क्या 16 अक्टूबर को एनएसई पर सूचीबद्ध होगा गुजरात का पहला ग्रीन बॉन्ड?

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क्या 16 अक्टूबर को एनएसई पर सूचीबद्ध होगा गुजरात का पहला ग्रीन बॉन्ड?

सारांश

गुजरात का पहला ग्रीन बॉन्ड, जो 16 अक्टूबर को एनएसई पर सूचीबद्ध होगा, सूरत नगर निगम द्वारा जारी किया गया है। यह बॉन्ड आठ गुना सब्सक्राइब हुआ है और शहर में ग्रीन परियोजनाओं के लिए वित्तपोषण करेगा। आइए जानते हैं इस महत्वपूर्ण पहल के बारे में।

मुख्य बातें

गुजरात का पहला ग्रीन बॉन्ड 16 अक्टूबर को सूचीबद्ध होगा।
यह सूरत नगर निगम द्वारा जारी किया गया है।
बॉन्ड का आकार 200 करोड़ रुपए है।
बॉन्ड आठ गुना सब्सक्राइब हुआ है।
यह ग्रीन परियोजनाओं को वित्तपोषित करेगा।

सूरत, १३ अक्टूबर (राष्ट्र प्रेस)। गुजरात राज्य का पहला ग्रीन बॉन्ड १६ अक्टूबर को नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (एनएसई) पर सूचीबद्ध होने जा रहा है। इसे सूरत नगर निगम द्वारा जारी किया गया है। यह जानकारी सरकार ने प्रदान की है।

सूरत नगर निगम की नगर आयुक्त शालिनी अग्रवाल ने समाचार एजेंसी राष्ट्र प्रेस से बातचीत में बताया, "प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के २०७० तक नेट जीरो के लक्ष्य के अनुरूप यह ग्रीन बॉन्ड जारी किए गए हैं। यह ग्रीन म्युनिसिपल बॉन्ड ६ अक्टूबर से ९ अक्टूबर के बीच सब्सक्रिप्शन के लिए उपलब्ध था। इसका आकार २०० करोड़ रुपए था और इसे आठ गुना से अधिक सब्सक्राइब किया गया है।"

नगर आयुक्त ने बताया कि शहरों में ग्रीन परियोजनाओं को वित्तपोषित करने के लिए केंद्र सरकार ने म्युनिसिपल इनोवेटिव फाइनेंस को बढ़ावा देने के लिए कई सुधार किए हैं, जिसमें ग्रीन बॉन्ड भी शामिल है।

उन्होंने आगे कहा, "यह अंतरराष्ट्रीय प्रमाणपत्र के साथ जारी होने वाला देश का पहला ग्रीन बॉन्ड है। इन बॉन्ड्स से प्राप्त धन का उपयोग शहर में ग्रीन प्रोजेक्ट्स को वित्तपोषित करने के लिए किया जाएगा, जिसमें सोलर पावर प्लांट, विंड पावर प्लांट, सॉलिड वेस्ट और वॉटर सप्लाई प्रोजेक्ट्स शामिल हैं।"

अंत में उन्होंने कहा कि इस बॉन्ड की लिस्टिंग मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल की अध्यक्षता में एनएसई पर की जाएगी।

पिछले महीने केंद्रीय पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन मंत्री भूपेंद्र यादव ने कहा था कि भारत को अपने नेट-जीरो लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए २०७० तक १० ट्रिलियन डॉलर से अधिक की आवश्यकता होगी। इस दिशा में देश ब्लेंडेड फाइनेंस मैकेनिज्म को बढ़ावा दे रहा है, जो रिन्यूएबल एनर्जी, एनर्जी एफिशिएंसी, इलेक्ट्रिक मोबिलिटी, वेस्ट-टू-वेल्थ, और नेचर-बेस्ड सॉल्यूशन में निजी निवेश को बढ़ावा देने के लिए सार्वजनिक धन का प्रयोग करेगा।

केंद्रीय मंत्री ने कहा कि ग्रीन फाइनेंसिंग को ऐसा इकोनॉमिक सिस्टम बनाना चाहिए, जिसमें विकास इकोलॉजी के कल्याण के साथ-साथ कम्युनिटी की हेल्थ से भी जुड़ा हो।

संपादकीय दृष्टिकोण

बल्कि पूरे देश के लिए एक महत्वपूर्ण कदम है। इससे न केवल पर्यावरण संरक्षण को बढ़ावा मिलेगा, बल्कि आर्थिक विकास में भी सहायता मिलेगी। ग्रीन फाइनेंसिंग को बढ़ावा देने से भारत के नेट जीरो लक्ष्य की दिशा में प्रगति होगी।
RashtraPress
13 मई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

गुजरात का पहला ग्रीन बॉंड कब सूचीबद्ध होगा?
गुजरात का पहला ग्रीन बॉंड 16 अक्टूबर को एनएसई पर सूचीबद्ध होगा।
इस ग्रीन बॉंड का सब्सक्रिप्शन कब हुआ था?
यह ग्रीन म्युनिसिपल बॉंड 6 अक्टूबर से 9 अक्टूबर के बीच सब्सक्रिप्शन के लिए खुला था।
यह ग्रीन बॉंड किस राशि का है?
इस ग्रीन बॉंड का आकार 200 करोड़ रुपए है।
इस ग्रीन बॉंड से प्राप्त धन का उपयोग किस लिए होगा?
इस ग्रीन बॉंड से प्राप्त धन का उपयोग शहर में ग्रीन परियोजनाओं के लिए किया जाएगा।
क्या यह ग्रीन बॉंड अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मान्यता प्राप्त है?
हाँ, यह अंतरराष्ट्रीय प्रमाणपत्र के साथ जारी होने वाला देश का पहला ग्रीन बॉंड है।
राष्ट्र प्रेस