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सेंसेक्स 876 अंक टूटा, 73,852 पर बंद; प्राइवेट बैंक और IT शेयरों में भारी बिकवाली

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सेंसेक्स 876 अंक टूटा, 73,852 पर बंद; प्राइवेट बैंक और IT शेयरों में भारी बिकवाली

सारांश

कमजोर वैश्विक संकेतों और तिमाही नतीजों की चिंता ने सोमवार को भारतीय बाजार में चौतरफा बिकवाली कराई। सेंसेक्स 876 अंक टूटकर 73,852 पर, निफ्टी 23,000 के नीचे — प्राइवेट बैंक और IT सबसे ज्यादा दबाव में, जबकि PSU बैंक अकेले तैरते रहे।

मुख्य बातें

सेंसेक्स सोमवार 19 अक्टूबर 2026 को 876.37 अंक (1.17%) गिरकर 73,852.90 पर बंद हुआ।
निफ्टी 257.20 अंक (1.11%) की गिरावट के साथ 22,888.95 पर, मनोवैज्ञानिक स्तर 23,000 से नीचे।
निफ्टी प्राइवेट बैंक (1.85%) सबसे अधिक टूटा; निफ्टी पीएसयू बैंक (2.46%) इकलौता बड़ा गेनर रहा।
निफ्टी मिडकैप 100 641.80 अंक (1.09%) गिरकर 58,487.95 और निफ्टी स्मॉलकैप 100 194.05 अंक (1.01%) गिरकर 18,935.75 पर।
कमजोर वैश्विक संकेत, भू-राजनीतिक तनाव और तिमाही नतीजों की चिंता मुख्य कारण रहे।

भारतीय शेयर बाजार में सोमवार, 19 अक्टूबर 2026 को व्यापक मुनाफावसूली का दबाव देखा गया, जब कमजोर वैश्विक संकेतों और तिमाही नतीजों को लेकर बढ़ती चिंताओं ने निवेशकों को बिकवाली की ओर धकेल दिया। सेंसेक्स 876.37 अंक अर्थात 1.17 प्रतिशत की गिरावट के साथ 73,852.90 पर बंद हुआ, जबकि निफ्टी 257.20 अंक यानी 1.11 प्रतिशत की कमजोरी के साथ 22,888.95 पर आ गया — जो मनोवैज्ञानिक रूप से महत्वपूर्ण 23,000 के स्तर से नीचे है।

मुख्य घटनाक्रम

बाजार में लगभग चौतरफा बिकवाली रही। निफ्टी प्राइवेट बैंक इंडेक्स सबसे अधिक 1.85 प्रतिशत टूटा, इसके बाद निफ्टी फाइनेंशियल सर्विसेज (1.58 प्रतिशत), निफ्टी एफएमसीजी (1.44 प्रतिशत) और निफ्टी आईटी (1.28 प्रतिशत) में भी दबाव रहा। निफ्टी रियल्टी (1.20 प्रतिशत), निफ्टी कंजप्शन (1.05 प्रतिशत) और निफ्टी इंडिया डिफेंस (0.94 प्रतिशत) भी लाल निशान में बंद हुए।

इसके विपरीत, निफ्टी पीएसयू बैंक इंडेक्स 2.46 प्रतिशत की उछाल के साथ इकलौता बड़ा गेनर रहा — मार्जिन और एसेट क्वालिटी स्थिर रहने की उम्मीदों ने इसे सहारा दिया।

लार्जकैप से स्मॉलकैप तक — व्यापक कमजोरी

बड़े शेयरों तक सीमित न रहते हुए यह गिरावट मिडकैप और स्मॉलकैप सेगमेंट में भी फैली। निफ्टी मिडकैप 100 इंडेक्स 641.80 अंक या 1.09 प्रतिशत की कमजोरी के साथ 58,487.95 पर बंद हुआ। निफ्टी स्मॉलकैप 100 इंडेक्स 194.05 अंक यानी 1.01 प्रतिशत गिरकर 18,935.75 पर आया।

गेनर और लूजर

सेंसेक्स पैक में एसबीआई, अदाणी पोर्ट्स, एलएंडटी और इंडिगो बढ़त के साथ बंद हुए। वहीं एक्सिस बैंक, अल्ट्राटेक सीमेंट, इन्फोसिस, बजाज फाइनेंस, ट्रेंट, एनटीपीसी, एचडीएफसी बैंक, एचयूएल, बजाज फिनसर्व, भारती एयरटेल, आईसीआईसीआई बैंक, टाटा स्टील, सन फार्मा, कोटक महिंद्रा बैंक, आईटीसी, टाइटन, टेक महिंद्रा, एमएंडएम और पावर ग्रिड लूजर्स की सूची में रहे।

