वैश्विक चुनौतियों के बावजूद एमएसएमई सेक्टर की मजबूती, नीतिगत समर्थन की आवश्यकता: रिपोर्ट

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वैश्विक चुनौतियों के बावजूद एमएसएमई सेक्टर की मजबूती, नीतिगत समर्थन की आवश्यकता: रिपोर्ट

सारांश

भारत का एमएसएमई मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर वैश्विक चुनौतियों के बावजूद मजबूती से उभरा है। हालाँकि, इस विकास को बनाए रखने के लिए समय पर नीतिगत समर्थन अत्यंत आवश्यक है। जानें इस पर नवीनतम रिपोर्ट के प्रमुख बिंदु।

Key Takeaways

  • एमएसएमई सेक्टर वैश्विक चुनौतियों के बावजूद मजबूत है।
  • समय पर नीतिगत समर्थन आवश्यक है।
  • 37 फीसदी कंपनियों को नए ऑर्डर में वृद्धि का अनुभव हुआ।
  • 47 फीसदी कंपनियां पूंजी निवेश बढ़ाने की योजना बना रही हैं।
  • रोजगार में वृद्धि के लिए कंपनियां सतर्कता से कदम उठा रही हैं।

नई दिल्ली, 20 अप्रैल (राष्ट्र प्रेस)। भारत का एमएसएमई मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर वैश्विक चुनौतियों के बावजूद स्थिरता बनाए हुए है, लेकिन इस विकास को जारी रखने के लिए प्रभावी नीतिगत समर्थन और एक स्थिर वैश्विक वातावरण की आवश्यकता है। यह जानकारी पीएचडी चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री (पीएचडीसीसीआई) ने सोमवार को साझा की।

पीएचडीसीसीआई ने अपने एसएमई मार्केट सेंटिमेंट इंडेक्स (एसएमईएसआई) का चौथा संस्करण जारी किया है, जिसमें जनवरी से मार्च 2026 के दौरान एमएसएमई क्षेत्र के प्रदर्शन और अगले तिमाही के आउटलुक को शामिल किया गया है।

रिपोर्ट के अनुसार, ग्रोथ जारी है, लेकिन बदलते वैश्विक हालात के कारण इसकी गति में थोड़ी कमी आई है।

सर्वेक्षण के अनुसार, एसएमई बिजनेस एक्टिविटी इंडेक्स (एसएमई-बीएआई) मार्च तिमाही में 56.5 रहा, जो पिछले तिमाही के 58.9 से थोड़ा कम है, लेकिन यह अभी भी विस्तार का संकेत देता है।

इसी तरह, अप्रैल से जून 2026 के लिए एसएमई बिजनेस आउटलुक इंडेक्स (एमएमई-बीओआई) 58.7 रहा, जो पहले के 60.7 के मुकाबले में थोड़ी गिरावट है, लेकिन फिर भी सकारात्मक संकेत है।

रिपोर्ट में बताया गया है कि कारोबार में वृद्धि का मुख्य कारण नए ऑर्डर और उत्पादन में स्थिरता है। लगभग 37 फीसदी कंपनियों ने नए ऑर्डर में वृद्धि की बात कही, जिससे उत्पादन में भी वृद्धि हुई है।

हालांकि, रोजगार और सप्लाई चेन (डिलीवरी टाइम) में अधिक बदलाव नहीं देखा गया है, जिससे यह संकेत मिलता है कि कंपनियां सावधानी से संतुलित रणनीति अपना रही हैं।

आने वाली तिमाही (अप्रैल-जून) के लिए भी कंपनियां आशान्वित हैं। लगभग 37 फीसदी कंपनियों को उम्मीद है कि उनका कारोबार और बढ़ेगा, जबकि लगभग आधी कंपनियों का मानना है कि स्थिति स्थिर रहेगी।

निवेश के मोर्चे पर भी सकारात्मक रुख दिख रहा है। लगभग 47 फीसदी कंपनियां पूंजी निवेश (कैपेक्स) बढ़ाने की योजना बना रही हैं, जो भविष्य की मांग को लेकर उम्मीदें दर्शाता है।

हालांकि, नौकरी देने के मामले में कंपनियां अभी भी सतर्क हैं और धीरे-धीरे भर्ती बढ़ा रही हैं। यह दर्शाता है कि कंपनियां अनिश्चित वैश्विक हालात के बीच लागत और संचालन को संतुलित रखने का प्रयास कर रही हैं।

Point of View

NationPress
21/04/2026

Frequently Asked Questions

एमएसएमई सेक्टर की वर्तमान स्थिति क्या है?
भारत का एमएसएमई मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर वैश्विक चुनौतियों के बावजूद मजबूत बना हुआ है।
एमएसएमई क्षेत्र में वृद्धि के मुख्य कारण क्या हैं?
नए ऑर्डर और उत्पादन में स्थिरता इस क्षेत्र में वृद्धि के मुख्य कारण हैं।
क्या कंपनियां आने वाली तिमाही के लिए आशावादी हैं?
हाँ, लगभग 37 फीसदी कंपनियों को उम्मीद है कि उनका कारोबार बढ़ेगा।
कंपनियों का निवेश का रुख कैसा है?
लगभग 47 फीसदी कंपनियां पूंजी निवेश बढ़ाने की योजना बना रही हैं।
क्या कंपनियां रोजगार में वृद्धि कर रही हैं?
कंपनियां अभी भी सतर्क हैं और धीरे-धीरे भर्ती में वृद्धि कर रही हैं।
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