कागजी फाइल से डिजिटल फॉर्म में परिवर्तित, क्या-क्या बदलाव आए हैं आम बजट में?

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कागजी फाइल से डिजिटल फॉर्म में परिवर्तित, क्या-क्या बदलाव आए हैं आम बजट में?

सारांश

क्या आप जानते हैं कि भारतीय बजट में समय के साथ क्या-क्या बदलाव आए हैं? वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण के नेतृत्व में, बजट एक नई दिशा में आगे बढ़ रहा है। जानिए इस लेख में, कैसे बजट ने अपनी परंपराओं को बदलते हुए देश की आर्थिक नीति को आकार दिया है।

Key Takeaways

  • बजट का पहला पेशकश 1860 में हुआ था।
  • आजाद भारत का पहला बजट 1947 में पेश किया गया।
  • बजट अब डिजिटल रूप में उपलब्ध है।
  • रेल बजट को केंद्रीय बजट में शामिल किया गया है।
  • बजट अब 1 फरवरी को पेश होता है।

नई दिल्ली, 12 जनवरी (राष्ट्र प्रेस) - देश की वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण 1 फरवरी 2026 को केंद्रीय बजट प्रस्तुत करने जा रही हैं। यह उनका नौवां बजट होगा, और इसी के साथ वह लगातार 9 बार बजट पेश करने वाली पहली वित्त मंत्री बन जाएंगी। इसके साथ ही, यह भारत का 80वां केंद्रीय बजट होगा।

भारत का केंद्रीय बजट केवल आय-व्यय का दस्तावेज नहीं है, बल्कि यह देश की आर्थिक सोच और नीतिगत दिशा का भी आईना है। आजादी के बाद से अब तक बजट की तारीख, समय, प्रस्तुति की शैली और प्राथमिकताओं में कई बड़े बदलाव हुए हैं। समय के साथ भारत की अर्थव्यवस्था में परिवर्तन आया और बजट की परंपराएं भी आधुनिक होती गईं।

भारत में पहला बजट 7 अप्रैल 1860 को पेश किया गया था। उस समय देश ब्रिटिश शासन के अधीन था। आजाद भारत का पहला केंद्रीय बजट 26 नवंबर 1947 को पेश हुआ था, जिसे तत्कालीन वित्त मंत्री आर.के. शनमुखम चेट्टी ने संसद में प्रस्तुत किया। यह बजट आजादी के बाद की आर्थिक चुनौतियों को ध्यान में रखते हुए तैयार किया गया था, जिसमें देश के पुनर्निर्माण और बुनियादी जरूरतों पर फोकस किया गया।

इसके बाद से अब तक बजट की प्रक्रिया में कई ऐतिहासिक बदलाव हुए हैं।

लंबे समय तक भारत में केंद्रीय बजट हर साल 28 फरवरी को पेश किया जाता रहा, जो ब्रिटिश काल की परंपरा थी। लेकिन 2017 में मोदी सरकार ने बजट की तारीख 1 फरवरी कर दी। इसका उद्देश्य था कि बजट से जुड़ी योजनाएं नए वित्त वर्ष की शुरुआत यानी 1 अप्रैल से पहले लागू की जा सकें और राज्यों को अपनी योजनाएं बनाने के लिए अधिक समय मिल सके।

साल 2019 से पहले बजट को चमड़े के ब्रीफकेस में संसद लाया जाता था, लेकिन वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने इसे लाल रंग के कपड़े में लपेटकर पेश किया।

पहले बजट दस्तावेज भारी-भरकम कागज़ों में पेश किए जाते थे, लेकिन 2021 में पहली बार भारत का केंद्रीय बजट पूरी तरह डिजिटल फॉर्म में पेश किया गया। इसके साथ ही 'बजट ऐप' भी लॉन्च किया गया, जिससे आम लोग आसानी से बजट से जुड़ी जानकारी प्राप्त कर सकें।

