क्या भारत में कंपनियों का प्रदर्शन सुधर रहा है, निफ्टी अगले 12 महीनों में 29,000 के स्तर को छू सकता है?
सारांश
मुख्य बातें
मुंबई, 26 नवंबर (राष्ट्र प्रेस)। भारतीय कंपनियों के उत्कृष्ट प्रदर्शन, अच्छी त्योहारी मांग, नीतिगत समर्थन और बदलते व्यापक आर्थिक परिदृश्य के कारण, आगामी समय में भारत के कॉरपोरेट्स की आय में एक महत्वपूर्ण उछाल देखने को मिल सकता है, जो कि निफ्टी को अगले 12 महीनों में 29,000 के स्तर तक पहुँचाने में सहायक होगा। यह जानकारी बुधवार को जारी एक रिपोर्ट में साझा की गई।
लगातार पांच तिमाहियों में गिरावट के बाद, निफ्टी की आय में अंततः सकारात्मक बदलाव आया है, जिसमें वित्त वर्ष 2026, 2027 और 2028 के लिए क्रमशः 0.7 प्रतिशत, 0.9 प्रतिशत और 1.3 प्रतिशत का सुधार देखने को मिल सकता है।
पीएल कैपिटल की रिपोर्ट में कहा गया है, "यह सुधार संकेत देता है कि भविष्य में भारतीय कॉरपोरेट्स की आय में मजबूती देखने को मिलेगी, जिससे निवेशकों की धारणा में बदलाव आएगा।"
निफ्टी ने पिछले तीन महीनों में 4 प्रतिशत का रिटर्न प्राप्त किया है, जो दर्शाता है कि यह अपने कंसोलिडेशन चरण से बाहर निकल रहा है।
रिपोर्ट के अनुसार, वित्त वर्ष 2026 की दूसरी तिमाही में अपेक्षा से बेहतर कॉर्पोरेट आय, अमेरिका के साथ टैरिफ विवादों के समाधान में प्रगति, और चल रहे त्योहारी और शादी के मौसम में घरेलू खपत में सुधार निफ्टी को 29,000 के स्तर तक पहुँचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे।
घरेलू खपत में सुधार को सितंबर 2025 में लागू जीएसटी दरों के युक्तिकरण से भी सहायता मिली है, जिससे कई उपभोक्ता श्रेणियों में प्रभावी खुदरा मूल्य कम हुए हैं और शहरी तथा ग्रामीण बाजारों में खर्च बढ़ा है।
रिपोर्ट में बताया गया है कि निफ्टी का 15 वर्षों का औसत पीई 19.2 गुना है, जिससे सितंबर 2027 में ईपीएस 1,515 रहने का अनुमान है। इससे निफ्टी का 12 महीनों का लक्ष्य 29,094 आता है। बुल-केस स्थिति में यह 30,548 और बियर-केस स्थिति में 26,184 आता है।
रिपोर्ट के अनुसार, इसके मॉडल पोर्टफोलियो में हेल्थकेयर, बैंकों, उपभोक्ता सामान, ऑटोमोबाइल और रक्षा पर ओवरवेट रखा गया है, जबकि आईटी सेवाओं, वस्त्रों और तेल एवं गैस पर अंडरवेट है।
पीएल कैपिटल ने कहा कि उसके कवरेज में शामिल कंपनियों की तिमाही आय मजबूत बनी हुई है। सेल्स में 8.1 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई है। ईबीआईटीडीए 16.3 प्रतिशत बढ़ा है और कर के मुनाफा 16.4 प्रतिशत बढ़ा है।