सेंसेक्स 435 अंक उछला, निफ्टी 22,532 पर; PSU स्टॉक्स में जोरदार खरीदारी
सारांश
मुख्य बातें
BSE सेंसेक्स सोमवार, 5 अक्टूबर 2026 को शुरुआती कारोबार में 435 अंक यानी 0.61 प्रतिशत की बढ़त के साथ 72,345 पर पहुँच गया, जबकि नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) का निफ्टी 50 सूचकांक 110 अंक यानी 0.49 प्रतिशत की मजबूती के साथ 22,532 पर कारोबार कर रहा था। वैश्विक बाजारों में सकारात्मक रुख और अमेरिकी बाजारों की शुक्रवारी तेजी को इस उछाल के पीछे प्रमुख कारण माना जा रहा है।
पीएसयू सेक्टर में खरीदारी का उत्साह
सुबह 9:20 बजे IST तक के आँकड़ों के अनुसार, निफ्टी पीएसयू बैंक और निफ्टी पीएसई सूचकांक शीर्ष लाभ में रहे। इनके अलावा निफ्टी एनर्जी, निफ्टी ऑयल एंड गैस, निफ्टी कमोडिटीज, निफ्टी मेटल, निफ्टी फाइनेंशियल सर्विसेज, निफ्टी इन्फ्रा, निफ्टी रियल्टी, निफ्टी कंज्यूमर ड्यूरेबल्स, निफ्टी प्राइवेट बैंक, निफ्टी इंडिया डिफेंस और निफ्टी एफएमसीजी भी हरे निशान में थे।
दूसरी ओर, निफ्टी हेल्थकेयर, निफ्टी ऑटो, निफ्टी फार्मा, निफ्टी आईटी और निफ्टी कंजप्शन इंडेक्स लाल निशान में रहे। गौरतलब है कि IT और फार्मा शेयरों में यह कमज़ोरी हाल के सत्रों में भी देखी गई है।
मिडकैप और स्मॉलकैप भी मजबूत
लार्जकैप शेयरों के साथ-साथ मिडकैप और स्मॉलकैप खंड में भी व्यापक खरीदारी दर्ज हुई। निफ्टी मिडकैप 100 इंडेक्स 426 अंक यानी 0.73 प्रतिशत की बढ़त के साथ 59,158 पर था, जबकि निफ्टी स्मॉलकैप 100 इंडेक्स 138.55 अंक यानी 0.73 प्रतिशत की तेजी के साथ 19,197 पर कारोबार कर रहा था।
विशेषज्ञ क्या कहते हैं
बाजार विशेषज्ञों के अनुसार, निफ्टी इस समय एक अहम सपोर्ट जोन के करीब है जो 21,743 और 22,182 के स्तरों से बना है। ये स्तर क्रमशः अप्रैल 2025 और अप्रैल 2026 की गिरावट के बाद के निचले बिंदु हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि इस जोन ने पिछली दोनों बार बड़ी गिरावट को थामने में मदद की है और इस बार भी ऐसी ही उम्मीद है।
हालाँकि, विशेषज्ञों ने आगाह किया कि यदि यह सपोर्ट जोन टूटता है तो कोविड-19 के दौर से चला आ रहा दीर्घकालिक अपट्रेंड समाप्त हो सकता है। ऐसी स्थिति में इंडेक्स 19,000 और 16,700 के स्तर तक फिसल सकता है — जो क्रमशः कोविड के निचले स्तर से 38 प्रतिशत और 50 प्रतिशत रिट्रेसमेंट लेवल हैं।
वैश्विक बाजारों का रुख
एशियाई बाजारों में टोक्यो, बैंकॉक और जकार्ता हरे निशान में थे, जबकि हांगकांग में कमज़ोरी देखी गई। अमेरिकी बाजारों में शुक्रवार को डाओ जोन्स 0.49 प्रतिशत और नैस्डैक 1.19 प्रतिशत की बढ़त के साथ बंद हुए थे, जिसने सोमवार को भारतीय बाजारों की धारणा को मजबूती दी।
आने वाले सत्रों में निवेशकों की नज़र वैश्विक मैक्रो संकेतों और घरेलू कंपनियों के तिमाही परिणामों पर रहेगी, जो बाजार की अगली दिशा तय करने में अहम भूमिका निभाएंगे।