जियो आईपीओ को रिलायंस बोर्ड की मंजूरी, 27 करोड़ शेयरों का फ्रेश इश्यू; सेबी के पास जमा होगा डीआरएचपी
सारांश
मुख्य बातें
जियो प्लेटफॉर्म्स के बोर्ड ने 19 जून 2026 को कंपनी के बहुप्रतीक्षित आरंभिक सार्वजनिक निर्गम (आईपीओ) को औपचारिक मंजूरी दे दी। रिलायंस इंडस्ट्रीज के चेयरमैन एवं प्रबंध निदेशक मुकेश अंबानी ने शुक्रवार को यह घोषणा की और बताया कि ड्राफ्ट रेड हेरिंग प्रॉस्पेक्टस (डीआरएचपी) उसी दिन भारतीय प्रतिभूति एवं विनिमय बोर्ड (सेबी) के पास दाखिल किया जाएगा। यह भारतीय पूंजी बाज़ार के इतिहास में सबसे बड़े संभावित आईपीओ में से एक है।
आईपीओ की संरचना
रिलायंस इंडस्ट्रीज की एक्सचेंज फाइलिंग के अनुसार, प्रस्तावित आईपीओ में ₹10 की फेस वैल्यू वाले 27 करोड़ शेयरों का फ्रेश इश्यू शामिल होगा। शेयरों की अंतिम कीमत सेबी के 'इश्यू ऑफ कैपिटल एंड डिस्क्लोजर रिक्वायरमेंट्स (आईसीडीआर) रेगुलेशंस, 2018' के तहत बुक-बिल्डिंग प्रक्रिया से निर्धारित की जाएगी।
अंबानी का बयान
आईपीओ की घोषणा करते हुए मुकेश अंबानी ने कहा, 'यह मेरे लिए, पूरी रिलायंस परिवार और हमारे लाखों शेयरधारकों के लिए भावुक पल है।' उन्होंने रिलायंस और उसके शेयरहोल्डर्स के रिश्ते को 'गर्व, भरोसे, सम्मान और साथ मिलकर आगे बढ़ने पर आधारित एक गहरा और पवित्र रिश्ता' बताया। अंबानी ने कहा कि यह प्रतिबद्धता स्वर्गीय धीरूभाई अंबानी के लिए भी उतनी ही निजी थी और उनके लिए भी उतनी ही पवित्र है।
अगली पीढ़ी की भूमिका
अंबानी ने स्पष्ट किया कि उनके बच्चे — आकाश, ईशा और अनंत — जियो के आईपीओ प्रक्रिया की अगुवाई कर रहे हैं। तीनों भविष्य में वैल्यू निर्माण के अवसरों के मामले में अगली पीढ़ी का नेतृत्व करेंगे। यह घोषणा रिलायंस में उत्तराधिकार की दिशा में एक महत्वपूर्ण संकेत मानी जा रही है।
वैश्विक महत्त्व
अंबानी के अनुसार, 'जियो की प्रस्तावित लिस्टिंग दुनिया को दिखाएगी कि भारत ग्लोबल स्तर, ग्लोबल क्षमता और ग्लोबल वैल्यू वाली टेक्नोलॉजी कंपनियाँ बना सकता है।' उन्होंने सभी संभावित नए निवेशकों को भरोसा दिलाया कि 'जियो का भविष्य बहुत उज्ज्वल है।' जियो को इस वर्ष 'वैल्यू बनाने की दिशा में सबसे अहम पड़ाव' बताया जा रहा है।
आगे क्या होगा
डीआरएचपी दाखिल होने के बाद सेबी की समीक्षा प्रक्रिया शुरू होगी, जिसके बाद ही आईपीओ की तारीख और मूल्य-बैंड की घोषणा संभव होगी। गौरतलब है कि जियो प्लेटफॉर्म्स में मेटा, गूगल और अन्य वैश्विक निवेशकों की हिस्सेदारी पहले से मौजूद है, जो इस लिस्टिंग को वैश्विक निवेशकों के लिए भी आकर्षक बनाती है।