क्या लगातार गिरावट के बाद हफ्ते के आखिरी कारोबारी दिन भारतीय शेयर बाजार हरे निशान में खुला?

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क्या लगातार गिरावट के बाद हफ्ते के आखिरी कारोबारी दिन भारतीय शेयर बाजार हरे निशान में खुला?

सारांश

भारतीय शेयर बाजार ने शुक्रवार को हरे निशान में कारोबार शुरू किया, लगातार गिरावट के बाद। प्रमुख बेंचमार्क में तेजी का संकेत दिया गया है। जानिए किस प्रकार बाजार में बदलाव हो रहे हैं और निवेशकों के लिए क्या सलाह दी गई है।

Key Takeaways

  • सेंसेक्स में 176 अंकों की बढ़त हुई है।
  • निफ्टी 46 अंकों की उछाल के साथ 25,923 पर है।
  • बैंक निफ्टी के लिए 59,300 से 59,400 का स्तर महत्वपूर्ण है।
  • निवेशकों को चयनात्मक और अनुशासित रहने की सलाह दी गई है।
  • 26,400 के ऊपर टिकाऊ ब्रेकआउट के बाद नई लॉन्ग पोजीशन पर विचार करें।

मुंबई, 9 जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। लगातार चार सत्रों में गिरावट के बाद, सप्ताह के अंतिम कारोबारी दिन, शुक्रवार को भारतीय शेयर बाजार हरे निशान में खुला। इस दौरान बाजार के प्रमुख बेंचमार्क में तेजी देखी गई।

शुरुआती कारोबार में सपाट स्थिति के बाद, खबर लिखे जाने तक 30 शेयरों वाला बीएसई सेंसेक्स 176 अंक या 0.21 प्रतिशत की बढ़त के साथ 84,357 के स्तर पर कारोबार कर रहा था। वहीं, निफ्टी 46 अंक या 0.18 प्रतिशत की उछाल के साथ 25,923 पर था।

इस दौरान, व्यापक बाजार में निफ्टी मिडकैप इंडेक्स में 0.24 प्रतिशत की वृद्धि हुई, जबकि निफ्टी स्मॉलकैप इंडेक्स में 0.44 प्रतिशत की गिरावट देखी गई।

सेक्टरवार, निफ्टी आईटी और निफ्टी पीएसयू बैंक इंडेक्स में 0.5 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई, जबकि निफ्टी फार्मा और रियल्टी इंडेक्स में करीब 0.4 प्रतिशत की गिरावट आई।

सेंसेक्स पैक में सबसे ज्यादा लाभ कमाने वाले शेयरों में इटरनल, एचसीएल टेक, बीईएल, एशियन पेंट्स, टेक महिंद्रा, पावर ग्रिड, इंफोसिस और बजाज फाइनेंस शामिल थे, जिनमें 0.5 प्रतिशत से 2.70 प्रतिशत तक की उछाल देखी गई।

वहीं दूसरी ओर, टीएमपीवी, आईसीआईसीआई बैंक, एनटीपीसी, सन फार्मा, टाटा स्टील और ट्रेंट कुछ ऐसे शेयर रहे, जिनके शेयरों में 1 प्रतिशत तक की गिरावट दर्ज की गई।

चॉइस ब्रोकिंग के टेक्निकल रिसर्च एनालिस्ट आकाश शाह ने कहा कि आज के कारोबारी सत्र में बाजार की दिशा काफी हद तक वैश्विक शेयर बाजारों के संकेतों, कच्चे तेल की कीमतों में उतार-चढ़ाव और संस्थागत निवेशकों के फंड फ्लो पर निर्भर रहने की संभावना है।

पिछले कारोबारी सत्र में निफ्टी कमजोर खुला और दिनभर दबाव में रहा। अंत में यह 26,000 के मनोवैज्ञानिक स्तर से नीचे बंद हुआ। यह स्थिति बाजार में सतर्क माहौल और नए तेजी वाले संकेतों की कमी को दर्शाती है। अब निफ्टी के लिए 25,700 से 25,750 का स्तर अहम सपोर्ट माना जा रहा है। वहीं, ऊपर की ओर 26,000 से 26,050 के दायरे के ऊपर टिके रहना आवश्यक है ताकि और गिरावट से बचा जा सके। इसके अलावा, 26,150 से 26,200 का स्तर तत्काल रेजिस्टेंस के रूप में कार्य कर रहा है।

एक्सपर्ट ने आगे कहा कि बैंक निफ्टी ने भी बाजार की कमजोरी का अनुसरण किया और बड़े बैंकिंग शेयरों में बिकवाली के चलते इसमें गिरावट देखी गई। इस इंडेक्स के लिए 59,300 से 59,400 का स्तर अहम सपोर्ट जोन है, जो आगे की गिरावट को थामने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है। वहीं, ऊपर की ओर 59,900 से 60,000 का दायरा एक मजबूत रेजिस्टेंस बना हुआ है। इस स्तर के ऊपर मजबूती से निकलने पर ही बैंक निफ्टी में तेजी की गति स्थिर हो सकती है।

मार्केट एक्सपर्ट शाह ने कहा कि वैश्विक स्तर पर जारी अनिश्चितता को देखते हुए निवेशकों और ट्रेडर्स को चयनात्मक और अनुशासित रहने की सलाह दी जाती है। साथ ही, बाजार में गिरावट के दौरान मौलिक रूप से मजबूत शेयरों पर ध्यान देने की आवश्यकता है। निफ्टी में 26,400 के स्तर के ऊपर सही और टिकाऊ ब्रेकआउट मिलने के बाद ही नई लॉन्ग पोजीशन पर विचार किया जाना चाहिए।

Point of View

हम देश की आर्थिक स्थिरता और विकास की दिशा में निवेशकों और व्यापारियों की चिंताओं को समझते हैं। बाजार में उतार-चढ़ाव सामान्य है, लेकिन सही रणनीति और चयनात्मक निवेश के माध्यम से हम इस स्थिति का सामना कर सकते हैं।
NationPress
09/01/2026

Frequently Asked Questions

भारतीय शेयर बाजार में गिरावट का क्या कारण है?
गिरावट का मुख्य कारण वैश्विक बाजारों में अस्थिरता, कच्चे तेल के दाम में उतार-चढ़ाव और संस्थागत निवेशकों की गतिविधियां हैं।
क्या निफ्टी 26,000 के स्तर से नीचे रहेगा?
अगर निफ्टी 25,700 से 25,750 के स्तर को बनाए रखता है, तो संभावना है कि यह फिर से 26,000 के स्तर तक पहुंच सकता है।
निवेशकों को क्या करना चाहिए?
निवेशकों को मौलिक रूप से मजबूत शेयरों पर ध्यान देना चाहिए और बाजार में गिरावट के दौरान अनुशासन बनाए रखना चाहिए।
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