जियो प्लेटफॉर्म्स आईपीओ 21 अक्टूबर को खुलेगा; RIL शेयरधारकों के लिए ₹2,500 करोड़ का विशेष कोटा
सारांश
मुख्य बातें
जियो प्लेटफॉर्म्स लिमिटेड (JPL) का बहुप्रतीक्षित आरंभिक सार्वजनिक निर्गम (IPO) 21 अक्टूबर 2026 को सब्सक्रिप्शन के लिए खुलेगा और 23 अक्टूबर 2026 को बंद होगा। कंपनी ने 14 अक्टूबर 2026 को अहमदाबाद स्थित गुजरात के कंपनी रजिस्ट्रार के पास रेड हेरिंग प्रॉस्पेक्टस (RHP) दाखिल कर IPO का रास्ता औपचारिक रूप से साफ कर दिया। रिलायंस इंडस्ट्रीज लिमिटेड (RIL) के उपभोक्ता-केंद्रित व्यवसायों से मूल्य अनलॉक करने की रणनीति में यह एक निर्णायक पड़ाव है।
आईपीओ की संरचना और कोटा
एक्सचेंज फाइलिंग के अनुसार, इस IPO में ₹10 फेस वैल्यू वाले 27 करोड़ तक के नए इक्विटी शेयर जारी किए जाएंगे। इश्यू के भीतर दो विशेष कोटे निर्धारित किए गए हैं — जियो प्लेटफॉर्म्स के पात्र कर्मचारियों के लिए ₹500 करोड़ तक और रिलायंस इंडस्ट्रीज के पात्र शेयरधारकों के लिए ₹2,500 करोड़ तक के इक्विटी शेयर।
शेयरधारक कोटे का लाभ उन व्यक्तिगत निवेशकों और हिंदू अविभाजित परिवारों (HUF) को मिलेगा जो 14 अक्टूबर 2026 तक RIL के पब्लिक शेयरहोल्डर के रूप में पंजीकृत हैं। यह सुविधा लागू नियामकीय नियमों के अधीन होगी।
ऑफर शेड्यूल
एंकर निवेशकों के लिए बोली प्रक्रिया 19 अक्टूबर 2026 को संपन्न होगी। खुदरा और सामान्य निवेशकों के लिए पब्लिक इश्यू 21 अक्टूबर को खुलेगा और 23 अक्टूबर को बंद होगा। कंपनी की फाइलिंग में स्पष्ट किया गया है, 'एंकर निवेशकों के लिए आईपीओ 19 अक्टूबर 2026 को खुलेगा। खुदरा निवेशकों के लिए आईपीओ 21 अक्टूबर 2026 को खुलेगा और 23 अक्टूबर 2026 को बंद होगा।'
कंपनी की बाज़ार स्थिति
जियो प्लेटफॉर्म्स के अंतर्गत रिलायंस जियो इन्फोकॉम का टेलीकॉम परिचालन और डिजिटल कारोबार शामिल है। आँकड़ों के अनुसार, रिलायंस जियो इन्फोकॉम वर्तमान में भारतीय दूरसंचार बाज़ार में शीर्ष पर है — मोबाइल कनेक्शन में इसकी बाज़ार हिस्सेदारी 39.29% (50.6 करोड़ ग्राहक) और फिक्स्ड-लाइन में 32.89% (15.79 करोड़ ग्राहक) है।
यह ऐसे समय में आया है जब भारतीय IPO बाज़ार में बड़े तकनीकी और दूरसंचार निर्गमों को लेकर निवेशकों की रुचि उच्च स्तर पर बनी हुई है। गौरतलब है कि जियो प्लेटफॉर्म्स 2020 में फेसबुक, गूगल सहित वैश्विक निवेशकों से बड़े निवेश आकर्षित कर चर्चा में आया था।
रिलायंस की रणनीति और निवेशकों पर असर
यह IPO रिलायंस इंडस्ट्रीज की उस व्यापक रणनीति का हिस्सा है जिसका उद्देश्य उपभोक्ता-आधारित व्यवसायों की अलग लिस्टिंग के ज़रिए शेयरधारकों के लिए अतिरिक्त मूल्य अनलॉक करना है। RIL के मौजूदा शेयरधारकों को विशेष कोटे के ज़रिए प्राथमिकता देने का यह कदम खुदरा निवेशकों के लिए उल्लेखनीय है।
आने वाले सप्ताहों में एंकर निवेशकों की प्रतिक्रिया और सब्सक्रिप्शन के आँकड़े इस मेगा-IPO की बाज़ार में वास्तविक स्वीकार्यता का पैमाना तय करेंगे।