नागपुर एयरपोर्ट GMR को सौंपा गया, गडकरी बोले — मध्य भारत के आर्थिक विकास का नया इंजन बनेगा
सारांश
मुख्य बातें
केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने 25 जून 2026 को कहा कि डॉ. बाबासाहेब अंबेडकर अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा, नागपुर के आधुनिकीकरण और विस्तार से मध्य भारत की अर्थव्यवस्था को नई गति मिलेगी — कनेक्टिविटी सुधरेगी, निवेश बढ़ेगा और विदर्भ क्षेत्र में औद्योगिक विकास तेज होगा। यह बयान पब्लिक-प्राइवेट पार्टनरशिप (PPP) मॉडल के तहत नागपुर एयरपोर्ट को GMR ग्रुप को औपचारिक रूप से सौंपे जाने के कार्यक्रम में आया।
हस्तांतरण समारोह: मुख्य घटनाक्रम
इस अवसर पर केंद्रीय नागर विमानन मंत्री के. राममोहन नायडू और महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस भी उपस्थित रहे। तीनों नेताओं ने संयुक्त रूप से डॉ. बाबासाहेब अंबेडकर अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे के नए लोगो का अनावरण किया, जिसे एयरपोर्ट के विकास के नए दौर का प्रतीक बताया जा रहा है। PPP मॉडल के तहत यह हस्तांतरण बुनियादी ढाँचे के विकास में निजी भागीदारी की केंद्र सरकार की व्यापक नीति का हिस्सा है।
नागपुर की रणनीतिक भूमिका
गडकरी ने रेखांकित किया कि भारत के भौगोलिक केंद्र में स्थित होने के कारण नागपुर पहले से ही व्यापार, लॉजिस्टिक्स, विनिर्माण और मल्टीमॉडल ट्रांसपोर्ट का उभरता हुआ केंद्र है। उन्होंने कहा कि एयरपोर्ट का विस्तार इस स्थिति को और सुदृढ़ करेगा तथा नागपुर को एयरपोर्ट-आधारित आर्थिक केंद्र के रूप में स्थापित करेगा। यह ऐसे समय में आया है जब विदर्भ क्षेत्र पर्यटन, खनन, कृषि और निर्यात आधारित उद्योगों में निवेश की प्रतीक्षा में है।
अंतरराष्ट्रीय कनेक्टिविटी की माँग
गडकरी ने नागर विमानन मंत्रालय से अपील की कि नागपुर को सिंगापुर और दुबई जैसे प्रमुख अंतरराष्ट्रीय शहरों से सीधी उड़ान सेवा से जोड़ा जाए। उनके अनुसार, इससे व्यापार, पर्यटन, निवेश और कारोबारी गतिविधियाँ बढ़ेंगी और नागपुर का वैश्विक बाज़ारों से जुड़ाव मज़बूत होगा। गौरतलब है कि फिलहाल नागपुर से अधिकांश अंतरराष्ट्रीय यात्रियों को मुंबई या दिल्ली के रास्ते जाना पड़ता है।
स्थानीय संस्कृति और उत्पादों को मंच
स्थानीय उद्यमिता को बढ़ावा देने के संदर्भ में गडकरी ने सुझाव दिया कि नागपुर की प्रसिद्ध ऑरेंज बर्फी और अन्य क्षेत्रीय उत्पादों को एयरपोर्ट पर प्रदर्शित किया जाए। उन्होंने कहा कि इससे स्थानीय उद्यमियों को नई पहचान मिलेगी और विदर्भ की सांस्कृतिक विरासत को भी राष्ट्रीय-अंतरराष्ट्रीय मंच मिलेगा।
विस्तार योजनाएँ और आगे की राह
चरणबद्ध विस्तार योजनाओं के तहत एयरपोर्ट पर आधुनिक कार्गो सुविधाएँ, मेंटेनेंस, रिपेयर एंड ओवरहॉल (MRO) इंफ्रास्ट्रक्चर और यात्रियों के लिए बेहतर सुविधाएँ विकसित की जाएँगी। इन परियोजनाओं से यात्री एवं माल परिवहन क्षमता में उल्लेखनीय वृद्धि अपेक्षित है। गडकरी ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में विश्वस्तरीय बुनियादी ढाँचे के प्रति सरकार की प्रतिबद्धता के कारण ऐसे परिवर्तनकारी प्रोजेक्ट साकार हो पा रहे हैं। GMR ग्रुप के नेतृत्व में नागपुर एयरपोर्ट का यह नया अध्याय मध्य भारत की आर्थिक तस्वीर बदलने की क्षमता रखता है — बशर्ते विस्तार योजनाएँ समयबद्ध तरीके से अमल में आएँ।