गूगल और एप्पल का बड़ा कदम: RCS मैसेजिंग में एंड-टू-एंड एन्क्रिप्शन, iPhone और Android यूजर्स को मिलेगी बेहतर प्राइवेसी
सारांश
मुख्य बातें
गूगल और एप्पल ने आरसीएस (RCS) मैसेजिंग के लिए एंड-टू-एंड एन्क्रिप्शन शुरू करने का ऐलान किया है, जिससे iPhone और Android यूजर्स के बीच क्रॉस-प्लेटफॉर्म मैसेजिंग पहली बार पूरी तरह निजी और सुरक्षित हो जाएगी। 12 मई 2026 को की गई इस घोषणा को डिजिटल प्राइवेसी के क्षेत्र में एक ऐतिहासिक उद्योग सहयोग माना जा रहा है।
क्या है यह नई सुविधा
एप्पल ने पुष्टि की है कि उसने एक उद्योग-स्तरीय पहल के तहत एंड-टू-एंड एन्क्रिप्टेड RCS के समर्थन के लिए गूगल के साथ साझेदारी की है। यह फीचर पारंपरिक SMS/MMS मैसेज सिस्टम की जगह लेगा और दोनों प्लेटफॉर्म के यूजर्स को सुरक्षित संवाद का विकल्प देगा।
फिलहाल यह सुविधा iOS 26.5 पर चलने वाले iPhone यूजर्स और गूगल मैसेज के नवीनतम संस्करण का उपयोग करने वाले Android यूजर्स के लिए बीटा में उपलब्ध है। दोनों कंपनियों के अनुसार, एन्क्रिप्शन डिफॉल्ट रूप से सक्रिय रहेगा और धीरे-धीरे नए तथा मौजूदा दोनों तरह की बातचीत पर लागू होगा।
यूजर्स कैसे पहचानेंगे एन्क्रिप्टेड चैट
एप्पल ने बताया कि यूजर्स RCS चैट में प्रदर्शित एक नए लॉक आइकन के माध्यम से एन्क्रिप्टेड बातचीत की पहचान कर सकेंगे। यह छोटा-सा बदलाव यूजर्स को यह भरोसा दिलाएगा कि उनकी बातचीत सुरक्षित है।
एंड-टू-एंड एन्क्रिप्शन सक्रिय होने से, RCS के माध्यम से भेजे गए संदेशों को स्मार्टफोन के बीच ट्रांसमिशन के दौरान कोई तीसरा पक्ष एक्सेस या पढ़ नहीं सकता — न हैकर, न सर्विस प्रोवाइडर।
गूगल का पुराना अनुभव, नया विस्तार
गूगल ने स्पष्ट किया कि उसका मैसेज प्लेटफॉर्म कई वर्षों से Android डिवाइसों के बीच एंड-टू-एंड एन्क्रिप्टेड मैसेजिंग का समर्थन कर रहा है। अब कंपनी ने इन सुरक्षा सुविधाओं को क्रॉस-प्लेटफॉर्म RCS तक विस्तारित कर दिया है, जिससे iPhone और Android यूजर्स के बीच भी सुरक्षित संदेश भेजना संभव होगा।
गौरतलब है कि iMessage को शुरू से ही गोपनीयता को ध्यान में रखकर डिजाइन किया गया था और यह हमेशा से एंड-टू-एंड एन्क्रिप्शन का समर्थन करता रहा है। एप्पल ने दोहराया कि iMessage, एप्पल इकोसिस्टम के भीतर यूजर्स के लिए संवाद का सबसे सुरक्षित और निर्बाध तरीका बना हुआ है।
मेटा की विपरीत दिशा
यह ऐलान ऐसे समय में आया है जब मेटा ने इसी महीने Instagram पर एंड-टू-एंड एन्क्रिप्टेड डायरेक्ट मैसेज को आधिकारिक तौर पर बंद कर दिया, जिससे वैश्विक स्तर पर लाखों यूजर्स के लिए यह प्राइवेसी-केंद्रित फीचर प्रभावी रूप से समाप्त हो गया। इस कदम की व्यापक आलोचना हुई है।
दोनों बड़े टेक दिग्गजों के इस सहयोग से डिजिटल मैसेजिंग में प्राइवेसी के मानक नए स्तर पर पहुँचने की उम्मीद है। आने वाले महीनों में इस फीचर का पूर्ण रोलआउट दुनिया भर के करोड़ों यूजर्स के अनुभव को बदल सकता है।