विशेषज्ञ क्या कहते हैं

बाजार जानकारों के अनुसार, इस बिकवाली की मुख्य वजहें कमजोर वैश्विक संकेत और प्राइवेट बैंक तथा आईटी शेयरों पर बढ़ता दबाव रहा। तिमाही नतीजों और मार्जिन ट्रेंड को लेकर चिंताएँ प्राइवेट बैंक सेक्टर के लिए भारी पड़ीं। यह ऐसे समय में आया है जब अमेरिका द्वारा रूस से जुड़े प्रमुख प्रतिबंधों में ढील दिए जाने के बाद कच्चे तेल की कीमतों में कुछ नरमी आई, जिससे वैश्विक बाजार में रूसी ईंधन की आपूर्ति बढ़ने की उम्मीद जगी।

गौरतलब है कि भू-राजनीतिक तनावों के कारण कच्चे तेल की कीमतें अभी भी ऊंचे स्तर पर बनी हुई हैं, जो वैश्विक बाजार धारणा पर दबाव बनाए हुए हैं। विश्लेषकों का कहना है कि व्यापक बाजार का कमजोर रुझान नतीजों से जुड़ी अस्थिरता और अनिश्चित वैश्विक परिस्थितियों के बीच निवेशकों की सतर्कता को दर्शाता है।

आगे की दिशा

निफ्टी का 23,000 के मनोवैज्ञानिक स्तर से नीचे जाना तकनीकी विश्लेषकों के लिए एक अहम संकेत है। आने वाले सत्रों में वैश्विक बाजारों की चाल, कच्चे तेल की कीमतें और प्रमुख कंपनियों के तिमाही नतीजे बाजार की दिशा तय करने में निर्णायक भूमिका निभाएंगे।

संपादकीय दृष्टिकोण

000 से नीचे जाना महज एक संख्या नहीं, बल्कि यह संकेत है कि बाजार में तिमाही नतीजों से पहले असमंजस गहरा रहा है। दिलचस्प बात यह है कि PSU बैंकों का 2.46% चढ़ना और प्राइवेट बैंकों का 1.85% टूटना एक साफ संदेश देता है — बाजार सरकारी बैंकों की स्थिरता को प्राइवेट सेक्टर के मार्जिन दबाव से ज्यादा विश्वसनीय मान रहा है। भू-राजनीतिक तनाव और कच्चे तेल की ऊंची कीमतें पुरानी समस्याएं हैं, लेकिन जब तक तिमाही नतीजे उम्मीद से बेहतर नहीं आते, यह सतर्कता बाजार पर हावी रहेगी।
RashtraPress
19 अक्टूबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

आज सेंसेक्स और निफ्टी कितना गिरे?
सोमवार 19 अक्टूबर 2026 को सेंसेक्स 876.37 अंक (1.17%) गिरकर 73,852.90 पर और निफ्टी 257.20 अंक (1.11%) गिरकर 22,888.95 पर बंद हुआ। निफ्टी मनोवैज्ञानिक रूप से महत्वपूर्ण 23,000 के स्तर से नीचे चला गया।
आज शेयर बाजार में गिरावट के क्या कारण रहे?
जानकारों के अनुसार कमजोर वैश्विक संकेत, प्राइवेट बैंकों और IT शेयरों पर दबाव तथा तिमाही नतीजों और मार्जिन ट्रेंड को लेकर चिंताएँ मुख्य कारण रहीं। भू-राजनीतिक तनाव के कारण कच्चे तेल की ऊंची कीमतों ने भी निवेशकों की धारणा को प्रभावित किया।
आज कौन-से सेक्टर सबसे ज्यादा टूटे और कौन बचा रहा?
निफ्टी प्राइवेट बैंक (1.85%), फाइनेंशियल सर्विसेज (1.58%) और एफएमसीजी (1.44%) सबसे अधिक टूटे। इसके विपरीत, निफ्टी पीएसयू बैंक 2.46% की बढ़त के साथ इकलौता प्रमुख गेनर रहा।
निफ्टी के 23,000 से नीचे जाने का क्या मतलब है?
23,000 का स्तर निफ्टी के लिए मनोवैज्ञानिक रूप से महत्वपूर्ण समर्थन स्तर माना जाता है। इससे नीचे जाने पर तकनीकी विश्लेषक आगे के सत्रों में और सतर्कता की उम्मीद करते हैं, खासकर जब बाजार की दिशा तिमाही नतीजों और वैश्विक संकेतों पर निर्भर हो।
मिडकैप और स्मॉलकैप शेयरों पर क्या असर रहा?
गिरावट केवल लार्जकैप तक सीमित नहीं रही। निफ्टी मिडकैप 100 इंडेक्स 641.80 अंक (1.09%) गिरकर 58,487.95 और निफ्टी स्मॉलकैप 100 इंडेक्स 194.05 अंक (1.01%) गिरकर 18,935.75 पर बंद हुआ।
राष्ट्र प्रेस
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