सेंसेक्स 544 अंक उछलकर 76,808 पर बंद, निफ्टी 24,000 के करीब; लगातार तीसरे दिन बाजार हरे निशान में
सारांश
मुख्य बातें
बीएसई सेंसेक्स मंगलवार, 16 जून 2026 को 544.15 अंक यानी 0.71 प्रतिशत की बढ़त के साथ 76,808.48 पर बंद हुआ, जबकि एनएसई निफ्टी 50 135.25 अंक या 0.57 प्रतिशत चढ़कर 23,989.15 पर पहुँचा। यह भारतीय शेयर बाजार की लगातार तीसरे कारोबारी सत्र में तेजी है — एक ऐसे सप्ताह में जब वैश्विक भू-राजनीतिक समीकरण तेजी से बदले हैं।
मुख्य घटनाक्रम
सेंसेक्स अपने पिछले बंद स्तर 76,264.33 से 262.44 अंक की बढ़त के साथ 76,526.77 पर खुला और इंट्राडे में 76,846.74 का उच्चतम स्तर छुआ। निफ्टी 50 पिछले बंद 23,853.90 से 70 अंक ऊपर 23,923.90 पर खुला और दिन के कारोबार में 24,002.60 तक पहुँचा — हालाँकि अंत में यह 24,000 के मनोवैज्ञानिक स्तर से थोड़ा नीचे बंद हुआ।
व्यापक बाजार में भी उत्साह देखा गया। निफ्टी मिडकैप और निफ्टी स्मॉलकैप इंडेक्स दोनों में 0.40 प्रतिशत से अधिक की बढ़त दर्ज हुई।
सेक्टरवार प्रदर्शन
निफ्टी आईटी, निफ्टी कंज्यूमर ड्यूरेबल्स, निफ्टी ऑयल एंड गैस, निफ्टी मीडिया, निफ्टी एफएमसीजी और निफ्टी रियल्टी में 1 से 2 प्रतिशत तक की बढ़त रही। दूसरी ओर, निफ्टी ऑटो, निफ्टी फार्मा, निफ्टी पीएसयू बैंक और निफ्टी मेटल लाल निशान में बंद हुए।
शीर्ष लाभार्थी शेयरों में एचसीएल टेक्नोलॉजीज, टाटा कंज्यूमर, एनटीपीसी, बजाज फिनसर्व, हिंदुस्तान यूनिलीवर (HUL) और ओएनजीसी शामिल रहे। वहीं, हिंडाल्को, जेएसडब्ल्यू स्टील, एचडीएफसी लाइफ, आइशर मोटर्स और मारुति सुजुकी सबसे ज्यादा गिरावट वाले शेयरों में रहे।
वैश्विक कारण और रुपए की मजबूती
बाजार विशेषज्ञों के अनुसार, अमेरिका और ईरान के बीच हुए औपचारिक शांति समझौते तथा होर्मुज जलडमरूमध्य को दोबारा खोलने की योजना से निवेशकों का भरोसा मजबूत हुआ है। इन घटनाओं से वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति में बाधा और भू-राजनीतिक तनाव को लेकर बनी चिंताएँ काफी हद तक कम हुई हैं।
भू-राजनीतिक तनाव में कमी का सीधा असर भारतीय रुपए पर भी पड़ा। रुपया डॉलर के मुकाबले मजबूत होकर 95 रुपए के स्तर से नीचे आ गया और करीब 94.6 के आसपास कारोबार करता देखा गया। विशेषज्ञों का कहना है कि इससे भारत के बाहरी आर्थिक संतुलन को लेकर निवेशकों का विश्वास बढ़ा है।
तकनीकी विश्लेषण
तकनीकी दृष्टि से 24,000 का स्तर फिलहाल निफ्टी के लिए सबसे महत्वपूर्ण रेजिस्टेंस बना हुआ है। सूचकांक ने इस स्तर को छूने की कोशिश की, लेकिन निर्णायक ब्रेकआउट नहीं दे पाया। विशेषज्ञों के अनुसार, यदि निफ्टी 24,000 के ऊपर मजबूती से टिकता है, तो 24,200 से 24,400 तक की तेजी संभव है। नीचे की ओर 23,900 तत्काल सपोर्ट है, जबकि 23,800 के ऊपर बने रहना मौजूदा तेजी के ढाँचे को बनाए रखने के लिए जरूरी होगा।
आगे क्या देखें निवेशक
आने वाले दिनों में निवेशकों की नजर अमेरिका-ईरान शांति समझौते के क्रियान्वयन और अमेरिकी फेडरल रिजर्व की मौद्रिक नीति बैठक पर रहेगी। हाल के महीनों में ऊर्जा कीमतों में बढ़ोतरी के कारण महंगाई के आँकड़े ऊँचे बने हुए हैं, इसलिए ब्याज दरों पर फेड का रुख वैश्विक बाजारों के लिए निर्णायक रहेगा। विशेषज्ञों का मानना है कि स्थायी तेजी तभी संभव होगी जब शांति समझौता सफलतापूर्वक लागू हो और ऊर्जा बाजार सामान्य स्थिति में लौटें।