5 अक्टूबर 2026
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इंडिगो ने बढ़ाया फ्यूल सरचार्ज, घरेलू उड़ानों पर ₹375 से ₹1,300 और यूरोप-अफ्रीका पर ₹6,000 तक का अतिरिक्त शुल्क

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इंडिगो ने बढ़ाया फ्यूल सरचार्ज, घरेलू उड़ानों पर ₹375 से ₹1,300 और यूरोप-अफ्रीका पर ₹6,000 तक का अतिरिक्त शुल्क

सारांश

इंडिगो ने एटीएफ कीमतों में दशकीय उछाल और वैश्विक कच्चे तेल में 40% की बढ़त के बाद फ्यूल सरचार्ज बढ़ा दिया है। 6 अक्टूबर से बुकिंग पर घरेलू उड़ानों में ₹375–₹1,300 और यूरोप-अफ्रीका मार्गों पर ₹6,000 तक का अतिरिक्त शुल्क लगेगा — त्योहारी सीजन से ठीक पहले यात्रियों को बड़ा झटका।

मुख्य बातें

इंडिगो ने 6 अक्टूबर 2026 से घरेलू और अंतरराष्ट्रीय दोनों उड़ानों पर फ्यूल सरचार्ज बढ़ाने की घोषणा की।
घरेलू मार्गों पर दूरी के अनुसार ₹375 से ₹1,300 तक का फ्यूल चार्ज लागू होगा।
यूरोप और अफ्रीका जाने वाली उड़ानों पर ₹6,000 प्रति यात्री सरचार्ज लगेगा।
एटीएफ की कीमतें महीने-दर-महीने 14% से अधिक बढ़कर पिछले एक दशक के उच्चतम स्तर पर पहुँची हैं।
वैश्विक कच्चे तेल की कीमतें बीते तीन महीनों में करीब 40% तक चढ़ चुकी हैं।
इंडिगो का कहना है कि यह बदलाव 'संतुलित और मामूली' है ताकि यात्रियों पर बोझ कम से कम पड़े।

देश की सबसे बड़ी एयरलाइन इंडिगो ने 5 अक्टूबर 2026 को घोषणा की कि वह एविएशन टरबाइन फ्यूल (एटीएफ) की कीमतों में तेज़ बढ़ोतरी के चलते अपनी घरेलू और अंतरराष्ट्रीय दोनों उड़ानों पर फ्यूल सरचार्ज में इज़ाफा करेगी। एयरलाइन के अनुसार यह संशोधित शुल्क मंगलवार, 6 अक्टूबर 2026 से बुक होने वाली सभी उड़ानों पर लागू होगा।

एटीएफ की कीमतें एक दशक के शीर्ष पर

इंडिगो ने अपने आधिकारिक बयान में कहा, 'ईंधन की कीमतों में लगातार बढ़ोतरी हो रही है। हाल ही में महीने-दर-महीने 14 प्रतिशत से अधिक की वृद्धि के कारण एटीएफ की लागत पिछले एक दशक के सबसे ऊँचे स्तर पर पहुँच गई है।' एयरलाइन ने यह भी स्पष्ट किया कि एटीएफ उसकी कुल परिचालन लागत का एक बड़ा हिस्सा है, और इस बढ़ोतरी का असर उसकी लागत संरचना व नेटवर्क इकोनॉमिक्स दोनों पर पड़ना तय है।

वैश्विक स्तर पर कच्चे तेल की कीमतें बीते तीन महीनों में करीब 40 प्रतिशत तक चढ़ चुकी हैं। इस उछाल को अमेरिका-ईरान के बीच जारी भू-राजनीतिक तनाव से जोड़ा जा रहा है, जिसने वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति श्रृंखला को प्रभावित किया है।

घरेलू मार्गों पर नया फ्यूल चार्ज ढाँचा

इंडिगो ने दूरी के आधार पर घरेलू उड़ानों के लिए फ्यूल सरचार्ज की पाँच श्रेणियाँ निर्धारित की हैं:

500 किलोमीटर तक की उड़ानों पर ₹375; 501 से 1,000 किलोमीटर तक पर ₹600; 1,001 से 1,500 किलोमीटर तक पर ₹900; 1,501 से 2,000 किलोमीटर तक पर ₹1,150; और 2,000 किलोमीटर से अधिक की उड़ानों पर ₹1,300 का अतिरिक्त फ्यूल शुल्क देना होगा।

अंतरराष्ट्रीय मार्गों पर शुल्क

अंतरराष्ट्रीय उड़ानों के लिए भी क्षेत्रवार अलग-अलग दरें तय की गई हैं। सार्क क्षेत्र में 500 किलोमीटर तक की दूरी पर ₹1,000 और 500 किलोमीटर से अधिक दूरी पर ₹3,000 का फ्यूल चार्ज लागू होगा।

साउथ-ईस्ट एशिया, जीसीसी, मिडिल ईस्ट तथा नॉर्थ व ईस्ट एशिया जाने वाली उड़ानों पर ₹5,500 का सरचार्ज लगेगा। अफ्रीका और यूरोप के मार्गों पर यह शुल्क ₹6,000 प्रति यात्री होगा।

एयरलाइन का रुख़ — 'संतुलित और मामूली बदलाव'

