3 अगस्त 2026
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सेंसेक्स 544 अंक उछला, निफ्टी 24,774 पर बंद; कच्चे तेल की गिरावट से लगातार चौथे सत्र में तेजी

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सेंसेक्स 544 अंक उछला, निफ्टी 24,774 पर बंद; कच्चे तेल की गिरावट से लगातार चौथे सत्र में तेजी

सारांश

अमेरिका-ईरान शांति की उम्मीद से कच्चे तेल में गिरावट आई और भारतीय बाजार लगातार चौथे सत्र में चमका। सेंसेक्स 544 अंक उछला, निफ्टी IT ने 3.28% की बढ़त से नेतृत्व किया, और चार सत्रों में निवेशकों की संपत्ति ₹11 लाख करोड़ बढ़ी।

मुख्य बातें

BSE सेंसेक्स 3 अगस्त को 544.39 अंक (0.70%) उछलकर 78,639 पर बंद हुआ।
निफ्टी 50 390.70 अंक (1.60%) की बढ़त के साथ 24,774.30 पर बंद हुआ।
चार लगातार सत्रों में सेंसेक्स 1,850 अंक (2.44%) और निफ्टी 800 अंक (3.3%) चढ़े।
एकल सत्र में निवेशकों ने करीब ₹4 लाख करोड़ कमाए; BSE मार्केट कैप ₹490 लाख करोड़ पार।
निफ्टी आईटी सबसे बड़ा गेनर ( 3.28% ); निफ्टी मीडिया एकमात्र लूज़र ( -3.09% )।
बाजार की नजरें अब RBI MPC की आगामी बैठक और रेपो दर संकेतों पर टिकी हैं।

बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज (BSE) सेंसेक्स सोमवार, 3 अगस्त को 544.39 अंक यानी 0.70 प्रतिशत की छलांग लगाकर 78,639 पर बंद हुआ, जबकि नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) निफ्टी 50 390.70 अंक यानी 1.60 प्रतिशत की बढ़त के साथ 24,774.30 पर बंद हुआ। अमेरिका-ईरान शांति समझौते की संभावनाओं के बीच अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में भारी गिरावट ने भारतीय बाजार को लगातार चौथे सत्र में हरे निशान पर बंद कराया।

मुख्य घटनाक्रम

व्यापक बाजार में भी उत्साह देखा गया। निफ्टी मिडकैप 100 इंडेक्स 1.21 प्रतिशत चढ़ा, जबकि स्मॉलकैप 100 इंडेक्स में 1.29 प्रतिशत की बढ़त दर्ज की गई। यह तेजी संकेत देती है कि बाजार में खरीदारी का दायरा केवल बड़े शेयरों तक सीमित नहीं रहा।

सेक्टरवार प्रदर्शन की बात करें तो निफ्टी मीडिया इंडेक्स को छोड़कर — जो 3.09 प्रतिशत की गिरावट के साथ बंद हुआ — सभी क्षेत्रीय सूचकांक हरे निशान में रहे। निफ्टी आईटी इंडेक्स ने 3.28 प्रतिशत की बढ़त के साथ सबसे शानदार प्रदर्शन किया। इसके बाद निफ्टी प्राइवेट बैंक (1.90 प्रतिशत), निफ्टी एफएमसीजी (1.72 प्रतिशत), निफ्टी मेटल (1.54 प्रतिशत), निफ्टी ऑटो (1.48 प्रतिशत) और निफ्टी पीएसयू बैंक (1.43 प्रतिशत) का स्थान रहा।

टॉप गेनर और लूज़र

निफ्टी 50 में सबसे अधिक लाभ कमाने वाले शेयरों में ग्रासिम इंडस्ट्रीज, टीसीएस, इंडिगो, इंफोसिस, श्रीराम फाइनेंस और एक्सिस बैंक शामिल रहे। दूसरी ओर, अपोलो हॉस्पिटल्स, सन फार्मा, मारुति सुजुकी, ओएनजीसी, टेक महिंद्रा और भारती एयरटेल के शेयरों में सबसे अधिक गिरावट देखी गई।

चार सत्रों में निवेशकों की बड़ी कमाई

लगातार चार सत्रों की इस तेजी में सेंसेक्स कुल 1,850 अंक यानी 2.44 प्रतिशत चढ़ा है, जबकि निफ्टी 50 में करीब 800 अंक यानी 3.3 प्रतिशत की वृद्धि हुई है। सोमवार के एकल सत्र में ही निवेशकों ने करीब ₹4 लाख करोड़ की कमाई की — BSE पर सूचीबद्ध कंपनियों का कुल बाजार पूंजीकरण पिछले सत्र के लगभग ₹486 लाख करोड़ से बढ़कर ₹490 लाख करोड़ से अधिक हो गया। गौरतलब है कि 28 जुलाई को BSE का कुल मार्केट कैप ₹479 लाख करोड़ था, यानी चार सत्रों में निवेशकों की संपत्ति में ₹11 लाख करोड़ की बढ़ोतरी हुई है।

