सेंसेक्स 347 अंक उछला, 77,155 पर बंद; लगातार चौथे सत्र में बढ़त, मेटल-PSU बैंक अगुवा
सारांश
मुख्य बातें
BSE सेंसेक्स बुधवार, 17 जून 2026 को 347.14 अंक यानी 0.45 प्रतिशत की बढ़त के साथ 77,155.62 पर बंद हुआ, जबकि निफ्टी 50 96.55 अंक या 0.40 प्रतिशत चढ़कर 24,085.70 पर ठहरा। कंज्यूमर ड्यूरेबल्स, मेटल और PSU बैंक शेयरों की अगुवाई में यह लगातार चौथा सत्र रहा जब भारतीय शेयर बाजार हरे निशान में बंद हुआ।
मुख्य घटनाक्रम
सेंसेक्स 77,080.09 पर खुला और दिन के कारोबार में 77,218.99 का इंट्रा-डे उच्च स्तर छुआ। निफ्टी 50 ने 24,044.50 से कारोबार शुरू कर 24,108.20 का दिन का सर्वोच्च स्तर दर्ज किया। महत्वपूर्ण यह रहा कि निफ्टी मनोवैज्ञानिक रूप से अहम 24,000 के स्तर के ऊपर टिका रहा।
व्यापक बाजार ने प्रमुख सूचकांकों को पीछे छोड़ा — निफ्टी मिडकैप 100 में 0.52 प्रतिशत और निफ्टी स्मॉलकैप 100 में 0.79 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज हुई, जो व्यापक बाजार में निवेशकों की भागीदारी का संकेत है।
सेक्टरवार प्रदर्शन
निफ्टी कंज्यूमर ड्यूरेबल्स, निफ्टी PSU बैंक और निफ्टी मेटल ने 1 से 2 प्रतिशत तक की बढ़त के साथ बाजार की अगुवाई की। निफ्टी आईटी और निफ्टी ऑयल एंड गैस में भी तेजी रही। दूसरी ओर, निफ्टी ऑटो में 0.62 प्रतिशत, निफ्टी रियल्टी में 0.43 प्रतिशत और निफ्टी एफएमसीजी में 0.17 प्रतिशत की गिरावट आई।
निफ्टी 50 के शीर्ष लाभ पाने वाले शेयरों में ट्रेंट, भारत इलेक्ट्रॉनिक्स (BEL), हिंडाल्को इंडस्ट्रीज, SBI लाइफ, एटर्नल, HDFC लाइफ और टाटा स्टील शामिल रहे। वहीं, टाटा मोटर्स पैसेंजर व्हीकल्स, सिप्ला, बजाज फिनसर्व, ONGC और एक्सिस बैंक सबसे अधिक दबाव में रहे।
वैश्विक संकेत और भू-राजनीतिक असर
बाजार विशेषज्ञों के अनुसार, अमेरिका और ईरान के बीच औपचारिक शांति समझौते तथा होर्मुज जलडमरूमध्य को दोबारा खोलने की योजना से वैश्विक निवेशकों का भरोसा बढ़ा है। भू-राजनीतिक तनाव में कमी और ऊर्जा कीमतों में नरमी ने बाजार को सकारात्मक दिशा दी।
अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतें तीन महीने के निचले स्तर पर आकर 74-75 डॉलर प्रति बैरल के दायरे में कारोबार कर रही हैं, जबकि घरेलू वायदा बाजार में क्रूड ऑयल ₹7,100-7,200 प्रति बैरल के करीब स्थिर है। विशेषज्ञों का कहना है कि इससे भारत का आयात बिल घटेगा और महंगाई पर नियंत्रण में मदद मिलेगी।
इसके अलावा, भारतीय रुपया डॉलर के मुकाबले मजबूत बना हुआ है और डॉलर-रुपया विनिमय दर लगभग 94.6 के स्तर पर है। विशेषज्ञों के अनुसार इससे महंगाई के मोर्चे पर राहत और भारत के बाहरी आर्थिक संतुलन में सुधार की उम्मीद है।
बाजार की अस्थिरता और तकनीकी दृष्टिकोण
बाजार विशेषज्ञों के अनुसार, इंडिया VIX तीन महीने के सबसे निचले स्तर पर आ गया है, जो निकट भविष्य में जोखिम और अनिश्चितता में कमी का संकेत देता है। यह बाजार के लिए सकारात्मक संकेत माना जा रहा है।
तकनीकी दृष्टि से 24,100 से 24,200 का दायरा निकटतम प्रतिरोध क्षेत्र बनकर उभरा है। यदि निफ्टी इस स्तर के ऊपर टिकने में सफल रहता है, तो इंडेक्स 24,400 के अगले महत्वपूर्ण लक्ष्य की ओर बढ़ सकता है। वहीं, 24,000 का स्तर अब मजबूत सपोर्ट के रूप में काम करेगा और 23,900 के नीचे फिसलने पर 23,800 तक हल्की मुनाफावसूली संभव है।
आगे क्या देखें
विशेषज्ञों के अनुसार आने वाले सत्रों में निवेशकों की नजर अमेरिकी फेडरल रिजर्व की मौद्रिक नीति बैठक के नतीजों पर रहेगी। बाजार को उम्मीद है कि फेड फिलहाल ब्याज दरों में कोई बदलाव नहीं करेगा, लेकिन भविष्य की नीति को लेकर दिए जाने वाले संकेत बाजार की दिशा तय करेंगे। अमेरिका-ईरान शांति प्रक्रिया की प्रगति और ऊर्जा बाजार के सामान्य होने की गति भी दीर्घकालिक तेजी की कुंजी होगी।