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क्या केंद्रीय मंत्री पुरी ने ओपेक के साथ भारत की मजबूत साझेदारी पर जोर दिया?

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क्या केंद्रीय मंत्री पुरी ने ओपेक के साथ भारत की मजबूत साझेदारी पर जोर दिया?

सारांश

केंद्रीय मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने ओपेक के साथ भारत की साझेदारी को मजबूत करने पर जोर दिया। उन्होंने ऊर्जा सुरक्षा के लिए महत्वपूर्ण पहलुओं पर प्रकाश डाला और पीएमयूवाई जैसी योजनाओं के प्रभावी कार्यान्वयन की जानकारी साझा की। इस बातचीत से भारत और ओपेक के बीच संबंध और भी गहरे होंगे।

मुख्य बातें

भारत का ओपेक के साथ मजबूत संबंध ऊर्जा सुरक्षा के लिए तेजी से कदम प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना का महत्व एलपीजी कवरेज में सुधार ग्रीन ऊर्जा की दिशा में पहल

वियना, 10 जुलाई (राष्ट्र प्रेस)। केंद्रीय पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने पेट्रोलियम निर्यातक देशों के संगठन ओपेक के साथ भारत की मजबूत साझेदारी पर जोर दिया। मंत्री ने ऑयल मार्केट को संतुलित बनाए रखने के तरीकों पर चर्चा की, ताकि ग्रीन और वैकल्पिक ऊर्जा की दिशा में वैश्विक संक्रमण सुचारू रूप से हो सके।

केंद्रीय मंत्री पुरी ने 9वें ओपेक इंटरनेशनल सेमीनार में ओपेक महासचिव हैथम अल घैस से मुलाकात की।

उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक पोस्ट में कहा, "हमने ओपेक के साथ भारत की मजबूत साझेदारी और यह सुनिश्चित करने के तरीकों पर चर्चा की कि ऑयल मार्केट संतुलित और पूर्वानुमानित रहें ताकि विशेष रूप से हाल की भू-राजनीतिक चुनौतियों के मद्देनजर ग्रीन और वैकल्पिक ऊर्जा के लिए वैश्विक संक्रमण सुचारू रूप से हो सके।"

मंत्री ने बताया कि दुनिया का तीसरा सबसे बड़ा तेल आयातक भारत और प्रमुख तेल उत्पादकों के समूह ओपेक के बीच एक अनोखा संबंध है।

अपने संबोधन में केंद्रीय मंत्री पुरी ने कहा कि ऊर्जा सुरक्षा हासिल करने के भारत के प्रयासों में तेजी आ रही है, और हम अपने नागरिकों की ऊर्जा जरूरतों को पूरा करने के लिए कार्यक्रमों को लागू करते रहेंगे।

उन्होंने उपस्थित लोगों को बताया, "प्रधानमंत्री की दूरदर्शी प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना (पीएमयूवाई) के तहत आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों की महिलाओं को 10.3 करोड़ से अधिक एलपीजी कनेक्शन दिए गए हैं, जो दुनिया का सबसे बड़ा क्लीन कुकिंग प्रोग्राम है।"

इससे ऊर्जा की पहुंच और जन स्वास्थ्य परिणामों दोनों में सुधार हुआ है।

ऐसे समावेशी प्रयासों से भारत में एलपीजी कवरेज 2014 के 55 प्रतिशत से बढ़कर आज लगभग सार्वभौमिक पहुंच तक पहुंच गया है, जबकि पीएमयूवाई लाभार्थियों के लिए एलपीजी की कीमतें दुनिया भर में सबसे कम हैं।

अंतरराष्ट्रीय एलपीजी कीमतों में 58 प्रतिशत की भारी वृद्धि के बावजूद, पीएमयूवाई उपभोक्ताओं को 14.2 किलोग्राम के सिलेंडर के लिए केवल 6-7 डॉलर का भुगतान करना पड़ता है, जो जुलाई 2023 में उनके द्वारा चुकाए गए 10-11 डॉलर से 39 प्रतिशत कम है।

केंद्रीय मंत्री पुरी ने बताया कि यह सरकारी समर्थन और ऑयल मार्केटिंग कंपनियों (ओएमसी) द्वारा पिछले साल इन कीमतों को बनाए रखने के लिए उठाए गए 4.70 अरब डॉलर के घाटे के कारण संभव हो पाया है।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

केंद्रीय मंत्री पुरी ने ओपेक के साथ किस विषय पर चर्चा की?
केंद्रीय मंत्री पुरी ने ओपेक के साथ ऑयल मार्केट को संतुलित बनाए रखने और ग्रीन ऊर्जा की दिशा में वैश्विक संक्रमण पर चर्चा की।
भारत की ऊर्जा सुरक्षा के लिए क्या कदम उठाए गए हैं?
भारत ने प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना जैसी पहल के माध्यम से ऊर्जा सुरक्षा को सुनिश्चित करने के प्रयास किए हैं।
राष्ट्र प्रेस
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