क्या नए लेबर कोड से खदान श्रमिकों के लिए सामाजिक सुरक्षा को बढ़ावा मिलेगा?

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क्या नए लेबर कोड से खदान श्रमिकों के लिए सामाजिक सुरक्षा को बढ़ावा मिलेगा?

सारांश

क्या नए लेबर कोड से खदान श्रमिकों की सामाजिक सुरक्षा को मजबूती मिलेगी? केंद्रीय मंत्री शोभा करंदलाजे ने इस विषय पर महत्वपूर्ण बयान दिया है। जानें इस नई नीति के पीछे के उद्देश्य और खदान श्रमिकों के प्रति सरकार की प्रतिबद्धता।

Key Takeaways

  • चार नए लेबर कोड खदान श्रमिकों के लिए सामाजिक सुरक्षा बढ़ाने का प्रयास हैं।
  • डीजीएमएस खनन सुरक्षा में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।
  • सरकार ने खदान श्रमिकों की सुरक्षा को प्राथमिकता दी है।
  • नए कोड से खनन क्षेत्र में सुरक्षा मानक लागू होंगे।
  • श्रमिकों का योगदान राष्ट्र निर्माण में महत्वपूर्ण है।

नई दिल्ली, 7 जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। चार नए लेबर कोड का उद्देश्य 'विकसित भारत' की दिशा में कदम बढ़ाना और खदान श्रमिकों के लिए सामाजिक सुरक्षा सुनिश्चित करना है। यह जानकारी केंद्रीय श्रम और रोजगार राज्य मंत्री शोभा करंदलाजे द्वारा बुधवार को दी गई।

उन्होंने डायरेक्टरेट जनरल ऑफ माइंस सेफ्टी (डीजीएमएस) से अनुरोध किया कि कोड्स के प्रति जागरूकता बढ़ाने के लिए मॉडर्न टेक्नोलॉजी का उपयोग करें और माइन सेफ्टी में सुधार करें। मंत्रालय ने डीजीएमएस को सुरक्षित और टिकाऊ खनन के लिए समर्थन देने का आश्वासन दिया।

झारखंड के धनबाद में डीजीएमएस के 125वें स्थापना दिवस पर बोलते हुए, उन्होंने कहा कि डीजीएमएस की 125 साल की यात्रा अधिकारियों और खदान श्रमिकों की कई पीढ़ियों के प्रयासों और बलिदानों को उजागर करती है।

करंदलाजे ने कहा कि आज की खनन गतिविधियां सीधे तौर पर भारत की ग्रोथ स्टोरी से जुड़ी हैं।

उन्होंने उन खदान मजदूरों को श्रद्धांजलि दी, जिनकी हिम्मत और लगन, जो अक्सर जान के खतरे में होती है, खनन को संभव बनाती है और राष्ट्र निर्माण में योगदान करती है।

मंत्री ने दोहराया कि श्रमिकों की सुरक्षा मंत्रालय की प्राथमिकता है, जो प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 'पहले सुरक्षा' के दृष्टिकोण के अनुसार है।

उन्होंने सभी खनन ऑपरेशन्स में समान सुरक्षा मानकों की गारंटी देने के लिए डीजीएमएस की भूमिका पर जोर दिया और सुरक्षा नियमों को प्रभावी ढंग से लागू करने के लिए केंद्र-राज्य के सहयोग की आवश्यकता की बात कही।

1902 में स्थापित डीजीएमएस, भारत में खदानों की सुरक्षा और स्वास्थ्य मानकों को नियंत्रित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है, जिससे खदान श्रमिकों की भलाई और खनन उद्योग के टिकाऊ विकास में योगदान मिल रहा है।

करंदलाजे ने प्रदर्शनी, पुराने रिकॉर्ड सेक्शन और मॉडल्स गैलरी का दौरा किया, जिसमें भारत में खदान सुरक्षा तरीकों की समृद्ध विरासत और विकास को प्रदर्शित किया गया।

इस अवसर पर मंत्री ने नया डीजीएमएस लोगो जारी किया, जो पुराने लोगो का स्थान लेता है। उन्होंने डीजीएमएस थीम सॉन्ग और संगठन की यात्रा और योगदान को दर्शाने वाली एक डिजिटल कॉफी टेबल बुक भी जारी की। खदान सुरक्षा में बेहतरीन तरीकों का एक डिजिटल संकलन भी प्रस्तुत किया गया।

Point of View

NationPress
08/01/2026

Frequently Asked Questions

नए लेबर कोड का मुख्य उद्देश्य क्या है?
नए लेबर कोड का मुख्य उद्देश्य खदान श्रमिकों के लिए सामाजिक सुरक्षा सुनिश्चित करना है।
डीजीएमएस का क्या महत्व है?
डीजीएमएस खदानों की सुरक्षा और स्वास्थ्य मानकों को नियंत्रित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।
सरकार खदान श्रमिकों की सुरक्षा के लिए क्या कर रही है?
सरकार सभी खनन ऑपरेशन्स में समान सुरक्षा मानकों को लागू करने के लिए प्रयास कर रही है।
शोभा करंदलाजे ने क्या कहा?
उन्होंने खदान श्रमिकों की हिम्मत और लगन को सराहा और उनकी सुरक्षा को प्राथमिकता देने का आश्वासन दिया।
क्या नए कोड से खदान श्रमिकों के जीवन में सुधार होगा?
हां, नए लेबर कोड से खदान श्रमिकों के जीवन में सकारात्मक बदलाव की उम्मीद है।
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