यमियों ने भाग लिया।

कार्यक्रम में केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने कहा कि वर्तमान में भारत में लगभग 2 लाख स्टार्टअप रजिस्टर्ड हैं। इन स्टार्टअप्स के माध्यम से अब तक 21 लाख से अधिक लोगों को रोजगार प्राप्त हुआ है। भारतीय स्टार्टअप इकोसिस्टम तेजी से विकसित हो रहा है और देश की आर्थिक प्रगति में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है।

पीयूष गोयल ने कहा कि भारतीय स्टार्टअप्स अब 50 से अधिक विभिन्न क्षेत्रों में कार्य कर रहे हैं, जिनमें टेक्नोलॉजी, हेल्थकेयर, एग्रीटेक, फिनटेक, ड्रोन टेक्नोलॉजी और डीप टेक शामिल हैं। उन्होंने बताया कि पिछले बजट में सरकार ने 10 हजार करोड़ रुपए का 'फंड ऑफ फंड्स' घोषित किया था, जिससे हाई-टेक और डीप टेक स्टार्टअप्स को प्राथमिकता दी जा रही है।

केंद्रीय मंत्री ने यह भी कहा कि देश के कुल स्टार्टअप्स में से लगभग 50 प्रतिशत स्टार्टअप टियर-2 और टियर-3 शहरों से आ रहे हैं, जो यह दर्शाता है कि उद्यमिता अब केवल बड़े शहरों तक सीमित नहीं रही। उन्होंने कहा कि कर्नाटक और तमिलनाडु अब ड्रोन निर्माण के बड़े केंद्र बनकर उभर रहे हैं।

पीयूष गोयल के अनुसार, दुनिया के 100 से अधिक देश भारत के साथ स्टार्टअप क्षेत्र में साझेदारी करना चाहते हैं। सरकार इस दिशा में योजना बना रही है कि इन देशों के साथ सहयोग को कैसे आगे बढ़ाया जाए, ताकि भारतीय स्टार्टअप्स को वैश्विक स्तर पर और अधिक अवसर मिल सकें।

इससे पहले, केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक पोस्ट साझा करते हुए लिखा कि 'स्टार्टअप इंडिया' क्रांति को एक दशक पूरा हो गया है। यह एक साहसिक कदम था, जिसने भारत को बड़ा सोचने और उससे भी बड़ा करने की क्षमता प्रदान की।

उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की इस दूरदर्शी पहल की सफलता का सबसे बड़ा प्रमाण देश में डीपीआईआईटी द्वारा मान्यता प्राप्त 2 लाख से अधिक स्टार्टअप्स और उनके द्वारा उत्पन्न 21 लाख से ज्यादा रोजगार हैं।

पीयूष गोयल ने कहा कि इस सफलता को यह तथ्य और विशेष बनाता है कि इससे टियर-2 और टियर-3 शहरों में उद्यमिता की भावना को नई ऊर्जा मिली है और युवाओं तथा महिलाओं को सशक्त बनाया गया है। राष्ट्रीय स्टार्टअप दिवस के अवसर पर उन्होंने कहा कि पिछले 10 वर्षों की यह यात्रा निरंतरता, समावेशिता और विकास को दर्शाती है, साथ ही भारत के स्टार्टअप इकोसिस्टम के उज्ज्वल भविष्य का विश्वास भी देती है।

Point of View

यह स्पष्ट है कि भारत में स्टार्टअप्स की संख्या में वृद्धि केवल आर्थिक विकास नहीं, बल्कि युवाओं और महिलाओं को सशक्त बनाने का प्रतीक है। यह एक नई उद्यमिता संस्कृति को जन्म दे रहा है, जो देश के सभी हिस्सों में फैल रही है।
NationPress
16/01/2026

Frequently Asked Questions

भारत में स्टार्टअप्स की स्थिति क्या है?
भारत में वर्तमान में लगभग 2 लाख से अधिक स्टार्टअप्स रजिस्टर्ड हैं।
स्टार्टअप इंडिया पहल का उद्देश्य क्या है?
इस पहल का उद्देश्य भारत में उद्यमिता को बढ़ावा देना और रोजगार के नए अवसर प्रदान करना है।
भारत में स्टार्टअप्स से कितने लोग रोजगार प्राप्त कर चुके हैं?
स्टार्टअप्स के माध्यम से अब तक 21 लाख से अधिक लोगों को रोजगार मिला है।
कौन से क्षेत्र में भारतीय स्टार्टअप्स काम कर रहे हैं?
भारतीय स्टार्टअप्स टेक्नोलॉजी, हेल्थकेयर, एग्रीटेक, फिनटेक, ड्रोन तकनीक और डीप टेक जैसे क्षेत्रों में काम कर रहे हैं।
क्या स्टार्टअप्स टियर-2 और टियर-3 शहरों से भी आ रहे हैं?
जी हां, लगभग 50 प्रतिशत स्टार्टअप्स टियर-2 और टियर-3 शहरों से आ रहे हैं।
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