5 अक्टूबर 2026
LIVE
Get it on Google Play Download on the App Store

जीएसटी सुधारों का अगला चरण 'विकसित भारत' को देगा रफ्तार: वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण

शेयर करें:
ऑडियो वॉइस लोड हो रही है…
जीएसटी सुधारों का अगला चरण 'विकसित भारत' को देगा रफ्तार: वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण

सारांश

वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने एलान किया कि जीएसटी सुधारों का अगला चरण — प्रक्रिया सरलीकरण — जल्द ही जीएसटी काउंसिल के सामने रखा जाएगा। अप्रैल-सितंबर 2026 में संग्रह ₹12.46 लाख करोड़ रहा और 7 अक्टूबर की काउंसिल बैठक इस दिशा में अगला बड़ा कदम होगी।

मुख्य बातें

वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने 5 अक्टूबर 2026 को कहा कि जीएसटी के प्रक्रिया सुधारों का अगला चरण जल्द जीएसटी काउंसिल के सामने पेश किया जाएगा।
अप्रैल-सितंबर 2026 में कुल जीएसटी संग्रह 11.6% बढ़कर ₹12.46 लाख करोड़ हो गया।
जून-सितंबर 2026 के हर महीने दोहरे अंकों की वृद्धि; चार माह में लगभग 15% की बढ़ोतरी।
सुधार के बाद B2C (उपभोक्ता) बिक्री में 26.7% और कर-योग्य आपूर्ति में 25.8% की वृद्धि।
अगस्त 2026 तक जीएसटी पंजीकरण 1.71 करोड़ , एक वर्ष में लगभग 15% की बढ़त।
अप्रैल-सितंबर में ₹1.80 लाख करोड़ का रिफंड जारी; राज्यों की SGST आय में 16% वृद्धि।

वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने 5 अक्टूबर 2026 को कहा कि गुड्स एंड सर्विसेज टैक्स (GST) सुधारों का अगला चरण प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 'विकसित भारत' विजन को गति देने के लिए अनुपालन प्रक्रिया को सरल बनाने पर केंद्रित रहेगा। लिंक्डइन पर साझा एक लेख में उन्होंने कहा कि अगली पीढ़ी के जीएसटी सुधारों का उद्देश्य करदाताओं को राहत देने के साथ-साथ अर्थव्यवस्था को नई ऊर्जा प्रदान करना है।

सुधारों का दो-चरणीय ढाँचा

सीतारमण ने स्पष्ट किया कि 22 सितंबर 2025 को लागू किए गए दरों में बदलाव इन सुधारों का पहला चरण था, जबकि प्रक्रिया से जुड़े बदलाव — यानी अनुपालन को सरल बनाने के उपाय — दूसरा चरण होंगे। उन्होंने कहा, 'प्रोसेस में सुधार का अगला चरण जल्द ही जीएसटी काउंसिल के सामने आएगा।' 7 अक्टूबर को होने वाली जीएसटी काउंसिल की बैठक में इन प्रस्तावों पर विचार किया जाएगा, जिन्हें राज्यों के साथ विस्तृत चर्चा के बाद तैयार किया गया है।

जीएसटी संग्रह के उत्साहजनक आँकड़े

वित्त मंत्री ने संग्रह के ताज़ा आँकड़े पेश करते हुए बताया कि अप्रैल-सितंबर 2026 के दौरान कुल जीएसटी संग्रह 11.6 प्रतिशत बढ़कर ₹12.46 लाख करोड़ हो गया। जून से सितंबर के बीच हर महीने दोहरे अंकों की वार्षिक वृद्धि दर्ज की गई, और इस चार महीने की अवधि में संग्रह लगभग 15 प्रतिशत बढ़ा। इसके अलावा, वित्त वर्ष की पहली छमाही में रिफंड के बाद नेट जीएसटी संग्रह में 10.4 प्रतिशत की वृद्धि हुई।

उपभोक्ता गतिविधि और पंजीकरण में उछाल

सीतारमण के अनुसार, अक्टूबर 2025 से जुलाई 2026 के बीच कर-योग्य आपूर्ति के मूल्य में पिछले वर्ष की तुलना में 25.8 प्रतिशत की वृद्धि हुई। सुधार के बाद के दौर में उपभोक्ता बिक्री (B2C सप्लाई) में 26.7 प्रतिशत की बढ़ोतरी दर्ज की गई। अगस्त 2026 के अंत तक जीएसटी पंजीकरणों की संख्या लगभग 1.71 करोड़ हो गई, जो एक वर्ष पूर्व की तुलना में करीब 15 प्रतिशत अधिक है।

