दिनकर जयंती 2026: अमित शाह, राजनाथ सिंह समेत मंत्रियों ने राष्ट्रकवि को किया नमन
सारांश
मुख्य बातें
23 सितंबर 2026 को राष्ट्रकवि रामधारी सिंह 'दिनकर' की जयंती पर केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, भारतीय जनता पार्टी (BJP) के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन सहित कई केंद्रीय मंत्रियों ने एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर श्रद्धांजलि अर्पित की। नेताओं ने एकमत होकर कहा कि स्वाभिमान, साहस और राष्ट्रप्रेम की भावना से परिपूर्ण दिनकर की कालजयी रचनाएं आने वाली पीढ़ियों को हमेशा दिशा देती रहेंगी।
गृह मंत्री और रक्षा मंत्री की श्रद्धांजलि
गृह मंत्री अमित शाह ने एक्स पर अपनी पोस्ट में लिखा, 'अपनी कालजयी रचनाओं से राष्ट्र की चेतना को नई दिशा देने वाले राष्ट्रकवि रामधारी सिंह 'दिनकर' की जयंती पर उन्हें नमन। दिनकर जी की लेखनी में एक ओर स्वाधीनता की हुंकार थी, तो दूसरी ओर मानवीय करुणा की गहराई भी थी।' शाह ने 'रश्मिरथी' और 'कुरुक्षेत्र' का विशेष उल्लेख करते हुए कहा कि इन कृतियों ने पौराणिक प्रसंगों को आधुनिक प्रश्नों से जोड़कर हर पीढ़ी को नई दृष्टि दी।
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने एक्स पर लिखा कि दिनकर की ओजस्वी लेखनी ने देशवासियों में आत्मविश्वास, आत्मगौरव और राष्ट्र के प्रति समर्पण की भावना को निरंतर सुदृढ़ किया। उन्होंने कहा, 'उनकी अमर कृतियां और विचार हमारी राष्ट्रीय चेतना को सदैव दिशा देते रहेंगे।'
BJP अध्यक्ष और अन्य मंत्रियों की प्रतिक्रिया
BJP अध्यक्ष नितिन नवीन ने एक्स पर पोस्ट करते हुए दिनकर को स्वतंत्रता संग्राम से लेकर आपातकाल-विरोधी आंदोलन तक राष्ट्रीय चेतना का स्वर बताया। उन्होंने 'रश्मिरथी' का उल्लेख करते हुए कहा कि इस कृति ने भारत के सांस्कृतिक स्वाभिमान और मानवीय मूल्यों को प्रभावशाली अभिव्यक्ति दी।
संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने दिनकर की एक उक्ति का संदर्भ देते हुए लिखा कि जिसके जीवन में संघर्ष, कर्मठता और उत्साह नहीं, उसका व्यक्तित्व भी नहीं। उन्होंने कहा कि दिनकर का साहित्य न केवल राष्ट्रचेतना का संचार करता है, बल्कि भारतीय सामाजिक और राजनीतिक विमर्श को आज भी गहराई से प्रभावित करता है।
अन्य केंद्रीय मंत्रियों के संदेश
पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने एक्स पर दिनकर को 'महान साहित्यकार' बताते हुए कहा कि उनकी कालजयी रचनाएं हर पीढ़ी को राष्ट्रीय चेतना की नई ऊर्जा प्रदान करती रहेंगी। केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह ने एक्स पर दिनकर की पंक्तियाँ उद्धृत कीं — 'ज्योतिर्धर कवि मैं ज्वलित सौर-मण्डल का, मेरा शिखण्ड अरुणाभ, किरीट अनल का' — और 'रश्मिरथी', 'कुरुक्षेत्र' तथा 'हुंकार' को उनकी साहित्यिक प्रतिभा की अमर पहचान बताया।
केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान ने भी एक्स पर दिनकर को 'ओजस्वी रचनाओं के माध्यम से राष्ट्रीय चेतना को स्वर देने वाले महान साहित्यकार' बताते हुए कोटि-कोटि नमन किया।
दिनकर की साहित्यिक विरासत और प्रासंगिकता
गौरतलब है कि रामधारी सिंह 'दिनकर' हिंदी साहित्य के उन विरल कवियों में से हैं जिन्होंने स्वतंत्रता-पूर्व काल की क्रांतिकारी चेतना को काव्य में पिरोया और स्वतंत्रता के बाद भी सामाजिक न्याय तथा लोकतांत्रिक मूल्यों पर अपनी लेखनी चलाते रहे। उन्हें साहित्य अकादमी पुरस्कार और ज्ञानपीठ पुरस्कार से भी सम्मानित किया गया था। यह ऐसे समय में आया है जब हिंदी साहित्य की क्लासिक विरासत को नई पीढ़ी तक पहुँचाने पर राष्ट्रीय विमर्श जोर पकड़ रहा है — और दिनकर की रचनाएं इस सेतु का सबसे मजबूत स्तंभ मानी जाती हैं।