ईरान युद्ध के कारण लंबी उड़ानों पर पायलटों के ड्यूटी समय में डीजीसीए ने दी छूट
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नई दिल्ली, 7 अप्रैल (राष्ट्र प्रेस)। नागर विमानन महानिदेशालय (डीजीसीए) ने लंबी दूरी की अंतरराष्ट्रीय उड़ानों के लिए पायलटों के ड्यूटी समय में अस्थायी छूट प्रदान की है। यह निर्णय ईरान युद्ध के कारण मिडिल ईस्ट के कई देशों के एयरस्पेस के बंद होने से उड़ानों के लिए लंबा मार्ग अपनाने की आवश्यकता के चलते लिया गया है।
नागर विमानन मंत्रालय के संयुक्त सचिव असंगबा चुबा आओ ने कहा कि लंबी उड़ानों की वजह से एयरलाइंस को पायलट ड्यूटी टाइम लिमिट (एफडीटीएल) के नियमों का पालन करने में कठिनाई हो रही थी, इसलिए यह छूट दी गई है।
डीजीसीए ने पिछले वर्ष पायलटों की थकान को कम करने और उड़ान सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए नए नियम लागू किए थे। इन नियमों के अंतर्गत पायलटों को 48 घंटे का लगातार आराम अनिवार्य किया गया था, जबकि पहले यह 36 घंटे था।
लेकिन ईरान युद्ध के कारण पश्चिमी देशों के लिए उड़ानों का समय बढ़ गया है, क्यूंकि विमानों को मिडिल ईस्ट के संघर्ष क्षेत्र से बचते हुए लंबा मार्ग अपनाना पड़ रहा है। इससे एयरलाइंस के लिए निर्धारित ड्यूटी समय में संचालन करना मुश्किल हो रहा है।
डीजीसीए ने पहले भी 30 अप्रैल तक कुछ राहत प्रदान की थी। अब दो पायलटों वाली लंबी उड़ानों के लिए फ्लाइट टाइम (एफटी) को 1 घंटा 30 मिनट बढ़ाकर 11 घंटे 30 मिनट किया गया है, जबकि फ्लाइट ड्यूटी पीरियड (एफडीपी) को 1 घंटा 45 मिनट बढ़ाकर 11 घंटे 45 मिनट किया गया है।
फ्लाइंग टाइम में विमान के रनवे पर टेक-ऑफ के लिए चलने से लेकर उड़ान समाप्त होने के बाद रुकने तक का संपूर्ण समय शामिल होता है।
डीजीसीए ने यह भी सुनिश्चित किया है कि एयरलाइंस नियमों का पालन करें। इसके लिए साप्ताहिक और पखवाड़े के आधार पर निगरानी बढ़ाई गई है और हर दो महीने में डीजीसीए के अधिकारी एयरलाइंस का निरीक्षण करेंगे।
इसके अलावा, रेगुलेटर अब एयरलाइंस के संचालन पर और ज्यादा ध्यान दे रहा है, जिसमें पायलट रोस्टर, क्रू की उपलब्धता, बैकअप व्यवस्था, सिस्टम की मजबूती और एफडीटीएल नियमों के अनुपालन पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है।