क्या भारत यूपीआई को अन्य देशों में फैलाने की तैयारी कर रहा है?

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क्या भारत यूपीआई को अन्य देशों में फैलाने की तैयारी कर रहा है?

सारांश

भारत अब यूपीआई को अधिक देशों में फैलाने के लिए सक्रिय है, विशेष रूप से पूर्वी एशिया में। एम नागराजू के अनुसार, यह प्रणाली भारतीय डिजिटल भुगतान को वैश्विक पहचान दिलाने का प्रयास है। जानिए इस पहल के पीछे की जानकारी और इसके लाभ।

Key Takeaways

  • यूपीआई ने डिजिटल भुगतान में क्रांति लाई है।
  • भारत की डिजिटल भुगतान प्रणाली वैश्विक पहचान प्राप्त कर रही है।
  • सरकार का ध्यान पूर्वी एशिया पर है।
  • विदेश में यूपीआई का उपयोग भारतीय पर्यटकों के लिए सहूलियत है।
  • सूक्ष्म उद्यमों का विकास आवश्यक है।

नई दिल्ली, 13 जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। भारत अपने स्थानीय डिजिटल भुगतान प्रणाली यूनिफाइड पेमेंट्स इंटरफेस (यूपीआई) को अधिक देशों में फैलाने के लिए प्रयासरत है। वित्त मंत्रालय के वित्तीय सेवा विभाग (डीएफएस) के सचिव एम नागराजू ने मंगलवार को यह जानकारी दी कि इस दिशा में पूर्वी एशिया के देशों पर विशेष ध्यान केंद्रित किया जा रहा है।

राष्ट्रीय राजधानी में आयोजित ग्लोबल इन्क्लूसिव फाइनेंस इंडिया समिट में नागराजू ने कहा कि यूपीआई ने भारत में डिजिटल भुगतान को तेजी से बढ़ावा देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। आज देश में होने वाले कुल डिजिटल लेनदेन का लगभग 50 प्रतिशत हिस्सा यूपीआई के जरिए किया जाता है।

उन्होंने बताया कि सरकार इस सफल प्रणाली को अन्य देशों में भी लागू करने की इच्छा रखती है, ताकि भारत की डिजिटल भुगतान प्रक्रिया को वैश्विक स्तर पर मान्यता मिल सके।

वर्तमान में, यूपीआई के माध्यम से लेनदेन 8 देशों में हो रहे हैं, जिनमें भूटान, सिंगापुर, कतर, मॉरीशस, नेपाल, संयुक्त अरब अमीरात, श्रीलंका और फ्रांस शामिल हैं।

विदेश में यूपीआई की सुविधा से भारतीय पर्यटक बिना नकद या अंतरराष्ट्रीय कार्ड के डिजिटल भुगतान कर सकते हैं, जिससे उन्हें बड़ी सहूलियत मिलती है।

एम नागराजू ने कहा कि भारत पहले से ही कुछ देशों में यूपीआई स्थापित कर चुका है और इसे और बढ़ाने का प्रयास कर रहा है। उन्होंने बताया कि वर्तमान में सरकार का ध्यान विशेष रूप से पूर्वी एशिया के देशों पर है, ताकि यूपीआई को एक वैश्विक भुगतान मंच बनाया जा सके।

उन्होंने कहा कि भारत में यूपीआई का उपयोग तेजी से बढ़ा है। केवल दिसंबर 2025 में ही यूपीआई के माध्यम से 21 अरब से अधिक लेनदेन हुए।

नागराजू के अनुसार, डिजिटल भुगतान में तेजी लाने का एक प्रमुख कारण प्रधानमंत्री जनधन योजना के तहत खोले गए बैंक खाते हैं। इन खातों में लोगों द्वारा रखे जाने वाले औसत धन की मात्रा भी धीरे-धीरे बढ़ रही है।

यूपीआई का संचालन नेशनल पेमेंट्स कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया (एनपीसीआई) करता है, जो देश की खुदरा भुगतान और निपटान प्रणालियों को संचालित करता है।

एनपीसीआई भारतीय रिजर्व बैंक और भारतीय बैंक संघ द्वारा समर्थित एक पहल है।

डिजिटल भुगतान के अलावा, नागराजू ने देश के सूक्ष्म उद्यमों को विकसित करने की आवश्यकता पर भी जोर दिया। उन्होंने कहा कि देश में करोड़ों छोटे उद्यम हैं, लेकिन बहुत कम उद्यम ही मध्य या बड़े स्तर तक पहुँच पाते हैं।

उन्होंने आगे कहा कि जब सूक्ष्म उद्यमों को बेहतर बाजार पहुंच, उत्पादन बढ़ाने के साधन, तकनीक और आधुनिक मशीनें मिलेंगी, तभी वे आगे बढ़कर बड़े उद्यम बन सकेंगे।

Point of View

यह स्पष्ट है कि भारत की यूपीआई की पहल न केवल देश की आर्थिक स्थिति को मजबूत करेगी, बल्कि वैश्विक स्तर पर डिजिटल भुगतान को भी प्रोत्साहित करेगी। इससे भारत की पहचान बढ़ेगी और अंतरराष्ट्रीय बाजार में एक नई पहचान बनेगी।
NationPress
13/01/2026

Frequently Asked Questions

यूपीआई क्या है?
यूपीआई एक स्वदेशी डिजिटल भुगतान प्रणाली है जो उपयोगकर्ताओं को तुरंत पैसे भेजने और प्राप्त करने में सक्षम बनाती है।
भारत यूपीआई को किन देशों में लागू कर रहा है?
भारत ने यूपीआई को भूटान, सिंगापुर, कतर, मॉरीशस, नेपाल, संयुक्त अरब अमीरात, श्रीलंका और फ्रांस में लागू किया है।
यूपीआई का महत्व क्या है?
यूपीआई ने भारत में डिजिटल भुगतान के क्षेत्र में क्रांति ला दी है, जिससे लेनदेन की प्रक्रिया सरल और तेज हो गई है।
डिजिटल भुगतान में वृद्धि का कारण क्या है?
प्रधानमंत्री जनधन योजना के तहत खुले बैंक खातों के कारण डिजिटल भुगतान में तेजी आई है।
यूपीआई का संचालन कौन करता है?
यूपीआई का संचालन नेशनल पेमेंट्स कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया (एनपीसीआई) करता है।
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