सेंसेक्स 374 अंक चढ़कर 78,954 पर बंद, निफ्टी 24,636 के पार; PSU बैंक सबसे आगे
सारांश
मुख्य बातें
बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज (BSE) सेंसेक्स गुरुवार, 6 अगस्त को 373.76 अंक यानी 0.48 प्रतिशत की बढ़त के साथ 78,954.76 पर बंद हुआ, जबकि नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) का निफ्टी50 11.35 अंक या 0.05 प्रतिशत उछलकर 24,636.00 पर बंद हुआ। वैश्विक बाजारों के मिले-जुले संकेतों के बावजूद यह लगातार दूसरा सत्र है जब घरेलू बाजार हरे निशान में बंद हुआ।
मुख्य घटनाक्रम
बाजार की यह रिकवरी उल्लेखनीय है क्योंकि इससे पहले मंगलवार को आई गिरावट से पहले घरेलू बाजार लगातार चार सत्रों में तेजी दर्ज कर चुका था। व्यापक बाजार में मिश्रित तस्वीर रही — निफ्टी मिडकैप में 0.44 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई, जबकि निफ्टी स्मॉलकैप 0.48 प्रतिशत की बढ़त के साथ बंद हुआ।
सेक्टरवार प्रदर्शन
सेक्टरों में निफ्टी PSU बैंक सबसे बेहतर प्रदर्शन करने वाला क्षेत्र रहा, जिसमें 2.20 प्रतिशत की जोरदार बढ़त आई। निफ्टी ऑयल एंड गैस में 0.8 प्रतिशत की तेजी रही, जबकि निफ्टी कंज्यूमर ड्यूरेबल्स और निफ्टी फाइनेंशियल सर्विसेज दोनों में 0.17 प्रतिशत की बढ़त दर्ज हुई।
दूसरी ओर, निफ्टी रियल्टी में 1.32 प्रतिशत और निफ्टी मीडिया में 1.28 प्रतिशत की गिरावट आई। निफ्टी ऑटो और निफ्टी मेटल में क्रमशः 1.01 प्रतिशत और 0.99 प्रतिशत की कमजोरी देखी गई, जबकि निफ्टी आईटी 0.95 प्रतिशत गिरा।
शीर्ष गेनर और लूज़र
निफ्टी50 में SBI, BEL, Eternal, Titan, श्रीराम फाइनेंस और Cipla के शेयरों में सर्वाधिक तेजी रही। वहीं Power Grid, Tata Steel, JSW Steel, TCS और Bajaj Auto के शेयरों में सबसे अधिक दबाव देखा गया।
विशेषज्ञ क्या कहते हैं
बाजार विशेषज्ञों के अनुसार, क्रूड ऑयल की कीमतों में नरमी और होर्मुज जलडमरूमध्य से शिपिंग गतिविधियों को सामान्य बनाने के लिए तेज हुई कूटनीतिक कोशिशों ने बाजार को सहारा दिया। इसके अलावा भारतीय रिज़र्व बैंक (RBI) के स्थिर नीतिगत रुख और विकास के सकारात्मक दृष्टिकोण ने हैवीवेट, बैंकिंग और एनर्जी शेयरों में चुनिंदा खरीदारी को प्रोत्साहित किया।
विशेषज्ञों का यह भी मानना है कि क्रूड कीमतों में नरमी से महंगाई का दबाव घटेगा, जिससे आने वाली तिमाहियों में कंपनियों के मार्जिन में सुधार की उम्मीद है। O2C आधारित कारोबार में लंबे समय की कमजोरी के बाद 'बार्गेन बाइंग' देखी जा रही है, क्योंकि बाजार एनर्जी, टेलीकॉम और रिटेल क्षेत्रों में इसकी दीर्घकालिक वैल्यू का पुनर्मूल्यांकन कर रहा है।
आगे की राह
ऑटो, मेटल, आईटी, रियल्टी और सीमेंट जैसे क्षेत्रों में मुनाफावसूली के बावजूद स्मॉल-कैप शेयरों में तेजी ने व्यापक बाजार को मजबूत बनाए रखा। वैश्विक संकेतों, क्रूड कीमतों की दिशा और RBI की आगामी नीतिगत टिप्पणियों पर निवेशकों की नजर बनी रहेगी।