नागपुर एयरपोर्ट GMR को सौंपा गया, CM फडणवीस बोले — विदर्भ और मध्य भारत के विकास का इंजन बनेगा
सारांश
मुख्य बातें
महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने 26 जून 2025 को घोषणा की कि बाबा साहेब अंबेडकर नागपुर अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट अब विदर्भ और मध्य भारत के आर्थिक विकास का प्रमुख केंद्र बनेगा। यह बयान उन्होंने जीएमआर ग्रुप को एयरपोर्ट के प्रबंधन, आधुनिकीकरण और विस्तार का औपचारिक कार्यभार सौंपे जाने के कार्यक्रम में दिया। इस अवसर पर केंद्रीय नागरिक उड्डयन मंत्री किंजारापु राममोहन नायडू, केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी और पूर्व नागरिक उड्डयन मंत्री प्रफुल पटेल भी उपस्थित रहे।
हस्तांतरण की पृष्ठभूमि
फडणवीस ने बताया कि इस परियोजना की नींव 2018 में रखी गई थी, जब एयरपोर्ट के विस्तार के लिए टेंडर जारी किए गए। 2019 में जीएमआर कंपनी को चुना गया, लेकिन इसके बाद उच्च न्यायालय और सर्वोच्च न्यायालय में याचिकाएँ दायर की गईं। वर्षों की कानूनी प्रक्रिया के बाद अंततः सकारात्मक निर्णय आया और केंद्रीय मंत्रिमंडल ने इसे मंजूरी दी। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस परियोजना के लिए केंद्र सरकार की ओर से पूरा समर्थन दिया।
विकास की रूपरेखा और 2029 का लक्ष्य
मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि एयरपोर्ट पर यात्री और कार्गो ट्रैफिक की बढ़ती माँग को देखते हुए दो टर्मिनल और दो रनवे की आवश्यकता है। जीएमआर को हस्तांतरण के बाद इन कार्यों का मार्ग प्रशस्त हो गया है। उन्होंने कहा कि अगले एक वर्ष में यात्रियों को सुविधाओं में बड़ा बदलाव दिखेगा और पूरी परियोजना को 2029 तक पूर्ण करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। राज्य सरकार मल्टी-मॉडल इंटरनेशनल कार्गो हब और महाराष्ट्र इंडस्ट्रियल डेवलपमेंट कॉरपोरेशन (MIDC) के लिए भूमि एवं हरसंभव सहयोग प्रदान करेगी।
क्षेत्रीय और औद्योगिक प्रभाव
फडणवीस ने रेखांकित किया कि नागपुर और उसके आसपास के क्षेत्रों में मेंटेनेंस कमांड, ऑटो-एविएशन और डिफेंस एविएशन मैन्युफैक्चरिंग में बड़े निवेश आ रहे हैं। इसके साथ ही कृषि, पर्यटन और अन्य क्षेत्रों का विकास भी तेज होगा। उन्होंने कहा कि नागपुर और विदर्भ में हो रहा औद्योगिक विकास पड़ोसी राज्यों — तेलंगाना, छत्तीसगढ़ और मध्य प्रदेश — को भी लाभान्वित करेगा। यह ऐसे समय में आया है जब नागपुर को देश के चार प्रमुख महानगरों से जोड़ने वाले लॉजिस्टिक्स हब के रूप में पहचान मिल रही है।
केंद्रीय मंत्रियों की प्रतिक्रिया
केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने इस हस्तांतरण को ऐतिहासिक कदम बताते हुए कहा कि इससे यात्रियों को बेहतर हवाई सुविधा मिलेगी और कार्गो हब के माध्यम से निर्यात को बड़ा बढ़ावा मिलेगा। उन्होंने यह भी बताया कि नागपुर के आसपास 350 से अधिक बाघों वाले टाइगर रिज़र्व हैं, जो पर्यटन की दृष्टि से भी एयरपोर्ट को महत्वपूर्ण बनाते हैं।
केंद्रीय नागरिक उड्डयन मंत्री राममोहन नायडू ने कहा कि यह महज एयरपोर्ट का हस्तांतरण नहीं, बल्कि विदर्भ के विकास की उड़ान है। उन्होंने भरोसा जताया कि एयरपोर्ट की मौजूदा वार्षिक क्षमता 30 लाख यात्रियों से बढ़कर 60 लाख होगी और दीर्घकाल में यह 3 करोड़ यात्रियों तक पहुँच सकती है। नायडू ने यह भी कहा कि दुबई, सिंगापुर, यूरोप और अमेरिका जैसे अंतरराष्ट्रीय गंतव्यों के लिए सीधी उड़ानों को प्राथमिकता दी जाएगी।
आगे की राह
गौरतलब है कि नागपुर की मेट्रो और सड़क कनेक्टिविटी पहले से मजबूत है, और आने वाले समय में इसे और बेहतर किया जाएगा। 2029 तक पूर्ण होने वाली यह परियोजना विदर्भ को एक नई आर्थिक पहचान दे सकती है — बशर्ते निवेश और क्रियान्वयन की गति अपेक्षाओं के अनुरूप बनी रहे।