नॉन-लाइफ इंश्योरेंस प्रीमियम अगस्त में 10% बढ़कर ₹27,455 करोड़, हेल्थ सेगमेंट में 32.5% उछाल
सारांश
मुख्य बातें
नॉन-लाइफ इंश्योरेंस प्रीमियम अगस्त 2026 में सालाना आधार पर 10 प्रतिशत बढ़कर ₹27,455 करोड़ पर पहुँच गया, जिसमें हेल्थ इंश्योरेंस सेगमेंट की अगुवाई सबसे आगे रही। केयरएज रेटिंग्स की ताज़ा रिपोर्ट में यह जानकारी दी गई है, जो भारतीय गैर-जीवन बीमा क्षेत्र की बढ़ती गहराई को रेखांकित करती है।
मुख्य आँकड़े और विकास के कारण
केयरएज रेटिंग्स की रिपोर्ट के अनुसार, अगस्त में ग्रोथ का एक बड़ा कारण फसल बीमा पंजीकरण की समय-सीमा में बदलाव रहा। राज्यों ने खरीफ फसल पंजीकरण की अंतिम तिथि 31 जुलाई से आगे बढ़ाकर अगस्त कर दी, जिससे जुलाई में फसल प्रीमियम तीन गुना बढ़कर ₹3,274 करोड़ हो गया था और कारोबार का एक हिस्सा अगस्त में स्थानांतरित हो गया।
इस प्रभाव के चलते वित्त वर्ष 2027 में अप्रैल से अगस्त के बीच इंडस्ट्री की संचयी ग्रोथ एक साल पहले के 6 प्रतिशत से बढ़कर 9.6 प्रतिशत हो गई। रिपोर्ट में कहा गया कि फसल प्रीमियम में बढ़ोतरी से आग और फसल से जुड़े नुकसान का असर 11.1 प्रतिशत अंक से घटकर 4.2 प्रतिशत अंक रह गया।
हेल्थ इंश्योरेंस: लगातार पाँचवें महीने 30% से अधिक वृद्धि
अगस्त में हेल्थ इंश्योरेंस प्रीमियम सालाना आधार पर 18 प्रतिशत बढ़कर ₹10,834 करोड़ हो गया। यह लगातार पाँचवाँ महीना रहा जब हेल्थ सेगमेंट ने 30 प्रतिशत से अधिक की वृद्धि दर्ज की — अगस्त में यह दर 32.5 प्रतिशत रही। अप्रैल-अगस्त 2027 के दौरान हेल्थ प्रीमियम की संचयी वृद्धि 20.9 प्रतिशत रही।
कुल प्रीमियम में हेल्थ इंश्योरेंस का हिस्सा अगस्त में 39.5 प्रतिशत और वित्त वर्ष 27 के अप्रैल-अगस्त में 44 प्रतिशत रहा — जो इस सेगमेंट की प्रमुखता को दर्शाता है।
विशेषज्ञ का नज़रिया
केयरएज रेटिंग्स के डायरेक्टर प्रियेश रूपारेलिया ने कहा, 'हेल्थ इंश्योरेंस ग्रोथ का मुख्य कारण बना हुआ है और इस ग्रोथ की क्वालिटी में भी सुधार हुआ है — रिन्यूअल रेट में बढ़ोतरी, क्लेम रेश्यो में कमी और नए ग्राहकों का जुड़ना इसकी वजहें हैं।'
मोटर सेगमेंट में सुस्ती पर रूपारेलिया ने स्पष्ट किया, 'इस सुस्ती का मतलब रिटेल डिमांड में कमी नहीं है। यह वाहन पंजीकरण में कमी और सरकारी हेल्थ योजनाओं के प्रीमियम की बुकिंग में उतार-चढ़ाव को दर्शाता है।'
मोटर और अन्य सेगमेंट की स्थिति
आग और फसल बीमा को छोड़कर, जुलाई में इंडस्ट्री की ग्रोथ लगभग 17 प्रतिशत से घटकर 14.3 प्रतिशत रह गई, जिसका कारण वाहन बिक्री और मोटर इंश्योरेंस कारोबार में आई सुस्ती बताई गई। हालाँकि मोटर इंश्योरेंस ने भी लगातार पाँचवें महीने डबल-डिजिट ग्रोथ दर्ज की।
गौरतलब है कि प्राइवेट इंश्योरर्स और स्टैंडअलोन हेल्थ इंश्योरर्स ने अगस्त में कुल प्रीमियम का 73.3 प्रतिशत हिस्सा हासिल किया, जो चालू वर्ष का सर्वाधिक है और सरकारी कंपनियों पर निजी क्षेत्र की बढ़त को स्पष्ट करता है।
आगे की दिशा
रिपोर्ट में कहा गया है कि सितंबर के दूसरे पखवाड़े से रिटेल हेल्थ ग्रोथ की रफ्तार थोड़ी धीमी पड़ सकती है, क्योंकि तब GST से जुड़े बेस की तुलना का आधार सामने आएगा। फिर भी उद्योग विश्लेषकों की दृष्टि में हेल्थ और मोटर सेगमेंट की दीर्घकालिक गति मज़बूत बनी हुई है।