क्या जीएसटी रेट कट से उपभोक्ताओं को 2 लाख करोड़ रुपए की बचत होगी? : वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण
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विशाखापत्तनम, 17 सितंबर (राष्ट्र प्रेस)। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने बुधवार को जानकारी दी कि जीएसटी 2.0 सुधारों के तहत वस्तुओं और सेवाओं पर कर दरों में कमी के परिणामस्वरूप उपभोक्ताओं को 2 लाख करोड़ रुपए की बचत होगी, जिससे आम जन के पास बचत या विवेकाधीन खर्च के लिए अधिक धनराशि उपलब्ध होगी।
नेक्स्ट जेनरेशन जीएसटी रिफॉर्म्स पर एक आउटरीच एंड इंटरेक्शन कार्यक्रम में वित्त मंत्री ने कहा कि जीएसटी परिषद के निर्णयों का मुख्य उद्देश्य उपभोक्ताओं पर कर का बोझ कम करना और अर्थव्यवस्था में तरलता में सुधार लाना है।
उन्होंने बताया कि अब 99 प्रतिशत वस्तुएं 5 प्रतिशत जीएसटी स्लैब के अंतर्गत आ गई हैं, जो मध्यम वर्ग और गरीबों के लिए लाभकारी होगा।
हाल के सुधारों को जीएसटी संरचना के एक बड़े सरलीकरण का प्रतीक माना जा रहा है। पूर्व में निर्धारित 12 प्रतिशत और 28 प्रतिशत की दरों को समाप्त कर 5 प्रतिशत और 18 प्रतिशत की दो-स्लैब प्रणाली में परिवर्तन से करों में कमी आई है और यह ढांचा अधिक पारदर्शी बना है।
वित्त मंत्री ने आगे बताया कि ये सुधार कृषि से संबंधित वस्तुओं पर कर में कमी लाने और कृषि आधुनिकीकरण को बढ़ावा देकर किसानों की आय में वृद्धि करेंगे।
उन्होंने यह भी कहा कि एमएसएमई और रोजगार सृजन क्षेत्रों को भी लागत में कमी और बेहतर अवसर मिलने से लाभ होगा। उन्होंने आगे बताया कि जीएसटी के ये सुधार खरीद शक्ति को बढ़ाएंगे और देशभर के आम नागरिकों की बचत को बढ़ावा देंगे।
वित्त मंत्री ने यह भी उल्लेख किया कि जीएसटी राजस्व 2018 के 7.19 लाख करोड़ रुपए से बढ़कर 2025 में 22.08 लाख करोड़ रुपए होने की उम्मीद है, जबकि कर का भुगतान करने वाली संस्थाओं की संख्या 65 लाख से बढ़कर 1.51 करोड़ हो गई है।
उन्होंने कहा कि ये दूरगामी बदलाव प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विकसित भारत और आत्मनिर्भर भारत के सपने को साकार करने में मदद करेंगे। 22 सितंबर से लागू होने वाले जीएसटी सुधार टैक्स संरचना को सरल बनाते हैं और आर्थिक विकास को बढ़ावा देते हैं।
वित्त मंत्री ने विश्वास व्यक्त किया कि यह ऐतिहासिक कर सुधार हर नागरिक को सशक्त बनाएगा और भारत की अर्थव्यवस्था को मजबूत करेगा।