क्या शशिकला और ओपीएस की अन्नाद्रमुक या एनडीए में कोई जगह नहीं है?

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क्या शशिकला और ओपीएस की अन्नाद्रमुक या एनडीए में कोई जगह नहीं है?

सारांश

अध्यक्ष पलानीस्वामी का स्पष्ट बयान, शशिकला और ओपीएस को पार्टी में शामिल नहीं किया जाएगा। अन्नाद्रमुक का मजबूत संगठन बना रहेगा। भाजपा से संबंधों में कोई हस्तक्षेप नहीं। जानें पलानीस्वामी के महत्वपूर्ण विचार और राजनीतिक स्थिति पर उनके रुख के बारे में।

Key Takeaways

  • पलानीस्वामी का स्पष्ट रुख शशिकला और ओपीएस के खिलाफ है।
  • भाजपा की अन्नाद्रमुक के आंतरिक मामलों में कोई भूमिका नहीं होगी।
  • एएमएमके के शामिल होने की संभावना पर अनिश्चितता।

चेन्नई, 8 जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। अखिल भारतीय अन्ना द्रविड़ मुनेत्र कड़गम (अन्नाद्रमुक) के महासचिव और पूर्व मुख्यमंत्री एडप्पादी के. पलानीस्वामी ने गुरुवार को स्पष्ट किया कि वी.के. शशिकला या ओ. पन्नीरसेल्वम (ओपीएस) के साथ न तो पार्टी में और न ही द्रविड़ राजनीति का नेतृत्व करने वाले किसी बड़े गठबंधन में कोई सुलह की संभावना है।

नई दिल्ली हवाई अड्डे पर पत्रकारों से बातचीत में पलानीस्वामी ने कहा कि इस मुद्दे पर उनका रुख “बार-बार और बिना किसी भ्रम के” स्पष्ट किया जा चुका है। उन्होंने बताया कि बुधवार रात उन्होंने केंद्रीय गृह मंत्री और वरिष्ठ भाजपा नेता अमित शाह से मुलाकात की थी।

अन्नाद्रमुक और भाजपा के बीच संबंधों को बहाल करने के दौरान हुई चर्चाओं का उल्लेख करते हुए पलानीस्वामी ने कहा कि गृह मंत्री अमित शाह ने उन्हें आश्वस्त किया था कि भाजपा, अन्नाद्रमुक के आंतरिक मामलों में हस्तक्षेप नहीं करेगी।

जब उनसे टी.टी.वी. दिनाकरन के नेतृत्व वाली अम्मा मक्कल मुनेत्र कड़गम (एएमएमके) को गठबंधन में शामिल करने की संभावनाओं के बारे में पूछा गया तो अन्नाद्रमुक महासचिव ने इसे “अटकलें” बताते हुए टिप्पणी करने से इनकार कर दिया। हालांकि, उन्होंने यह जरूर कहा कि भविष्य में और भी दल गठबंधन से जुड़ सकते हैं, लेकिन उन्होंने कोई विवरण नहीं दिया।

इस सुझाव पर कि शशिकला और पन्नीरसेल्वम को शामिल करने से अन्नाद्रमुक-नेतृत्व वाले एनडीए मोर्चे को मजबूती मिल सकती है, पलानीस्वामी ने जोर देकर कहा कि अन्नाद्रमुक एक “मजबूत संगठन” है। उन्होंने बताया कि 2021 के विधानसभा चुनाव में अन्नाद्रमुक और द्रमुक के बीच कुल वोटों का अंतर लगभग दो लाख था।

पूर्व मुख्यमंत्री ने यह भी स्पष्ट किया कि वे हाल ही में तमिलनाडु दौरे पर आए गृह मंत्री अमित शाह से इसलिए नहीं मिल पाए क्योंकि वे सलेम और कल्लाकुरिची में पार्टी कार्यक्रमों में व्यस्त थे। हालांकि, बाद में उन्होंने राज्य की राजनीतिक स्थिति से उन्हें अवगत करा दिया।

पलानीस्वामी ने याद दिलाया कि 2021 में एएमएमके को एनडीए गठबंधन में लाने के प्रयास किए गए थे, लेकिन वे सफल नहीं हो सके। इसके बाद दिनाकरन और पन्नीरसेल्वम 2024 के लोकसभा चुनाव के दौरान भाजपा के साथ आए, हालांकि अप्रैल 2025 में अन्नाद्रमुक और भाजपा के रिश्ते दोबारा बहाल होने के कुछ महीनों बाद वे एनडीए से अलग हो गए।

हालिया रिपोर्टों के अनुसार, दोनों नेता अभिनेता-राजनेता विजय के नेतृत्व वाली तमिलगा वेत्री कड़गम (टीवीके) के संपर्क में हैं, जबकि देशिया मुरपोक्कु द्रविड़ कड़गम (डीएमडीके) को भी अन्नाद्रमुक-नेतृत्व वाले मोर्चे का संभावित सहयोगी माना जा रहा है।

तमिल मीडिया की कुछ रिपोर्टों में कहा गया है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के संभावित दौरे से पहले भाजपा इस महीने के अंत तक गठबंधन को अंतिम रूप देने की इच्छुक है।

Point of View

पलानीस्वामी का यह बयान अन्नाद्रमुक के भीतर की शक्ति संतुलन को दर्शाता है। यह स्पष्ट है कि पार्टी अपने आंतरिक मुद्दों को सुलझाने के लिए गंभीर है और किसी भी बाहरी हस्तक्षेप को अस्वीकार करती है।
NationPress
09/01/2026

Frequently Asked Questions

क्या शशिकला और ओपीएस की पार्टी में वापसी संभव है?
पलानीस्वामी ने कहा है कि उनके साथ कोई सुलह की संभावना नहीं है।
अन्नाद्रमुक और भाजपा के बीच क्या संबंध हैं?
पलानीस्वामी ने बताया कि भाजपा अन्नाद्रमुक के आंतरिक मामलों में हस्तक्षेप नहीं करेगी।
क्या एएमएमके को गठबंधन में शामिल किया जाएगा?
पलानीस्वामी ने इसे अटकलें बताते हुए टिप्पणी करने से इनकार किया।
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