विशेषज्ञ क्या कहते हैं

बाजार विशेषज्ञों के अनुसार, वैश्विक स्तर पर अनिश्चितता के बावजूद भारतीय बाजार की मजबूती उल्लेखनीय है। विश्लेषकों का कहना है कि अब निवेश के अवसर व्यापक बाजार की बजाय चुनिंदा शेयरों तक सिमटते जा रहे हैं, जिससे स्टॉक-चयन की भूमिका और महत्वपूर्ण हो गई है। लार्ज-कैप कंपनियाँ बाहरी अनिश्चितताओं के बीच स्थिरता प्रदान कर रही हैं, जबकि मजबूत बुनियादी ढाँचे वाली चुनिंदा मिड-कैप और स्मॉल-कैप कंपनियाँ दीर्घकालिक विकास की दृष्टि से आकर्षक मानी जा रही हैं।

आगे क्या

अधिकांश विश्लेषकों का मानना है कि भारतीय रिज़र्व बैंक (RBI) की आगामी मौद्रिक नीति समिति (MPC) की बैठक में नीतिगत रेपो दर में कोई बदलाव नहीं होगा — हालिया नीतिगत नरमी और मुद्रास्फीति व आर्थिक वृद्धि के संतुलित दृष्टिकोण को देखते हुए। निवेशकों की नजरें केंद्रीय बैंक के तरलता संकेतों, मुद्रास्फीति की दिशा और भविष्य की नीतिगत रणनीति पर टिकी रहेंगी। कॉर्पोरेट आय की रफ्तार, विदेशी निवेश प्रवाह और घरेलू आर्थिक आँकड़े आने वाले सत्रों में बाजार की दिशा तय करेंगे।

संपादकीय दृष्टिकोण

न कि घरेलू आर्थिक बुनियाद में किसी ठोस सुधार पर। यह ऐसे समय में आई है जब कॉर्पोरेट आय की रफ्तार मिली-जुली रही है और RBI की नीतिगत दिशा अभी भी अस्पष्ट है। IT सेक्टर की 3.28% की छलांग चौंकाती है, क्योंकि अमेरिकी मंदी की आशंकाएँ अभी पूरी तरह टली नहीं हैं। निवेशकों को यह याद रखना होगा कि भू-राजनीतिक समझौतों की 'उम्मीद' और उनका 'अमल' अलग-अलग होते हैं — और बाजार अक्सर उम्मीद पर ज़्यादा और हकीकत पर कम दौड़ता है।
RashtraPress
3 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

3 अगस्त को सेंसेक्स और निफ्टी कितने अंक बढ़कर बंद हुए?
3 अगस्त को BSE सेंसेक्स 544.39 अंक (0.70%) उछलकर 78,639 पर और निफ्टी 50 390.70 अंक (1.60%) की बढ़त के साथ 24,774.30 पर बंद हुआ। यह लगातार चौथा सत्र था जब बाजार हरे निशान में बंद हुआ।
भारतीय शेयर बाजार में आज की तेजी की वजह क्या रही?
अमेरिका-ईरान शांति समझौते की संभावनाओं के बीच अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में भारी गिरावट आई, जिससे निवेशकों की धारणा मजबूत हुई और व्यापक खरीदारी देखी गई। IT और बैंकिंग सेक्टर ने इस तेजी का नेतृत्व किया।
चार सत्रों में निवेशकों को कितना फायदा हुआ?
28 जुलाई से 3 अगस्त तक के चार कारोबारी सत्रों में BSE पर सूचीबद्ध कंपनियों का कुल मार्केट कैप ₹479 लाख करोड़ से बढ़कर ₹490 लाख करोड़ से अधिक हो गया, यानी निवेशकों की संपत्ति में ₹11 लाख करोड़ की बढ़ोतरी हुई।
आज किस सेक्टर ने सबसे अच्छा और सबसे बुरा प्रदर्शन किया?
निफ्टी आईटी इंडेक्स 3.28% की बढ़त के साथ सबसे शानदार प्रदर्शन करने वाला सेक्टर रहा। एकमात्र निफ्टी मीडिया इंडेक्स 3.09% की गिरावट के साथ लाल निशान में बंद हुआ, जबकि बाकी सभी क्षेत्रीय सूचकांक हरे निशान में रहे।
RBI MPC की बैठक का बाजार पर क्या असर होगा?
अधिकांश विश्लेषकों के अनुसार RBI की आगामी MPC बैठक में नीतिगत रेपो दर में कोई बदलाव नहीं होने की संभावना है। हालाँकि, केंद्रीय बैंक की तरलता, मुद्रास्फीति और भविष्य की नीतिगत दिशा पर टिप्पणियाँ ब्याज दर-संवेदनशील सेक्टरों और समग्र बाजार धारणा को प्रभावित कर सकती हैं।
राष्ट्र प्रेस
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