सेंसेक्स 120 अंक चढ़कर खुला, फिर 560 अंक टूटा; PSU बैंक मजबूत, IT-प्राइवेट बैंक दबाव में
सारांश
मुख्य बातें
बीएसई सेंसेक्स ने 19 अक्टूबर 2026 को सोमवार के कारोबारी सत्र में 74,849.30 के स्तर पर शुरुआत की — पिछले बंद भाव 74,729.27 से 120 अंक यानी 0.16 प्रतिशत ऊपर — लेकिन शुरुआती बढ़त टिक नहीं पाई और सूचकांक एक समय 560 अंक यानी 0.74 प्रतिशत गिरकर दिन के निचले स्तर 74,169.23 तक पहुँच गया। मिले-जुले वैश्विक संकेतों और होर्मुज क्षेत्र में बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव के बीच बाजार की दिशा अनिश्चित बनी रही।
सूचकांकों का हाल
एनएसई निफ्टी 50 ने 23,150.85 पर सत्र की शुरुआत की, जबकि इसका पिछला बंद भाव 23,146.15 था — यानी शुरुआत लगभग सपाट रही। व्यापक बाजारों में भी दबाव नजर आया: निफ्टी स्मॉल कैप 100 इंडेक्स में 0.54 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई, जबकि निफ्टी मिड कैप 100 इंडेक्स 0.37 प्रतिशत नीचे आया। यह ऐसे समय में आया है जब पिछले सप्ताह निफ्टी 2.8 प्रतिशत उछला था।
सेक्टोरल प्रदर्शन
सेक्टर-वार देखें तो निफ्टी PSU बैंक सबसे अधिक बढ़त वाला सूचकांक रहा और इसमें 1 प्रतिशत से अधिक की तेजी दर्ज हुई। निफ्टी ऑयल एंड गैस में भी करीब 0.6 प्रतिशत की बढ़त देखी गई।
दूसरी ओर, निफ्टी प्राइवेट बैंक, निफ्टी IT और निफ्टी केमिकल्स पर दबाव रहा और ये सूचकांक 1 प्रतिशत तक फिसले। आईटी कंपनियों के उम्मीद से बेहतर नतीजों के बाद भी IT सेक्टर में बिकवाली का दबाव उल्लेखनीय है।
विशेषज्ञों की राय
बाजार विशेषज्ञों के अनुसार, बैंकिंग क्षेत्र की मजबूत आय रिपोर्टें बाजार को आगे सहारा दे सकती हैं। हालांकि उन्होंने चेताया कि होर्मुज क्षेत्र में बढ़ता तनाव और ब्रेंट क्रूड का 109 डॉलर प्रति बैरल तक पहुँचना बाजार के लिए एक बड़ी चुनौती बना हुआ है।
विशेषज्ञों का यह भी मानना है कि बड़े शेयरों के आकर्षक वैल्यूएशन और रुपये में मजबूती के कारण विदेशी संस्थागत निवेशकों (FII) का रुख कुछ हद तक सकारात्मक हुआ है, लेकिन कच्चे तेल की ऊँची कीमतों के बीच यह सकारात्मक रुझान दीर्घकालिक नहीं रह सकता। लार्ज-कैप शेयरों का प्रदर्शन मिड-कैप और स्मॉल-कैप की तुलना में बेहतर रहने की संभावना जताई गई है।
तकनीकी संकेत
तकनीकी विश्लेषण के अनुसार निफ्टी के लिए तत्काल समर्थन स्तर 22,950 से 23,000 के दायरे में है, जबकि 23,250 से 23,300 का स्तर प्रमुख प्रतिरोध के रूप में देखा जा रहा है। रिलेटिव स्ट्रेंथ इंडेक्स (RSI) बढ़कर 52.81 पर पहुँच गया है, जो इसके औसत 34.70 से ऊपर है। पुट-कॉल रेशियो (PCR) 1.08 पर बना रहा।
FII-DII गतिविधि और कमोडिटी बाजार
गौरतलब है कि पिछले कारोबारी सत्र में 15 लगातार सत्रों की बिकवाली के बाद FII शुद्ध खरीदार बने और उन्होंने लगभग ₹1,166 करोड़ के शेयर खरीदे। वहीं घरेलू संस्थागत निवेशकों (DII) ने 45 सत्रों की लगातार खरीदारी का सिलसिला तोड़ते हुए करीब ₹3,661 करोड़ की शुद्ध बिकवाली की।
कमोडिटी मोर्चे पर ब्रेंट क्रूड करीब 2 प्रतिशत की गिरावट के साथ 107.76 डॉलर प्रति बैरल पर कारोबार कर रहा था, जबकि अमेरिकी WTI क्रूड लगभग 1 प्रतिशत फिसलकर 100.43 डॉलर प्रति बैरल पर था। एशियाई बाजारों में मिला-जुला रुख रहा — जापान का निक्केई 0.84 प्रतिशत नीचे था, जबकि हांगकांग का हैंगसेंग और दक्षिण कोरिया का कोस्पी 0.83 प्रतिशत तक की बढ़त के साथ हरे निशान में थे। इंडोनेशिया का जकार्ता कंपोजिट इंडेक्स 5 प्रतिशत से अधिक टूट गया।
दूसरी तिमाही के नतीजों का सिलसिला जारी रहने के साथ आने वाले सत्रों में शेयर-विशिष्ट गतिविधियाँ बाजार की दिशा तय करने में अहम भूमिका निभाएंगी।