सेमीकॉन इंडिया 2026: भारत वैश्विक सेमीकंडक्टर हब बनने की राह पर, उद्योग जगत ने जताया भरोसा
सारांश
मुख्य बातें
नई दिल्ली में 17 सितंबर 2026 को आयोजित 'सेमीकॉन इंडिया 2026' सम्मेलन में देश-विदेश की प्रमुख तकनीकी कंपनियों के शीर्ष अधिकारियों ने एकमत से माना कि भारत सेमीकंडक्टर विनिर्माण, डिजाइन और तकनीकी नवाचार के क्षेत्र में वैश्विक मानचित्र पर तेज़ी से अपनी पहचान बना रहा है। उद्योग प्रतिनिधियों ने कहा कि पिछले कुछ वर्षों में भारत के सेमीकंडक्टर इकोसिस्टम में आए बदलाव से दुनिया की बड़ी कंपनियों का विश्वास लगातार बढ़ा है।
उद्योग नेताओं की राय
एलएंडटी सेमीकंडक्टर टेक्नोलॉजीज लिमिटेड के मुख्य कार्यकारी अधिकारी संदीप कुमार ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का संबोधन 'स्पष्ट और भविष्य की दिशा बताने वाला' था। उनके अनुसार, प्रधानमंत्री ने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI), सेमीकंडक्टर्स, ऊर्जा और तकनीकी विकास को एक व्यापक दृष्टिकोण के साथ जोड़कर उद्योग जगत को नई दिशा देने का काम किया।
कुमार ने यह भी रेखांकित किया कि प्रधानमंत्री की जटिल तकनीकी विषयों को सरल एवं स्पष्ट रूप में प्रस्तुत करने की क्षमता उद्योग के लिए प्रेरणादायी है।
वैश्विक कंपनियों की बढ़ती भागीदारी
टेलीडाइन एफएलआईआर के एशिया-पैसिफिक (APAC) इंस्ट्रूमेंटेशन डिवीजन के सेल्स वाइस प्रेसिडेंट टी.पी. सिंह ने बताया कि उनकी कंपनी पहली बार सेमीकॉन इंडिया में भाग ले रही है और अनुभव 'काफी सकारात्मक' रहा है। उन्होंने कहा, 'आज सेमीकंडक्टर पूरी दुनिया में चर्चा का विषय है और यह देखकर खुशी होती है कि भारत इस क्षेत्र में अग्रिम पंक्ति में खड़ा दिखाई दे रहा है।'
सिंह ने यह भी कहा कि आयोजन स्थल पर दुनिया की बड़ी सेमीकंडक्टर और तकनीकी कंपनियों की मज़बूत मौजूदगी इस बात का प्रमाण है कि भारत वैश्विक उद्योग के लिए एक महत्वपूर्ण केंद्र बनता जा रहा है।
इन्फोसिस का नज़रिया
इन्फोसिस के वीपी और डिलीवरी हेड येग्नास्वामी येग्ना नारायणन ने कहा कि यह उनका दूसरा सेमीकॉन इंडिया सम्मेलन है और पिछले आयोजन की तुलना में इस बार 'काफी बड़ा बदलाव' दिखाई दे रहा है। उन्होंने प्रधानमंत्री के संबोधन की प्रशंसा करते हुए कहा कि सेमीकंडक्टर मूल्य शृंखला के विभिन्न पहलुओं — डिजाइन से टेप-आउट और अगली पीढ़ी की तकनीकों तक — पर जिस गहराई से चर्चा की गई, वह 'बेहद प्रेरणादायक' थी।
नारायणन ने यह भी जोड़ा कि भारत केवल वर्तमान अवसरों पर नहीं, बल्कि भविष्य की तकनीकी ज़रूरतों और नवाचारों पर भी समान रूप से ध्यान दे रहा है।
पाँच वर्षों में इकोसिस्टम की विकास यात्रा
पार्क सिस्टम्स इंडिया के सेल्स डायरेक्टर श्रीनिवासन रविप्रसाद ने बताया कि वह 2023 से सेमीकॉन इंडिया में भाग ले रहे हैं और हर वर्ष भागीदारी तथा उद्योग की रुचि में 'उल्लेखनीय वृद्धि' देखी गई है। उनके अनुसार, पिछले 5 वर्षों में भारत का सेमीकंडक्टर उद्योग तेज़ी से विकसित हुआ है और बड़ी संख्या में नई कंपनियाँ इस मंच से जुड़ रही हैं।
रविप्रसाद ने रेखांकित किया कि यह भारत के लिए एक ऐतिहासिक अवसर है, क्योंकि देश वैश्विक आपूर्ति शृंखला में अपनी भूमिका को मज़बूत बनाने की दिशा में तेज़ी से आगे बढ़ रहा है। गौरतलब है कि यह सम्मेलन ऐसे समय में आयोजित हुआ है जब चीन पर निर्भरता घटाने की वैश्विक कोशिशों के बीच भारत सेमीकंडक्टर क्षेत्र में एक भरोसेमंद विकल्प के रूप में उभर रहा है।
आगे की राह
सेमीकॉन इंडिया 2026 में विभिन्न देशों की कंपनियों की बढ़ती भागीदारी यह संकेत देती है कि भारत का सेमीकंडक्टर इकोसिस्टम अब केवल महत्वाकांक्षाओं तक सीमित नहीं, बल्कि ठोस निवेश और साझेदारियों की ओर बढ़ रहा है। आने वाले वर्षों में भारत की वैश्विक सेमीकंडक्टर आपूर्ति शृंखला में हिस्सेदारी किस दिशा में जाती है, यह देश की तकनीकी आत्मनिर्भरता की असली कसौटी होगी।