डिजीहाट ने दिल्ली NCR, मुंबई और बेंगलुरु में मेट्रो टिकट बुकिंग सेवा लॉन्च की
सारांश
Key Takeaways
- डिजीहाट ने दिल्ली NCR, मुंबई और बेंगलुरु में मेट्रो टिकट बुकिंग सेवा की शुरुआत की।
- यह प्लेटफॉर्म अब तक 20 लाख से अधिक बार डाउनलोड हो चुका है और 30,000+ उपयोगकर्ताओं की कम्यूनिटी बना चुका है।
- COO राहुल विज के अनुसार, डिजीहाट का लक्ष्य एक निष्पक्ष, पारदर्शी और अंतरसंचालनीय प्लेटफॉर्म बनाना है।
- डिजीहाट ONDC के तहत संचालित है और 'निर्मित भारत' (धारा 8 गैर-लाभकारी संस्था) की सहायक कंपनी है।
- यह प्लेटफॉर्म भारत टैक्सी और नम्मा यात्री जैसे नेटवर्क के जरिए राइड-हेलिंग, फूड डिलीवरी और ई-कॉमर्स सेवाएं भी देता है।
- मार्च 2025 में ONDC ने डिजीहाट को कारीगरों और किसानों को डिजिटल ग्रिड से जोड़ने के मिशन के साथ लॉन्च किया था।
नई दिल्ली, 23 अप्रैल (राष्ट्र प्रेस)। सरकार समर्थित डिजिटल प्लेटफॉर्म डिजीहाट ने दिल्ली NCR, मुंबई और बेंगलुरु में मेट्रो टिकट बुकिंग सेवा की शुरुआत कर दी है। यह कदम डिजीहाट को एक ऐसे एकीकृत डिजिटल कॉमर्स प्लेटफॉर्म के रूप में स्थापित करने की दिशा में अहम माना जा रहा है, जहां उपयोगकर्ता रोजमर्रा की सभी जरूरतें एक ही ऐप से पूरी कर सकें।
मेट्रो टिकट सेवा: क्या है खास?
इस नई सुविधा के साथ डिजीहाट उन चुनिंदा ऐप्लिकेशन की श्रेणी में शामिल हो गया है जो एक ही प्लेटफॉर्म पर ई-कॉमर्स, फूड डिलीवरी, राइड-हेलिंग और अब मेट्रो टिकट बुकिंग जैसी सेवाएं एकसाथ प्रदान करते हैं। यह सुविधा उपयोगकर्ताओं को एक ही इकोसिस्टम के भीतर अपनी दैनिक यात्रा की योजना बनाने और लेनदेन करने की सहूलियत देती है।
कंपनी के अनुसार, अब तक डिजीहाट के 20 लाख से अधिक डाउनलोड हो चुके हैं और इसने 30,000 से अधिक सक्रिय उपयोगकर्ताओं की एक मजबूत कम्यूनिटी खड़ी की है। कंपनी का दावा है कि उसका कम कमीशन और पारदर्शी व्यापार मॉडल ही इस सफलता की असली वजह है।
डिजीहाट के COO राहुल विज ने क्या कहा?
डिजीहाट के मुख्य परिचालन अधिकारी (COO) राहुल विज ने कहा, "शुरू से ही हमारा लक्ष्य एकदम स्पष्ट रहा है — एक ऐसा प्लेटफॉर्म बनाना जो निष्पक्ष, अंतरसंचालनीय और वास्तव में रोजमर्रा की जिंदगी में उपयोगी हो।"
उन्होंने आगे कहा, "प्रमुख शहरों में मेट्रो टिकट सुविधा जोड़ने के बाद हम भारत को एक ही ऐप से सभी प्रमुख जरूरतें पूरी करने के लक्ष्य के करीब पहुंच गए हैं। साथ ही, पारदर्शिता और सुलभता के अपने मूल सिद्धांतों पर भी कायम हैं।"
ONDC के व्यापक लक्ष्य से जुड़ाव
डिजीहाट ने स्पष्ट किया कि यह विस्तार ओपन नेटवर्क फॉर डिजिटल कॉमर्स (ONDC) की उस व्यापक रणनीति का हिस्सा है, जिसका उद्देश्य एक खुला डिजिटल ढांचा तैयार करना है। इस ढांचे के जरिए बिचौलियों की भूमिका कम होगी और उपभोक्ताओं के साथ-साथ छोटे कारोबारियों के लिए डिजिटल बाजार तक पहुंच आसान होगी।
गौरतलब है कि मार्च 2025 में ONDC ने डिजीहाट को एक ऐसे प्लेटफॉर्म के रूप में लॉन्च किया था, जिसका मकसद भारत के कारीगरों, किसानों और लघु उत्पादकों को डिजिटल वाणिज्य से जोड़ना है। यह देश की विशाल अनौपचारिक अर्थव्यवस्था को संगठित क्षेत्र में लाने के सरकारी प्रयासों का अहम हिस्सा है।
डिजीहाट की कॉर्पोरेट संरचना और वर्तमान सेवाएं
लगभग एक वर्ष पहले लॉन्च हुआ यह प्लेटफॉर्म वर्तमान में भारत टैक्सी और नम्मा यात्री जैसे साझेदार नेटवर्क के माध्यम से फूड डिलीवरी, ई-कॉमर्स और राइड-हेलिंग सेवाएं पहले से प्रदान कर रहा है। अब मेट्रो टिकट बुकिंग के जुड़ने से इसकी सेवाओं का दायरा और विस्तृत हो गया है।
डिजीहाट, ONDC इकोसिस्टम के तहत संचालित एक पूर्ण स्वामित्व वाली सहायक कंपनी है और यह 'निर्मित भारत' के अंतर्गत काम करती है, जो धारा 8 के तहत पंजीकृत एक गैर-लाभकारी संस्था है। यह संरचना इसे पारंपरिक व्यावसायिक प्लेटफॉर्म से अलग और अधिक विश्वसनीय बनाती है।
आम जनता पर असर और भविष्य की राह
तीन प्रमुख महानगरों में मेट्रो टिकट बुकिंग की सुविधा मिलने से दिल्ली NCR, मुंबई और बेंगलुरु के लाखों दैनिक यात्रियों को सीधा फायदा होगा। उन्हें अलग-अलग ऐप डाउनलोड करने की झंझट से मुक्ति मिलेगी और एक ही प्लेटफॉर्म से सफर की पूरी योजना बना सकेंगे।
विशेषज्ञों का मानना है कि यदि डिजीहाट अपने कम कमीशन मॉडल को बनाए रखने में सफल रहा, तो यह Paytm, PhonePe और अन्य बड़े डिजिटल प्लेटफॉर्म के लिए एक गंभीर चुनौती बन सकता है। आने वाले महीनों में डिजीहाट के अन्य शहरों में विस्तार और नई सेवाओं के जुड़ने की संभावना पर नजर रखना दिलचस्प होगा।