क्या भारतीय शेयर बाजार लाल निशान में खुला? फाइनेंस और मेटल स्टॉक्स में गिरावट

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क्या भारतीय शेयर बाजार लाल निशान में खुला? फाइनेंस और मेटल स्टॉक्स में गिरावट

सारांश

भारतीय शेयर बाजार ने आज लाल निशान में शुरुआत की है। सेंसेक्स और निफ्टी दोनों में गिरावट देखी जा रही है। जानें किन सेक्टरों में मंदी और किन शेयरों में तेजी दिख रही है। क्या यह गिरावट आगे भी जारी रहेगी? जानें इस लेख में!

मुख्य बातें

शेयर बाजार में गिरावट का रुझान जारी है।
सेंसेक्स और निफ्टी दोनों में कमी आई है।
स्मॉलकैप शेयरों में भी कमजोरी देखी जा रही है।
विदेशी निवेशकों की बिकवाली बाजार पर दबाव डाल रही है।
घरेलू निवेशकों ने खरीदारी जारी रखी है।

मुंबई, 25 जुलाई (राष्ट्र प्रेस)। भारतीय शेयर बाजार शुक्रवार के कारोबारी सत्र में लाल निशान में खुला। सुबह 9:27 पर सेंसेक्स 244 अंक या 0.30 प्रतिशत की गिरावट के साथ 81,939 और निफ्टी 86 अंक या 0.35 प्रतिशत की कमजोरी के साथ 24,985 पर था।

शुरुआती कारोबार में बाजार में चौतरफा गिरावट बनी हुई है। लार्जकैप के साथ मिडकैप और स्मॉलकैप में भी लाल निशान में कारोबार हो रहा है। निफ्टी मिडकैप 100 इंडेक्स 88 अंक या 0.15 प्रतिशत की गिरावट के साथ 58,872 और निफ्टी स्मॉलकैप 100 इंडेक्स 68 अंक या 0.37 प्रतिशत की कमजोरी के साथ 18,618 पर था।

सेक्टोरल आधार पर ऑटो, फाइनेंशियल सर्विसेज, एफएमसीजी, मेटल, मीडिया, एनर्जी, प्राइवेट बैंक, इन्फ्रा, कमोडिटी और सर्विसेज इंडेक्स लाल निशान में थे। आईटी, पीएसयू बैंक और फार्मा में हरे निशान में कारोबार हो रहा था।

सेंसेक्स पैक में आईसीआईसीआई बैंक, एक्सिस बैंक, एसबीआई, सन फार्मा, बीईएल और सन फार्मा टॉप गेनर्स थे। बजाज फाइनेंस, बजाज फिनसर्व, टाटा स्टील, मारुति सुजुकी, एचयूएल, टाटा मोटर्स, पावर ग्रिड, अल्ट्राटेक सीमेंट, इन्फोसिस, भारती एयरटेल, एलएंडटी और रिलायंस इंडस्ट्रीज टॉप लूजर्स थे।

व्यापक बाजार का रुझान नकारात्मक बना हुआ है। नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (एनएसई) पर 758 शेयर हरे निशान में; 1,709 शेयर लाल निशान में और 83 शेयर बिना किसी बदलाव के कारोबार कर रहे थे।

जियोजित इन्वेस्टमेंट्स लिमिटेड के मुख्य निवेश रणनीतिकार वीके विजयकुमार ने कहा कि निकट भविष्य में बाजार की स्थिति कमजोर हो गई है। पिछले चार कारोबारी दिनों में एफआईआई द्वारा 11,572 करोड़ रुपए की लगातार बिकवाली से बाजार पर दबाव बना हुआ है। व्यापक बाजार, खासकर स्मॉलकैप शेयरों में, कमजोरी जारी रह सकती है क्योंकि मूल्यांकन अत्यधिक हो गए हैं और उन्हें उचित ठहराना मुश्किल हो गया है।

विदेशी संस्थागत निवेशकों (एफआईआई) ने चौथे दिन भी अपनी बिकवाली जारी रखी और 24 जुलाई को 2,133 करोड़ रुपए के शेयर बेचे। हालांकि, घरेलू संस्थागत निवेशकों (डीआईआई) ने उसी दिन 2,617 करोड़ रुपए के शेयर खरीदे।

संपादकीय दृष्टिकोण

यह महत्वपूर्ण है कि हम बाजार की मौजूदा स्थिति को समझें। विदेशी और घरेलू निवेशकों के बीच का संतुलन, और बाजार के रुझान को ध्यान में रखते हुए, हमें यह देखना होगा कि यह गिरावट कितनी गंभीर है और इसका क्या प्रभाव पड़ेगा।
RashtraPress
20 मई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

भारतीय शेयर बाजार में गिरावट का कारण क्या है?
गिरावट का मुख्य कारण विदेशी संस्थागत निवेशकों द्वारा लगातार बिकवाली है।
क्या यह गिरावट लंबे समय तक जारी रहेगी?
विशेषज्ञों के अनुसार, अगर बाजार में मूल्यांकन अत्यधिक हो गए हैं, तो कमजोरी जारी रह सकती है।
कौन से सेक्टर सबसे अधिक प्रभावित हैं?
ऑटो, फाइनेंशियल सर्विसेज, और मेटल सेक्टर सबसे अधिक प्रभावित हुए हैं।
राष्ट्र प्रेस
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