HDFC बैंक का Q2FY27 मुनाफा 4.7% बढ़कर ₹19,510 करोड़, प्रोविजनिंग ₹3,574 करोड़ पर पहुँची
सारांश
मुख्य बातें
HDFC बैंक ने 17 अक्टूबर 2026 को वित्त वर्ष 2026-27 की दूसरी तिमाही (जुलाई-सितंबर) के नतीजे घोषित किए, जिनमें बैंक का शुद्ध लाभ सालाना आधार पर 4.7 प्रतिशत बढ़कर ₹19,510 करोड़ हो गया। एक वर्ष पहले की समान तिमाही में यह आँकड़ा ₹18,641 करोड़ था। हालाँकि, बैंक की प्रोविजनिंग में भी वृद्धि दर्ज हुई है, जो बढ़कर ₹3,574 करोड़ पर पहुँच गई है।
मुख्य वित्तीय संकेतक
बैंक की शुद्ध ब्याज आय (NII) सालाना आधार पर 10 प्रतिशत बढ़कर ₹34,619 करोड़ रही। शुद्ध ब्याज मार्जिन (NIM) 3.16 प्रतिशत पर स्थिर रहा। परिचालन से मुनाफा (ऑपरेटिंग प्रॉफिट) 5.6 प्रतिशत बढ़कर ₹29,483 करोड़ हो गया, जो कि सितंबर 2025 तिमाही में ₹27,923 करोड़ था। ये आँकड़े बैंक ने स्टॉक एक्सचेंज फाइलिंग में जारी किए।
संपत्ति गुणवत्ता में सुधार
परिसंपत्ति गुणवत्ता के मोर्चे पर बैंक को राहत मिली है। ग्रॉस NPA पिछले 1.17 प्रतिशत से घटकर 1.11 प्रतिशत पर आ गया। इसी तरह नेट NPA भी 0.41 प्रतिशत से घटकर 0.37 प्रतिशत पर आ गया। गौरतलब है कि NPA में यह कमी बैंक की ऋण वसूली प्रक्रिया और अंडरराइटिंग मानकों की मज़बूती को दर्शाती है।
ऋण और जमा में विस्तार
प्रबंधन के तहत औसत एडवांस सालाना आधार पर 14.1 प्रतिशत बढ़कर ₹31.87 लाख करोड़ हो गए। 30 सितंबर 2026 तक ग्रॉस एडवांस ₹32.20 लाख करोड़ रहे, जो एक वर्ष पूर्व की तुलना में 16.3 प्रतिशत अधिक हैं। रिटेल लोन में 11.7 प्रतिशत और MSME को दिए गए ऋण में 23.5 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई।
औसत जमा राशि सालाना आधार पर 16.8 प्रतिशत बढ़कर ₹31.66 लाख करोड़ हो गई। औसत CASA जमा 10.7 प्रतिशत की वृद्धि के साथ ₹9.71 लाख करोड़ पर पहुँच गई।
प्रोविजनिंग में बढ़त चिंता का विषय
बैंक की प्रोविजनिंग इस तिमाही में बढ़कर ₹3,574 करोड़ हो गई, जो एक वर्ष पहले ₹3,500 करोड़ और पिछली तिमाही (अप्रैल-जून 2026) में ₹3,059 करोड़ थी। विश्लेषकों के अनुसार, प्रोविजनिंग में यह क्रमिक वृद्धि कुछ पोर्टफोलियो सेगमेंट में तनाव का संकेत दे सकती है, हालाँकि समग्र NPA अनुपात में सुधार हुआ है।
नेटवर्क विस्तार और आगे की राह
30 सितंबर 2026 तक बैंक के डिस्ट्रीब्यूशन नेटवर्क में 4,177 शहरों और कस्बों में 9,706 शाखाएँ और 20,881 ATM शामिल हैं। एक वर्ष पहले यह आँकड़ा 4,156 शहरों में 9,545 शाखाएँ और 21,417 ATM था। उल्लेखनीय है कि बैंक की 50 प्रतिशत शाखाएँ अर्ध-शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों में हैं, जो वित्तीय समावेशन के प्रति इसकी प्रतिबद्धता को रेखांकित करती हैं। MSME ऋण वृद्धि और ग्रामीण विस्तार की यह रणनीति आगामी तिमाहियों में बैंक के लिए विकास का प्रमुख स्रोत बन सकती है।