क्या आने वाले समय में जेनएआई लोगों की कार खरीदारी को बदल देगा?
सारांश
मुख्य बातें
नई दिल्ली, २४ सितंबर (राष्ट्र प्रेस)। जेनरेटिव एआई (जेनएआई) भविष्य में कार खरीदने के तरीके को बदलने की दिशा में अग्रसर है। एक नई रिपोर्ट के अनुसार, २०३० तक, हर साल ४०-५० मिलियन से अधिक कार खरीदारी पर एआई-पावर्ड असिस्टेंट का प्रभाव स्पष्ट रूप से देखने को मिलेगा।
ओपनएआई और बोस्टन कंसल्टिंग ग्रुप (बीसीजी) द्वारा साझा किए गए आंकड़ों से यह स्पष्ट होता है कि जिन कार निर्माताओं ने जेनएआई को अपने ग्राहक अनुभव में जल्दी से शामिल किया, उनकी बिक्री २० प्रतिशत तक बढ़ सकती है।
स्टडी 'विल एआई बिकम द बेस्ट कार सेल्स एडवाइजर' के अनुसार, ग्राहक उन कंपनियों की ओर रुख करेंगे जो एआई-ड्रिवन एक्सपीरियंस प्रदान करती हैं। यदि कंपनियां इस बदलते ट्रेंड को अपनाने में पीछे रहीं, तो उन्हें १५ प्रतिशत तक राजस्व का नुकसान हो सकता है।
बीसीजी में ऑटोमोटिव और इंडस्ट्रियल गुड्स प्रैक्टिस के लिए भारत के लीडर, नाटाराजन शंकर ने बताया कि जेनएआई न केवल बिक्री को बढ़ावा देगा, बल्कि कार खरीदने के अनुभव को भी पारदर्शी, आसान और पर्सनलाइज्ड बनाएगा।
उन्होंने कहा कि एशिया जैसे तेजी से बढ़ते बाजारों में इसे अपनाने की गति तय करेगी कि कौन सा ऑटोमेकर प्रतियोगिता में आगे रहेगा।
रिपोर्ट में यह भी बताया गया है कि जेनएआई असिस्टेंट न्यूट्रल और ब्रांड-स्वतंत्र सलाहकार के रूप में कार्य करेंगे।
एआई ग्राहकों को व्हीकल कॉन्फिगर करने, फाइनेंसिंग ऑप्शन की तुलना करने और यहाँ तक कि टेस्ट ड्राइव शेड्यूल करने में मदद करते नजर आएंगे।
यह बदलाव पारंपरिक ब्रांड लॉयल्टी को कमजोर कर सकता है, क्योंकि ग्राहक ब्रांड इमेज के बजाय इलेक्ट्रिक वाहनों की रेंज, कीमत और जीवनकाल उत्सर्जन जैसे प्रैक्टिकल फैक्टर्स पर अधिक ध्यान देने लगेंगे।
रिपोर्ट में सुझाव दिया गया है कि ऑटोमेकर एआई-पावर्ड प्लेटफॉर्म पर अपनी दृश्यता सुनिश्चित कर, मल्टी-ब्रांड मार्केटप्लेस के साथ सहयोग कर और हाइपर-पर्सनलाइज्ड खरीदारी अनुभव प्रदान करने के लिए अपने खुद के ब्रांडेड एआई असिस्टेंट बनाकर प्रतियोगिता में आगे रह सकते हैं।