हेडगेवार पुण्यतिथि: अमित शाह बोले- 'राष्ट्र प्रथम के संस्कार जन-जन तक पहुँचाए', कई नेताओं ने किया नमन
सारांश
मुख्य बातें
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह सहित भारतीय जनता पार्टी (BJP) के कई वरिष्ठ नेताओं ने 21 जून 2025 को राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) के संस्थापक डॉ. केशव बलिराम हेडगेवार की पुण्यतिथि पर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की। नेताओं ने हेडगेवार के विचारों को आज के भारत की सांस्कृतिक और सामाजिक प्रगति का आधार बताया।
अमित शाह की श्रद्धांजलि
गृह मंत्री अमित शाह ने एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर पोस्ट करते हुए लिखा, 'राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के संस्थापक परमपूज्य डॉ. हेडगेवार की पुण्यतिथि पर उन्हें सादर नमन। युग प्रवर्तक डॉ. हेडगेवार ने संघ की स्थापना कर 'राष्ट्र प्रथम' और सांस्कृतिक राष्ट्रवाद के संस्कार को जन-जन तक पहुँचाया व एक सुरक्षित, समृद्ध और विश्व में सर्वश्रेष्ठ राष्ट्र के निर्माण का दूरदर्शी लक्ष्य रखा।'
शाह ने आगे लिखा कि हेडगेवार ने अस्पृश्यता से मुक्त, आत्मविश्वासी, स्वदेशी और संगठित समाज की ऐसी परिकल्पना दी, जो आज भारत की प्रगति का आधार स्तंभ बनी हुई है। उनके अनुसार, हेडगेवार का जीवन मातृभूमि के प्रति अगाध प्रेम, अनुशासन और समर्पण का अक्षय स्रोत है।
जेपी नड्डा और भाजपा नेताओं की प्रतिक्रिया
केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा ने डॉ. हेडगेवार को 'आद्य सरसंघचालक और प्रेरणास्रोत' बताते हुए कहा कि उन्होंने राष्ट्र की सांस्कृतिक चेतना को जागृत करने और युवाओं में राष्ट्र के प्रति समर्पण की भावना को प्रबल बनाने के उद्देश्य से RSS की स्थापना की। नड्डा ने यह भी कहा कि हेडगेवार का 'ओजस्वी व्यक्तित्व और राष्ट्र के प्रति समर्पित जीवन आने वाली पीढ़ियों को मातृभूमि की सेवा, कर्तव्यनिष्ठा, त्याग और समर्पण के मार्ग पर सदैव प्रेरित करता रहेगा।'
भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन ने अपनी श्रद्धांजलि में कहा कि हेडगेवार का जीवन भारत की सांस्कृतिक चेतना को जागृत करने का आधार बना और उनके विचार आज भी करोड़ों स्वयंसेवकों को राष्ट्रसेवा के पथ पर प्रेरित कर रहे हैं।
मुख्यमंत्री मोहन यादव और स्मृति ईरानी का नमन
मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव ने एक्स पर लिखा कि हेडगेवार ने 'कोटि-कोटि स्वयंसेवकों में राष्ट्रीय चरित्र विकसित करने के पावन ध्येय से संघ की स्थापना की और मां भारती के वैभव को अक्षुण्ण बनाए रखने में अतुलनीय योगदान दिया।' उन्होंने हेडगेवार के अनुशासित जीवन को युवाओं के लिए चिरकालिक प्रेरणा का स्रोत बताया।
पूर्व केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी ने हेडगेवार को 'महान राष्ट्रऋषि' कहते हुए लिखा कि उन्होंने 'व्यक्ति निर्माण से राष्ट्र निर्माण' के ध्येय को साकार किया और राष्ट्रभक्ति को जन-जन का संकल्प बनाया। ईरानी ने कहा कि हेडगेवार के विचार आज भी करोड़ों स्वयंसेवकों को राष्ट्र निर्माण के पथ पर आगे बढ़ने की शक्ति देते हैं।
हेडगेवार का ऐतिहासिक योगदान
गौरतलब है कि डॉ. केशव बलिराम हेडगेवार ने 1925 में नागपुर में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की स्थापना की थी। आज RSS विश्व के सबसे बड़े स्वयंसेवी संगठनों में से एक माना जाता है। यह पुण्यतिथि ऐसे समय में मनाई जा रही है जब संघ की विचारधारा और उसके राजनीतिक प्रभाव पर राष्ट्रीय स्तर पर व्यापक चर्चा जारी है।
नेताओं की इस श्रृंखलाबद्ध श्रद्धांजलि से स्पष्ट है कि BJP और उससे जुड़े नेता हेडगेवार की विरासत को अपनी वैचारिक पहचान के केंद्र में रखते हैं। आने वाले समय में संघ की स्थापना शताब्दी वर्ष की तैयारियों के बीच इस श्रद्धांजलि का राजनीतिक और सांस्कृतिक महत्त्व और भी बढ़ जाता है।