क्या एआई इंसानों की नौकरियां छीनने वाला है या मददगार बनेगा? डब्ल्यूईएफ 2026 में विशेषज्ञों का विचार

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क्या एआई इंसानों की नौकरियां छीनने वाला है या मददगार बनेगा? डब्ल्यूईएफ 2026 में विशेषज्ञों का विचार

सारांश

क्या एआई वाकई इंसानों की नौकरियां छीनने वाला है? डब्ल्यूईएफ 2026 में विशेषज्ञों ने इस पर प्रकाश डाला है कि एआई इंसानों की मदद करेगा, न कि उनकी नौकरियां लेगा। जानें इस महत्वपूर्ण चर्चा के बारे में।

Key Takeaways

  • एआई इंसानों की नौकरियां नहीं छीनेगा।
  • यह कार्य करने के तरीकों में सुधार करेगा।
  • सही भाषा का उपयोग जरूरी है।
  • एआई को एक उपकरण के रूप में देखना चाहिए।
  • प्रबंधन जिम्मेदारी आवश्यक है।

नई दिल्ली, 22 जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। दावोस में हो रहे विश्व आर्थिक मंच (डब्ल्यूईएफ) 2026 में शामिल तकनीकी कंपनियों के प्रमुख अधिकारियों ने कहा है कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) इंसानों की नौकरियां नहीं छीनने वाला है, बल्कि काम करने के तरीकों में बदलाव लाने वाला है। एआई कुछ कार्य स्वचालित रूप से कर सकता है, लेकिन यह सम्पूर्ण नौकरी का स्थान नहीं ले सकता।

वर्करा के संस्थापक और सीईओ कियान कटानफोरूश ने कहा कि एआई के विषय में सही भाषा का उपयोग करना अत्यंत आवश्यक है। वे एआई को 'सहकर्मी' कहने के पक्ष में नहीं हैं, क्योंकि एआई कुछ विशेष कार्य तो अच्छी तरह कर सकता है, परंतु इंसानों की तरह सम्पूर्ण नौकरी नहीं कर सकता।

उन्होंने यह बताया कि इंसान एक साथ सैकड़ों तरह के कार्य करते हैं, जबकि एआई केवल पूर्व निर्धारित कार्य ही कर सकता है। उन्होंने यह भी कहा कि अब तक यह अनुमान गलत साबित हुआ है कि एआई बड़े पैमाने पर लोगों की नौकरियों को समाप्त कर देगा।

हिप्पोक्रेटिक एआई के सह-संस्थापक और सीईओ मुंजाल शाह ने भी कहा कि एआई इंसानों की जगह नहीं लेगा, बल्कि कर्मचारियों की सहायता करेगा। उन्होंने भविष्य की कल्पना करते हुए कहा कि दुनिया में '8 अरब लोग और 80 अरब एआई सिस्टम' होंगे, जो नए कार्यों को सरल बनाएंगे।

उन्होंने एक उदाहरण दिया कि एक एआई सिस्टम ने गर्मी की लहर के दौरान हजारों लोगों को फोन करके उन्हें ठंडी जगहों पर जाने की सलाह दी और स्वास्थ्य से जुड़ी जानकारी दी। उन्होंने कहा कि ऐसे सिस्टम को सही तरीके से लागू करने के लिए कड़े परीक्षण की आवश्यकता है। हमारे पास ऐसे मॉडल हैं जो अन्य मॉडल्स का परीक्षण करते हैं।

अमिनी की संस्थापक और सीईओ केट कैलॉट ने कहा कि एआई अभी भी केवल एक उपकरण है। यह स्वयं सही और गलत का निर्णय नहीं ले सकता, क्योंकि इसमें इंसानों जैसा सोचने और मूल्य समझने की क्षमता नहीं है।

बोस्टन कंसल्टिंग ग्रुप (बीसीजी) के सीईओ क्रिस्टोफ श्वाइजर ने कहा कि एआई के साथ काम करने का अनुभव कभी-कभी सहकर्मी के साथ काम करने जैसा होता है। किसी कंपनी की सफलता इस बात पर निर्भर करती है कि वह अपने काम करने के तरीके में कितना बदलाव लाती है, न कि केवल नई तकनीक अपनाने पर।

उन्होंने यह भी कहा कि एआई को एक बड़ी प्रबंधन जिम्मेदारी के रूप में देखना चाहिए और इसे केवल तकनीकी टीम पर नहीं छोड़ना चाहिए।

एचपी कंपनी के अध्यक्ष और सीईओ एनरिक लोरस ने कहा कि एआई का उपयोग संतुलन के साथ होना चाहिए। एचपी के कॉल सेंटर में कभी-कभी एआई गलत जवाब देता है, लेकिन कुल मिलाकर इसकी सटीकता में सुधार हुआ है और ग्राहकों की संतुष्टि बढ़ी है।

Point of View

यह स्पष्ट है कि एआई का उदय एक चुनौती और अवसर दोनों है। हमें इसकी संभावनाओं को समझकर, इसे सही दिशा में इस्तेमाल करना होगा। यह हमारे कार्यशैली में परिवर्तन लाएगा, लेकिन हमें अपने मानव संसाधनों की भी रक्षा करनी चाहिए।
NationPress
22/01/2026

Frequently Asked Questions

क्या एआई इंसानों की नौकरियां छीन लेगा?
नहीं, विशेषज्ञों का मानना है कि एआई इंसानों की मदद करेगा और काम करने के तरीके को बदलेगा।
एआई का भविष्य कैसे होगा?
विशेषज्ञों का कहना है कि भविष्य में 8 अरब लोग और 80 अरब एआई सिस्टम होंगे।
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