आजादी के बाद कई दशकों तक भारत में अलग से रेल बजट पेश किया जाता था, लेकिन 2017 में इसे केंद्रीय बजट में शामिल किया गया। सरकार का तर्क था कि इससे संसाधनों का बेहतर उपयोग होगा और रेलवे के विकास को समग्र आर्थिक नीति से जोड़ा जा सकेगा।

एक समय ऐसा था जब भारत का बजट शाम 5 बजे पेश किया जाता था, लेकिन अटल बिहारी वाजपेयी की सरकार ने इसे सुबह 11 बजे कर दिया। तब से लेकर आज तक बजट इसी समय पेश किया जाता है।

वहीं, आम बजट 2026-27 को लेकर चर्चाएं तेज हैं, खासकर क्योंकि इस बार बजट की तारीख 1 फरवरी 2026 को रविवार है। इसे लेकर असमंजस की स्थिति है, लेकिन संसदीय इतिहास बताता है कि जरूरत पड़ने पर शनिवार और रविवार जैसे अवकाश वाले दिन भी कार्यदिवस घोषित किए जा चुके हैं।

संसदीय कार्य मंत्री किरण रिजिजू ने हाल ही में स्पष्ट किया है कि इस पर अंतिम निर्णय संसदीय मामलों की मंत्रिमंडलीय समिति द्वारा सही समय पर लिया जाएगा।

अगर 1 फरवरी को बजट पेश होता है, तो यह कोई नई बात नहीं होगी। 2020 में कोविड महामारी के दौरान रविवार को संसद की कार्यवाही हुई थी।

वर्ष 2015 और 2016 में वित्त मंत्री अरुण जेटली ने शनिवार को बजट पेश किया था। 2025 में निर्मला सीतारमण ने भी शनिवार को बजट प्रस्तुत किया था।

शुरुआती दौर में बजट का फोकस कृषि, सिंचाई और बुनियादी ढांचे पर था। समय के साथ शिक्षा, स्वास्थ्य, उद्योग, स्टार्टअप, डिजिटल इंडिया, ग्रीन एनर्जी और सामाजिक कल्याण जैसे विषय बजट की प्राथमिकताओं में शामिल होते गए। आज का बजट आत्मनिर्भर भारत, रोजगार सृजन और समावेशी विकास पर केंद्रित नजर आता है।

केंद्रीय बजट में हुए ये बदलाव दर्शाते हैं कि भारत की आर्थिक नीति समय के साथ अधिक व्यावहारिक, पारदर्शी और आधुनिक होती गई है। तारीख से लेकर समय और प्रस्तुति के तरीके तक, हर बदलाव का उद्देश्य देश के विकास को गति देना और नीतियों को जमीन पर जल्दी उतारना रहा है।

Point of View

यह स्पष्ट है कि बजट ने समय के साथ संवेदनशीलता और व्यावहारिकता दिखाई है। बजट की प्रक्रिया में किए गए बदलाव दर्शाते हैं कि भारत की अर्थव्यवस्था अब और अधिक समावेशी और आधुनिक है।
NationPress
12/01/2026

Frequently Asked Questions

भारत का पहला बजट कब पेश किया गया था?
भारत का पहला बजट 7 अप्रैल 1860 को पेश किया गया था।
केंद्रीय बजट का डिजिटल रूप कब पेश किया गया?
भारत का केंद्रीय बजट पहली बार पूरी तरह डिजिटल फॉर्म में 2021 में पेश किया गया।
बजट की तारीख को 1 फरवरी क्यों किया गया?
बजट की तारीख 1 फरवरी करने का उद्देश्य था कि योजनाएं नए वित्त वर्ष की शुरुआत से पहले लागू की जा सकें।
क्या रेल बजट अब अलग पेश किया जाता है?
नहीं, 2017 में रेल बजट को केंद्रीय बजट में शामिल कर लिया गया है।
बजट पेश करने का समय कब से सुबह 11 बजे है?
बजट पेश करने का समय सुबह 11 बजे अटल बिहारी वाजपेयी की सरकार से बदलकर किया गया है।
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