इंडिगो ने अपने बयान में कहा, 'ईंधन की बढ़ती लागत की भरपाई के लिए फ्यूल चार्ज में और अधिक बढ़ोतरी की ज़रूरत है, लेकिन यात्रियों पर बोझ कम रखने के लिए इंडिगो ने एक संतुलित और अपेक्षाकृत मामूली बदलाव किया है।' यह ऐसे समय में आया है जब भारतीय नागरिक उड्डयन क्षेत्र पोस्ट-कोविड उबरने के बाद यात्री-वृद्धि की रफ़्तार बनाए रखने की कोशिश में है।

गौरतलब है कि एटीएफ पर उत्पाद शुल्क और राज्य कर पहले से ही एयरलाइन उद्योग की प्रमुख शिकायतों में रहे हैं। उद्योग विशेषज्ञों के अनुसार, यदि कच्चे तेल की कीमतें इसी स्तर पर बनी रहीं, तो अन्य एयरलाइनें भी जल्द इसी रास्ते पर चल सकती हैं।

आम यात्री पर असर और आगे की राह

यह बढ़ोतरी त्योहारी सीजन और शीतकालीन यात्रा के मौसम की शुरुआत से ठीक पहले आई है, जब हवाई टिकटों की माँग अपने चरम पर होती है। छोटे मार्गों के यात्रियों पर अपेक्षाकृत कम असर होगा, लेकिन यूरोप और अफ्रीका जाने वाले यात्रियों को प्रति टिकट ₹6,000 तक का अतिरिक्त भार उठाना पड़ेगा।

नागरिक उड्डयन मंत्रालय और नागरिक उड्डयन महानिदेशालय (डीजीसीए) की ओर से इस संबंध में अभी तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। यदि वैश्विक तेल बाज़ार में स्थिरता नहीं लौटती, तो आने वाले महीनों में और एयरलाइनें भी इसी तरह के सरचार्ज लागू कर सकती हैं।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन त्योहारी सीजन की दहलीज़ पर इसका समय आम यात्री के लिए कटु है। असली सवाल यह है कि जब एटीएफ पर राज्य-स्तरीय कर और केंद्रीय उत्पाद शुल्क का बोझ उद्योग वर्षों से उठाता आ रहा है, तो नीतिगत राहत की माँग अनसुनी क्यों रह जाती है। अमेरिका-ईरान तनाव से उपजा यह तेल-उछाल अस्थायी हो सकता है, लेकिन सरचार्ज एक बार लगने के बाद नीचे आने में देर लगती है — भारतीय एयरलाइन उद्योग का इतिहास यही कहता है। यदि अन्य एयरलाइनें भी इसी राह पर चलीं, तो यह प्रभावी रूप से पूरे क्षेत्र में एकसमान मूल्य वृद्धि जैसा असर दिखाएगा।
RashtraPress
5 अक्टूबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

इंडिगो ने फ्यूल सरचार्ज क्यों बढ़ाया है?
इंडिगो ने एविएशन टरबाइन फ्यूल (एटीएफ) की कीमतों में महीने-दर-महीने 14% से अधिक की वृद्धि और वैश्विक कच्चे तेल में बीते तीन महीनों में करीब 40% के उछाल के कारण फ्यूल सरचार्ज बढ़ाया है। एटीएफ एयरलाइन की परिचालन लागत का एक बड़ा हिस्सा है, इसलिए यह बढ़ोतरी अपरिहार्य बताई गई है।
इंडिगो का नया फ्यूल सरचार्ज कब से लागू होगा?
नया फ्यूल सरचार्ज 6 अक्टूबर 2026 (मंगलवार) से बुक होने वाली सभी घरेलू और अंतरराष्ट्रीय उड़ानों पर लागू होगा।
घरेलू उड़ानों पर कितना फ्यूल चार्ज लगेगा?
दूरी के आधार पर घरेलू उड़ानों पर ₹375 (500 किमी तक), ₹600 (501–1,000 किमी), ₹900 (1,001–1,500 किमी), ₹1,150 (1,501–2,000 किमी) और ₹1,300 (2,000 किमी से अधिक) का फ्यूल सरचार्ज लागू होगा।
अंतरराष्ट्रीय उड़ानों पर इंडिगो का नया सरचार्ज कितना है?
सार्क क्षेत्र में 500 किमी तक की उड़ानों पर ₹1,000 और 500 किमी से अधिक पर ₹3,000 लगेगा। साउथ-ईस्ट एशिया, जीसीसी, मिडिल ईस्ट और नॉर्थ व ईस्ट एशिया के मार्गों पर ₹5,500 तथा अफ्रीका और यूरोप के मार्गों पर ₹6,000 प्रति यात्री फ्यूल चार्ज देना होगा।
क्या अन्य भारतीय एयरलाइनें भी फ्यूल सरचार्ज बढ़ा सकती हैं?
उद्योग विशेषज्ञों के अनुसार, यदि एटीएफ की कीमतें इसी ऊँचाई पर बनी रहीं, तो अन्य एयरलाइनें भी जल्द इसी तरह के सरचार्ज की घोषणा कर सकती हैं। अभी तक नागरिक उड्डयन मंत्रालय या डीजीसीए की कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।
राष्ट्र प्रेस
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