17 जुलाई 2026
LIVE
Get it on Google Play Download on the App Store

क्या जीएसटी की दरों में कटौती के बाद भारतीय शेयर बाजार हरे निशान में बंद हुआ?

शेयर करें:
ऑडियो वॉइस लोड हो रही है…
क्या जीएसटी की दरों में कटौती के बाद भारतीय शेयर बाजार हरे निशान में बंद हुआ?

सारांश

क्या जीएसटी की दरों में कटौती से भारतीय शेयर बाजार में तेजी आई? जानिए कैसे ऑटो शेयरों ने बाजार को हरा किया। इस लेख में जानें बाजार के प्रमुख आंकड़ों का विश्लेषण और सरकार के कदमों का प्रभाव।

मुख्य बातें

भारतीय शेयर बाजार ने हरे निशान में बंद किया।
जीएसटी की कटौती से बाजार में तेजी आई।
ऑटो शेयरों में सबसे ज्यादा खरीदारी हुई।
बाजार में मिडकैप और स्मॉलकैप में गिरावट आई।
सरकार के आर्थिक कदमों का प्रभाव स्पष्ट है।

मुंबई, 4 सितंबर (राष्ट्र प्रेस) आज भारतीय शेयर बाजार ने गुरुवार के कारोबारी सत्र में हरे निशान में बंद होने की उपलब्धि हासिल की। दिन के समापन पर सेंसेक्स में 150.30 अंक या 0.19 प्रतिशत की वृद्धि हुई, जो इसे 80,718.01 पर लेकर आई, जबकि निफ्टी 19.25 अंक या 0.08 प्रतिशत की मजबूती के साथ 24,734.30 पर बंद हुआ।

तेजी का नेतृत्व ऑटो शेयरों ने किया। निफ्टी ऑटो में 0.85 प्रतिशत, निफ्टी फाइनेंस सेवाएँ में 0.47 प्रतिशत, निफ्टी एफएमसीजी में 0.24 प्रतिशत और निफ्टी कंजप्शन में 0.50 प्रतिशत की वृद्धि देखी गई।

हालांकि, निफ्टी आईटी में 0.94 प्रतिशत, निफ्टी पीएसयू बैंक में 1.11 प्रतिशत, निफ्टी मेटल में 0.62 प्रतिशत, निफ्टी एनर्जी में 0.99 प्रतिशत और इन्फ्रा में 0.53 प्रतिशत की गिरावट आई।

लार्जकैप की तुलना में मिडकैप और स्मॉलकैप में गिरावट देखी गई। निफ्टी मिडकैप 100 इंडेक्स में 386.35 अंक या 0.67 प्रतिशत की कमी आई, जो इसे 56,959.15 पर ले आई। निफ्टी स्मॉलकैप 100 इंडेक्स 126.50 अंक या 0.71 प्रतिशत की कमजोरी के साथ 17,621.95 पर था।

सेंसेक्स में शीर्ष लाभार्थियों में एमएंडएम, बजाज फाइनेंस, बजाज फिनसर्व, ट्रेंट, आईटीसी, एचडीएफसी बैंक, एशियन पेंट्स, आईसीआईसीआई बैंक, एचयूएल, सन फार्मा और एटरनल (जोमैटो) शामिल थे। जबकि मारुति सुजुकी, बीईएल, एचसीएल टेक, एनटीपीसी, पावर ग्रिड, इन्फोसिस, कोटक महिंद्रा बैंक, टाटा मोटर्स, टाटा स्टील, टेक महिंद्रा और एसबीआई शीर्ष हानिकारक थे।

बाजार में तेजी की वजह को जीएसटी में कटौती से जोड़ा जा रहा है।

मार्केट विशेषज्ञ सुनील शाह ने कहा कि यह सरकार का एक स्वागत योग्य कदम है और इसमें उनका स्पष्ट इरादा नजर आता है। पहले से ही यूनियन बजट में पर्सनल इनकम टैक्स छूट सीमा को 7 लाख रुपए से बढ़ाकर 12 लाख कर दिया गया है और अब जीएसटी में भी कटौती की गई है। इससे आम आदमी के लिए चीजें सस्ती होंगी।

सरकार का ध्यान साफ है कि वित्तीय नीति और आरबीआई के कदमों से आर्थिक विकास को कैसे तेज किया जाए। हमारी जीडीपी आज बड़ी अर्थव्यवस्थाओं में सबसे तेजी से बढ़ रही है और इसे और आगे ले जाने के लिए यह महत्वपूर्ण कदम है।

शाह ने आगे कहा कि पिछले कुछ तिमाहियों में जो खपत में कमी दिख रही थी, उस पर सरकार ने ध्यान दिया है। आने वाले समय में खपत बढ़ने की संभावना है। हाल के दिनों में टैरिफ के कारण जो नकारात्मक माहौल बना था, वह भी अब कम होगा।

भारतीय शेयर बाजार की शुरुआत तेजी के साथ हुई थी। सुबह 9:25 पर सेंसेक्स 557 अंक या 0.69 प्रतिशत की बढ़त के साथ 81,126 और निफ्टी 150 अंक या 0.61 प्रतिशत की मजबूती के साथ 24,865 पर खुला।

संपादकीय दृष्टिकोण

यह कहना उचित होगा कि भारतीय शेयर बाजार की वर्तमान स्थिति सरकार की आर्थिक नीतियों का परिणाम है। जीएसटी में कटौती जैसे कदमों से आम आदमी को फायदा होगा, और हम आशा करते हैं कि यह विकास की दिशा में एक ठोस कदम साबित होगा।
RashtraPress
17 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

जीएसटी की कटौती से शेयर बाजार पर क्या प्रभाव पड़ा?
जीएसटी की कटौती के कारण शेयर बाजार में तेजी आई, खासकर ऑटो शेयरों में।
बाजार में कौन से शेयर प्रमुख लाभार्थी थे?
सेंसेक्स में एमएंडएम, बजाज फाइनेंस और आईटीसी जैसे शेयर प्रमुख लाभार्थी रहे।
क्या मिडकैप शेयरों में गिरावट आई?
हाँ, मिडकैप और स्मॉलकैप शेयरों में गिरावट देखी गई।
राष्ट्र प्रेस
सिलसिला

जुड़े बिंदु

इस ख़बर के पीछे की कड़ियाँ — सबसे नई पहले।

8 बिंदु
  1. नवीनतम 7 महीने पहले
  2. 7 महीने पहले
  3. 8 महीने पहले
  4. 9 महीने पहले
  5. 9 महीने पहले
  6. 10 महीने पहले
  7. 10 महीने पहले
  8. 11 महीने पहले