रिफंड और राज्यों की आय

वित्त मंत्री ने बताया कि अप्रैल-सितंबर के दौरान लगभग ₹1.80 लाख करोड़ का रिफंड जारी किया गया। उन्होंने जोर दिया कि कारोबारियों के लिए रिफंड प्रक्रिया में अधिक अनुमान-योग्यता लानी होगी। इसी अवधि में राज्यों की कुल SGST प्राप्तियों — जिसमें IGST सेटलमेंट का उनका हिस्सा भी शामिल है — में लगभग 16 प्रतिशत की वृद्धि हुई, जो राजकोषीय संघवाद को मज़बूत करने का संकेत है।

छोटे कारोबारों और आम जनता पर असर

सीतारमण ने रेखांकित किया कि एक सरल और अनुमान-योग्य जीएसटी प्रणाली से टियर-2 और टियर-3 शहरों के छोटे कारोबारों को विस्तार का अवसर मिलेगा और वे भारत की समग्र वृद्धि में बड़ा योगदान दे सकेंगे। गौरतलब है कि यह ऐसे समय में आया है जब सरकार घरेलू माँग को बनाए रखने और औपचारिक अर्थव्यवस्था को व्यापक बनाने के लिए एक साथ कई मोर्चों पर काम कर रही है। आने वाले हफ्तों में जीएसटी काउंसिल की बैठक के बाद प्रक्रिया सुधारों की रूपरेखा और स्पष्ट होने की उम्मीद है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन असली परीक्षा 'प्रक्रिया सरलीकरण' के वास्तविक क्रियान्वयन की होगी — क्योंकि यह वादा वर्षों से काउंसिल की बैठकों में दोहराया जाता रहा है। टियर-2 और टियर-3 शहरों के छोटे कारोबारी अभी भी रिटर्न फाइलिंग की जटिलता और रिफंड की अनिश्चितता से जूझते हैं। 7 अक्टूबर की काउंसिल बैठक में आने वाले प्रस्तावों में यदि ठोस समयसीमा और जवाबदेही तंत्र नहीं होगा, तो यह भी पिछले 'सुधार चक्रों' की तरह घोषणाओं तक सीमित रह सकता है। संग्रह वृद्धि का श्रेय पूरी तरह नीतिगत सफलता को देना जल्दबाजी होगी — आर्थिक गतिविधि और मुद्रास्फीति का योगदान भी इसमें है।
RashtraPress
5 अक्टूबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

जीएसटी सुधारों का अगला चरण क्या है?
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण के अनुसार, अगला चरण प्रक्रिया सुधार पर केंद्रित होगा — यानी अनुपालन में लगने वाले समय और लागत को कम करना। 22 सितंबर 2025 को लागू दरों में बदलाव पहला चरण था, और यह दूसरा चरण होगा जो जल्द जीएसटी काउंसिल के सामने रखा जाएगा।
अप्रैल-सितंबर 2026 में जीएसटी संग्रह कितना रहा?
अप्रैल-सितंबर 2026 में कुल जीएसटी संग्रह 11.6 प्रतिशत बढ़कर ₹12.46 लाख करोड़ हो गया। रिफंड के बाद नेट संग्रह में 10.4 प्रतिशत की वृद्धि हुई और जून से सितंबर तक हर महीने दोहरे अंकों की वार्षिक बढ़त दर्ज की गई।
7 अक्टूबर 2026 की जीएसटी काउंसिल बैठक में क्या होगा?
7 अक्टूबर को जीएसटी काउंसिल उन प्रस्तावों पर विचार करेगी जो राज्यों के साथ मिलकर तैयार किए गए हैं। इनका उद्देश्य अनुपालन की प्रक्रिया को सरल और कम खर्चीला बनाना है, ताकि करदाताओं और कारोबारियों को अधिक निश्चितता मिल सके।
छोटे कारोबारियों को जीएसटी सुधारों से क्या फायदा होगा?
सीतारमण के अनुसार, सरल और अनुमान-योग्य जीएसटी प्रणाली से टियर-2 और टियर-3 शहरों के छोटे व्यवसायों को विस्तार का अवसर मिलेगा। इससे उनकी अनुपालन लागत घटेगी और वे भारत की समग्र आर्थिक वृद्धि में बड़ा योगदान दे सकेंगे।
जीएसटी पंजीकरण में कितनी बढ़ोतरी हुई है?
अगस्त 2026 के अंत तक जीएसटी पंजीकरणों की संख्या लगभग 1.71 करोड़ हो गई, जो एक वर्ष पहले की तुलना में करीब 15 प्रतिशत अधिक है। यह औपचारिक अर्थव्यवस्था में अधिक कारोबारियों के शामिल होने का संकेत है।
राष्ट्र प्रेस
सिलसिला

जुड़े बिंदु

इस ख़बर के पीछे की कड़ियाँ — सबसे नई पहले।

8 बिंदु
  1. नवीनतम 1 सप्ताह पहले
  2. 5 महीने पहले
  3. 6 महीने पहले
  4. 6 महीने पहले
  5. 1 साल पहले
  6. 1 साल पहले
  7. 1 साल पहले
  8. 1 साल पहले