जापान ने भारत के लिए 16,420 करोड़ रुपए का ओडीए लोन देने का किया वादा; मेट्रो, स्वास्थ्य और कृषि परियोजनाओं पर होगा ध्यान
सारांश
Key Takeaways
- जापान ने भारत को 16,420 करोड़ रुपए का ओडीए लोन देने की घोषणा की।
- यह लोन मेट्रो, स्वास्थ्य और कृषि परियोजनाओं में निवेश किया जाएगा।
- कर्नाटक, महाराष्ट्र और पंजाब जैसे राज्यों को इससे लाभ होगा।
- स्वास्थ्य सेवाओं और कृषि ढांचे में सुधार की उम्मीद है।
- भारत-जापान का विकास सहयोग 1958 से चल रहा है।
नई दिल्ली, 27 मार्च (राष्ट्र प्रेस)। जापान सरकार ने भारत को चार प्रमुख परियोजनाओं के लिए 275.858 बिलियन जापानी येन (लगभग 16,420 करोड़ रुपए) का आधिकारिक विकास सहायता (ओडीए) लोन देने की घोषणा की है। इस बारे में जानकारी वित्त मंत्रालय ने शुक्रवार को दी।
यह राशि शहरी परिवहन, स्वास्थ्य और कृषि जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्रों में विकास कार्यों के लिए प्रयोग की जाएगी। इस सहायता से कर्नाटक, महाराष्ट्र और पंजाब जैसे राज्यों में बड़े प्रोजेक्ट्स को आगे बढ़ाने में मदद मिलेगी।
लोन का एक बड़ा हिस्सा मेट्रो रेल नेटवर्क के विकास में लगाया जाएगा। बेंगलुरु मेट्रो प्रोजेक्ट के फेज 3 के लिए 102.480 बिलियन येन आवंटित किए जाएंगे, जिससे शहर में ट्रैफिक घटाने और बेहतर कनेक्टिविटी सुनिश्चित करने में मदद मिलेगी।
इस परियोजना का मुख्य उद्देश्य सार्वजनिक परिवहन को बढ़ावा देना, प्रदूषण को कम करना और शहर के पर्यावरण को सुधारना है।
इसी प्रकार, मुंबई मेट्रो लाइन 11 प्रोजेक्ट के लिए 92.400 बिलियन येन का प्रावधान किया गया है। इससे मुंबई में ट्रैफिक की समस्या को कम करने और शहर में आवागमन को सरल बनाने में सहायता मिलेगी। इसके साथ ही, वाहनों से होने वाले प्रदूषण में भी कमी आएगी।
स्वास्थ्य क्षेत्र में भी बड़े पैमाने पर निवेश किया जा रहा है। महाराष्ट्र में बेहतर अस्पताल, मेडिकल कॉलेज और नर्सिंग संस्थानों के निर्माण के लिए 62.294 बिलियन येन की राशि दी जाएगी, जिसका उद्देश्य लोगों को बेहतर और सुलभ स्वास्थ्य सेवाएं प्रदान करना है।
वहीं कृषि क्षेत्र में, पंजाब में टिकाऊ बागवानी (हॉर्टिकल्चर) को बढ़ावा देने के लिए 18.684 बिलियन येन का आवंटन किया जाएगा। इससे किसानों को लाभकारी फसलों की ओर आगे बढ़ने में मदद मिलेगी और कृषि ढांचे तथा सप्लाई चेन को मजबूत बनाया जाएगा।
भारत और जापान के बीच विकास सहयोग का यह रिश्ता काफी पुराना है, जो 1958 से जारी है। आर्थिक सहयोग दोनों देशों के रिश्तों का एक महत्वपूर्ण हिस्सा रहा है और यह नया वित्तीय पैकेज इस साझेदारी को और मजबूत करेगा।