भारत 5जी और डीपीआई में दुनिया का रोलमॉडल: GSMA चेयर गोपाल विट्टल, 45 करोड़ कनेक्शन का रिकॉर्ड
सारांश
मुख्य बातें
GSMA के चेयर गोपाल विट्टल ने 14 अक्टूबर 2026 को कहा कि भारत में 5जी की तीव्र तैनाती और डिजिटल पब्लिक इंफ्रास्ट्रक्चर (DPI) का विस्तार यह साबित करता है कि बड़े पैमाने, प्रतिभा और दृढ़ महत्वाकांक्षा के बल पर समावेशी डिजिटल विकास कैसे हासिल किया जा सकता है। विट्टल ने यह बात नई दिल्ली में GSMA बोर्ड की बैठक के बाद जारी एक बयान में कही, जहाँ कनेक्टिविटी के अगले दौर के लिए वैश्विक प्राथमिकताएँ तय की गईं।
भारत की डिजिटल छलाँग: आँकड़े जो बोलते हैं
बयान के अनुसार, भारत में इस समय 1.2 अरब सक्रिय मोबाइल कनेक्शन हैं, जिनमें से 45 करोड़ 5जी कनेक्शन हैं। यह संख्या देश की बढ़ती डिजिटल अर्थव्यवस्था की रीढ़ बनती जा रही है। GSMA के अनुसार, 2030 तक दुनियाभर के कुल मोबाइल कनेक्शनों में 57 प्रतिशत 5जी आधारित होंगे, और ऑपरेटर 2025 से 2030 के बीच नेटवर्क विस्तार पर 1.2 ट्रिलियन डॉलर का पूंजीगत निवेश करेंगे।
वैश्विक स्तर पर मोबाइल तकनीकों और सेवाओं ने वर्ष 2025 में 6 ट्रिलियन डॉलर का आर्थिक मूल्य सृजित किया, जो वैश्विक GDP का 6.4 प्रतिशत है। यह योगदान 2030 तक 11.3 ट्रिलियन डॉलर तक पहुँचने का अनुमान है।
GSMA बोर्ड की नई दिल्ली बैठक और मुख्य चर्चाएँ
GSMA बोर्ड ने पिछले सप्ताह नई दिल्ली में बैठक कर कनेक्टिविटी के भविष्य की रूपरेखा तय की। बोर्ड को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सहित सरकार और उद्योग जगत के शीर्ष नेताओं से मिलने का अवसर भी मिला। बैठक में इस बात पर विचार-मंथन हुआ कि टिकाऊ बाज़ार संरचनाएँ नई तकनीकों में निवेश को कैसे प्रोत्साहित कर सकती हैं और नेटवर्क स्लाइसिंग जैसी उन्नत क्षमताएँ व्यापक अर्थव्यवस्था के लिए किस तरह मूल्य सृजित कर सकती हैं।
गोपाल विट्टल ने कहा कि वैश्विक मानकों के अंतर्गत काम करने और विभिन्न बाज़ारों के बीच सहयोग बढ़ाने से नवाचार में तेज़ी आएगी, विश्वास और मज़बूती मज़बूत होगी, और कनेक्टिविटी के लाभ दुनियाभर तक पहुँचेंगे।
विशेषज्ञ क्या कहते हैं
GSMA के महानिदेशक विवेक बद्रीनाथ ने कहा, 'भारत इस बात का ठोस उदाहरण है कि जब नीतिगत सुधार मोबाइल इंफ्रास्ट्रक्चर में अधिक निवेश को सक्षम बनाते हैं तो उसके क्या लाभ मिलते हैं। भारत और दुनियाभर में मोबाइल कनेक्टिविटी व्यवसायों, समुदायों और अर्थव्यवस्थाओं के लिए नए अवसर पैदा कर रही है।'
बद्रीनाथ ने यह भी कहा कि अगली प्राथमिकता 5जी के तीव्र विस्तार को वास्तविक आर्थिक मूल्य में बदलना है — और अधिक से अधिक लोगों को डिजिटल अर्थव्यवस्था तक पहुँचाना है। इसके लिए निरंतर निवेश, सहयोगी नीतियों और व्यापक इकोसिस्टम के बीच बेहतर समन्वय अनिवार्य होगा।
ऑनलाइन धोखाधड़ी पर वैश्विक चिंता
बोर्ड बैठक में ऑनलाइन धोखाधड़ी के बढ़ते वैश्विक खतरे पर भी विस्तार से चर्चा हुई। GSMA ने अपने 'यूनाइटेड अगेंस्ट स्कैम्स' कार्यक्रम के तहत धोखाधड़ी रोकथाम को पूरे उद्योग की साझा प्राथमिकता घोषित किया है। यह ऐसे समय में आया है जब भारत सहित कई देशों में डिजिटल वित्तीय धोखाधड़ी की घटनाएँ तेज़ी से बढ़ रही हैं।
आगे की राह
GSMA की नई दिल्ली बैठक का संदेश स्पष्ट है — भारत अब केवल 5जी उपभोक्ता नहीं, बल्कि वैश्विक डिजिटल नीति की दिशा तय करने वाला देश बन रहा है। DPI मॉडल की वैश्विक स्वीकार्यता और 5जी की रिकॉर्ड तैनाती भारत को आने वाले दशक की कनेक्टिविटी क्रांति में नेतृत्व की भूमिका में स्थापित करती है।