महाराष्ट्र मेट्रो विस्तार: 2030 तक 302 किमी नए रूट, ₹2.80 लाख करोड़ की परियोजनाएं — CM फडणवीस
सारांश
मुख्य बातें
महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने 4 अगस्त 2026 को स्पष्ट किया कि राज्य में ₹2.80 लाख करोड़ की मेट्रो परियोजनाओं पर काम तेज़ गति से जारी है, जिसके तहत 2029-30 तक 302 किलोमीटर नए मेट्रो नेटवर्क और 161 स्टेशनों को चालू करने का लक्ष्य रखा गया है। मुंबई, पुणे, नागपुर और मुंबई महानगर क्षेत्र (MMR) में सुरक्षित, आधुनिक और पर्यावरण अनुकूल सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था को मज़बूत करना इस योजना का केंद्रीय उद्देश्य है।
मंत्रिमंडल समिति की बैठक में हुई समीक्षा
मुख्यमंत्री फडणवीस की अध्यक्षता में मंगलवार को मंत्रिमंडल की आधारभूत संरचना समिति की बैठक आयोजित हुई। इसमें उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे, उपमुख्यमंत्री सुनेत्रा पवार, चिकित्सा शिक्षा मंत्री हसन मुश्रीफ, मुख्य सचिव राजेश अग्रवाल तथा विभिन्न विभागों के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे। बैठक में प्रस्तुतीकरण के ज़रिए राज्यभर की मेट्रो परियोजनाओं की प्रगति की विस्तृत समीक्षा की गई।
फडणवीस ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि प्रत्येक मेट्रो परियोजना का निर्माण कार्य शुरू होने के बाद तीन वर्षों के भीतर पूरा करने की योजना सुनिश्चित की जाए। यह समयसीमा अनुशासन पिछली परियोजनाओं में देखी गई देरी की पृष्ठभूमि में विशेष महत्व रखता है।
मौजूदा नेटवर्क और निर्माण की स्थिति
राज्य सरकार के अनुसार, वर्तमान में 174 किलोमीटर लंबी मेट्रो सेवाएं यात्रियों के लिए परिचालन में हैं। इसके साथ ही 291 किलोमीटर के मार्गों पर निर्माण कार्य सक्रिय रूप से जारी है, 130 किलोमीटर के मार्ग स्वीकृति प्रक्रिया में हैं, और 87.15 किलोमीटर के लिए विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (DPR) तैयार की जा रही है। प्रस्तावित और परिचालन मेट्रो नेटवर्क की कुल लंबाई 683.53 किलोमीटर होगी।
क्षेत्रवार विभाजन के अनुसार, MMR में 428.89 किमी, पुणे महानगर क्षेत्र में 169.45 किमी और नागपुर महानगर क्षेत्र में 85.20 किमी का मेट्रो नेटवर्क विकसित किया जा रहा है।
वित्तीय ढांचा और हिस्सेदारी
कुल ₹2.80 लाख करोड़ की इन परियोजनाओं में केंद्र सरकार की हिस्सेदारी ₹27,216 करोड़ और राज्य सरकार की हिस्सेदारी ₹50,250 करोड़ है। ₹75,729.62 करोड़ की व्यवस्था MMRDA, स्थानीय निकायों और नियोजन प्राधिकरणों के माध्यम से की जाएगी, जबकि शेष राशि सरकारी गारंटी वाले ऋणों से जुटाई जाएगी। यह बहु-स्तरीय वित्तपोषण मॉडल राज्य के बजट पर एकमुश्त भार से बचने की रणनीति को दर्शाता है।
मेट्रो-10 और नए प्रस्तावित मार्ग
बैठक में MMR के मीरा गांव से गायमुख तक प्रस्तावित मेट्रो-10 परियोजना की प्रगति की भी समीक्षा हुई, जिसकी अधिसूचना पहले ही जारी की जा चुकी है। करीब 9.68 किलोमीटर लंबे इस मार्ग पर पांच एलिवेटेड स्टेशन बनाए जाएंगे और इसकी अनुमानित लागत ₹8,500 करोड़ है।
भविष्य के लिए जिन प्रमुख नए मार्गों की योजना बनाई गई है, उनमें मुंबई मेट्रो-11 (अनिक डिपो-वडाला-गेटवे ऑफ इंडिया), हड़पसर-लोनी कलभोर, हड़पसर-सासवड रोड, नवी मुंबई मेट्रो-1A और 2 (बेलापुर-सागर संगम एवं पेन्धार-नवी मुंबई अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा), नागपुर फेज-2 विस्तार (कान्हान रिवर-कान्हान सिटी), मुंबई मेट्रो-8 (CSMIA-NMIA), मुंबई मेट्रो-13 (शिवाजी चौक-वसई-विरार), मुंबई मेट्रो-12A (मानपाड़ा-कल्याण-खुटारी-तलोझा), मुंबई मेट्रो-3 विस्तार (कफ परेड-नेवी नगर), मुंबई मेट्रो-14 (कांजुर-बदलापुर) और पुणे मेट्रो फेज-3 (निगडी-वाकड-नासिक फाटा-चाकण) शामिल हैं।
आगे क्या होगा
इस वर्ष 87 किलोमीटर लंबाई और 56 स्टेशनों वाले मार्गों पर काम पूरा करने की प्राथमिकता है। 2029-30 तक 302 किलोमीटर के नेटवर्क और 161 स्टेशनों के लक्ष्य के साथ, महाराष्ट्र देश के सबसे बड़े शहरी मेट्रो नेटवर्क में से एक बनने की दिशा में अग्रसर है। परियोजनाओं की समयबद्ध डिलीवरी और वित्तीय अनुशासन इस महत्वाकांक्षी विस्तार की असली कसौटी होगी।