सेंसेक्स 129 अंक चढ़कर 72,512 पर खुला, निफ्टी प्राइवेट बैंक 1% उछला
सारांश
मुख्य बातें
बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज (BSE) सेंसेक्स मंगलवार, 6 अक्टूबर 2026 को सुबह 9:27 बजे IST पर 129 अंक यानी 0.18 प्रतिशत की बढ़त के साथ 72,512 पर खुला, जबकि नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) निफ्टी 50 43 अंक यानी 0.19 प्रतिशत मजबूत होकर 22,599 पर था। मजबूत वैश्विक संकेतों और एशियाई बाजारों में तेजी की पृष्ठभूमि में यह सकारात्मक शुरुआत हुई।
निजी बैंकिंग क्षेत्र की अगुआई
शुरुआती कारोबार में निफ्टी प्राइवेट बैंक इंडेक्स करीब 1 प्रतिशत की तेजी के साथ शीर्ष गेनर रहा। निफ्टी फाइनेंशियल सर्विसेज, निफ्टी मेटल, निफ्टी एफएमसीजी, निफ्टी कंज्यूमर ड्यूरेबल्स, निफ्टी एनर्जी, निफ्टी रियल्टी, निफ्टी कमोडिटीज, निफ्टी ऑयल एंड गैस, निफ्टी इंडिया डिफेंस और निफ्टी कंजम्पशन — सभी हरे निशान में कारोबार कर रहे थे।
दूसरी तरफ निफ्टी हेल्थकेयर, निफ्टी आईटी, निफ्टी ऑटो, निफ्टी फार्मा, निफ्टी पीएसयू बैंक और निफ्टी सर्विसेज लाल निशान में थे, जो दर्शाता है कि तेजी व्यापक होने के बावजूद सेक्टर-स्तर पर मिली-जुली तस्वीर रही।
मिडकैप और स्मॉलकैप में भी रौनक
लार्जकैप के अलावा मिडकैप और स्मॉलकैप शेयरों में भी खरीदारी रही। निफ्टी स्मॉलकैप 100 इंडेक्स 117 अंक यानी 0.62 प्रतिशत की बढ़त के साथ 19,267 पर था, जबकि निफ्टी मिडकैप 100 इंडेक्स 212 अंक यानी 0.46 प्रतिशत मजबूत होकर 59,959 पर कारोबार कर रहा था। इससे संकेत मिलता है कि खरीदारी का दायरा केवल बड़ी कंपनियों तक सीमित नहीं था।
शीर्ष गेनर और लूजर
सेंसेक्स पैक में ट्रेंट, कोटक महिंद्रा बैंक, एक्सिस बैंक, एचयूएल, इंडिगो, बजाज फिनसर्व, टाटा स्टील, एचडीएफसी बैंक, एनटीपीसी, एचसीएल टेक और एलएंडटी गेनर्स में रहे। दूसरी तरफ टेक महिंद्रा, एमएंडएम, इन्फोसिस, सनफार्मा, आईटीसी, इटरनल, भारती एयरटेल, एसबीआई, एशियन पेंट्स, अल्ट्राटेक सीमेंट, टीसीएस, बीईएल, टाइटन, आईसीआईसीआई बैंक और मारुति सुजुकी लूजर्स में शामिल रहे।
विशेषज्ञ क्या कहते हैं
बाजार जानकारों के अनुसार, तेजड़ियों के लिए एक निश्चित स्तर के बाद बाजार को उठाए रखना चुनौतीपूर्ण बना हुआ है। उनका कहना है कि अमेरिका के 10-वर्षीय बॉन्ड यील्ड के 5.3 प्रतिशत के आसपास बने रहने की वजह से विदेशी संस्थागत निवेशक (FII) बिकवाली जारी रखेंगे। इससे बाजार में 'रैली पर बिकवाली' का माहौल बनने की संभावना है — यानी आकर्षक वैल्यूएशन के बावजूद FII लार्ज-कैप शेयरों को बेचते रहेंगे।
हालांकि, घरेलू संस्थागत निवेशक (DII) म्यूचुअल फंड में लगातार पूंजी प्रवाह के बल पर इन शेयरों की खरीदारी बनाए रखेंगे। यह ऐसे समय में आया है जब वैश्विक अनिश्चितता और अमेरिकी ब्याज दरों पर दबाव भारतीय बाजारों के लिए एक महत्वपूर्ण बाहरी जोखिम बना हुआ है।
वैश्विक बाजारों का हाल
एशियाई बाजारों में व्यापक तेजी देखी गई — टोक्यो, हांगकांग, बैंकॉक और जकार्ता के प्रमुख सूचकांक हरे निशान में कारोबार कर रहे थे। सोमवार को अमेरिकी बाजार भी सकारात्मक रुख के साथ बंद हुए, जिसमें डाओ जोन्स 0.18 प्रतिशत और नैस्डैक 1.05 प्रतिशत की बढ़त के साथ बंद हुए। इन सकारात्मक वैश्विक संकेतों ने भारतीय बाजारों की शुरुआत को सहारा दिया।
गौरतलब है कि अमेरिकी बॉन्ड यील्ड का ऊँचा स्तर वैश्विक पूंजी प्रवाह को प्रभावित करता है और उभरते बाजारों में FII की रणनीति पर सीधा असर डालता है। आगे की दिशा काफी हद तक अमेरिकी फेडरल रिजर्व की नीतिगत टिप्पणियों और वैश्विक मैक्रो आँकड़ों पर निर्भर करेगी।