एलआईसी डिविडेंड 2026: ₹10 प्रति शेयर लाभांश पाने की आज आखिरी तारीख, 25 जून है रिकॉर्ड डेट
सारांश
मुख्य बातें
भारतीय जीवन बीमा निगम (एलआईसी) का ₹10 प्रति इक्विटी शेयर का अंतिम डिविडेंड पाने के इच्छुक खुदरा निवेशकों के लिए 24 जून 2026 (बुधवार) अंतिम अवसर है। कंपनी ने 25 जून 2026 को रिकॉर्ड डेट निर्धारित की है, और भारत में लागू टी+1 सेटलमेंट प्रणाली के तहत पात्रता के लिए शेयर आज ही खरीदने अनिवार्य हैं। एक्सचेंज फाइलिंग में यह जानकारी दी गई है।
रिकॉर्ड डेट और टी+1 सेटलमेंट का महत्व
भारतीय शेयर बाज़ारों में लागू टी+1 (ट्रेड प्लस वन डे) सेटलमेंट प्रणाली के अनुसार, यदि कोई निवेशक 24 जून को एलआईसी के शेयर खरीदता है, तो वे शेयर 25 जून तक उसके डीमैट खाते में दर्ज हो जाएंगे। चूँकि 25 जून ही रिकॉर्ड डेट है, इसलिए उस तारीख को जिन निवेशकों के खाते में शेयर दर्ज होंगे, केवल वही इस लाभांश के पात्र होंगे। 25 जून के बाद शेयर खरीदने वाले निवेशक इस डिविडेंड से वंचित रह जाएंगे।
एलआईसी का मजबूत वित्तीय प्रदर्शन
एलआईसी ने वित्त वर्ष 2025-26 की चौथी तिमाही (जनवरी-मार्च 2026) में असाधारण वित्तीय प्रदर्शन दर्ज किया। कंपनी का समेकित शुद्ध लाभ सालाना आधार पर 23.2 प्रतिशत बढ़कर ₹23,420 करोड़ पर पहुँच गया, जबकि पिछले वर्ष की समान तिमाही में यह ₹19,013 करोड़ था। इस अवधि में एलआईसी देश के समस्त केंद्रीय सार्वजनिक क्षेत्र उपक्रमों (सीपीएसई) में सर्वाधिक तिमाही मुनाफा कमाने वाली कंपनी रही।
कंपनी की शुद्ध प्रीमियम आय भी 11.6 प्रतिशत की वृद्धि के साथ ₹1.7 लाख करोड़ पर पहुँच गई, जो पिछले वित्त वर्ष की समान तिमाही में ₹1.5 लाख करोड़ थी। 31 मार्च 2026 तक एलआईसी की प्रबंधनाधीन परिसंपत्तियाँ (एयूएम) सालाना आधार पर 5 प्रतिशत बढ़कर ₹57,29,396 करोड़ हो गईं, जो एक वर्ष पूर्व ₹54,52,297 करोड़ थीं।
शेयर बाज़ार में एलआईसी की प्रतिक्रिया
मजबूत वित्तीय नतीजों की घोषणा के बाद 23 मई 2026 को बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज (बीएसई) में एलआईसी के शेयरों में करीब 5 प्रतिशत की तेज़ी आई और शेयर का भाव ₹839 तक पहुँच गया। गौरतलब है कि एलआईसी वित्तीय क्षेत्र की सबसे अधिक मुनाफा कमाने वाली कंपनी बनकर उभरी है, जो निवेशकों के लिए इसे और अधिक आकर्षक बनाती है।
डिविडेंड पर कर नियम
डिविडेंड से होने वाली आय शेयरधारकों के हाथों में कर योग्य (टैक्सेबल) होती है। यदि किसी निवासी निवेशक को एक वित्त वर्ष में ₹5,000 से अधिक का कुल डिविडेंड प्राप्त होता है, तो उस पर 10 प्रतिशत की दर से टीडीएस (स्रोत पर कर कटौती) लागू होता है। निवेशकों को सलाह दी जाती है कि वे अपनी कर देनदारी का आकलन करके ही निवेश निर्णय लें।
आगे क्या
रिकॉर्ड डेट के बाद एलआईसी निर्धारित समय-सीमा के भीतर पात्र शेयरधारकों के बैंक खातों में डिविडेंड राशि हस्तांतरित करेगी। कंपनी के मजबूत वित्तीय प्रदर्शन और निरंतर लाभांश नीति को देखते हुए विश्लेषकों का मानना है कि एलआईसी दीर्घकालिक निवेशकों के लिए एक स्थिर विकल्प बनी रहेगी।