14 अगस्त 2026
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मुंबई को 238 मेट्रो-ग्रेड लोकल ट्रेनें: फडणवीस का 2030 तक पूर्ण नेटवर्क बदलाव का वादा

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मुंबई को 238 मेट्रो-ग्रेड लोकल ट्रेनें: फडणवीस का 2030 तक पूर्ण नेटवर्क बदलाव का वादा

सारांश

मुंबई की लोकल ट्रेनें अब सिर्फ भीड़ और पसीने की पहचान नहीं रहेंगी — 2027 तक 238 मेट्रो-ग्रेड ट्रेनें और 2030 तक पूरे नेटवर्क का कायाकल्प। फडणवीस का यह ऐलान उस शहर के लिए बड़ा दांव है जो रोज़ 90 लाख यात्रियों के बोझ तले दबी लोकल पर टिका है।

मुख्य बातें

केंद्र सरकार ने मेट्रो-ग्रेड उपनगरीय लोकल ट्रेनों के निर्माण को मंजूरी दी; 2027 तक 238 ट्रेनें पटरी पर आएंगी।
मार्च 2030 तक मुंबई का पूरा उपनगरीय रेल नेटवर्क मेट्रो-शैली की स्वचालित, वातानुकूलित ट्रेनों में बदला जाएगा।
MMRDA की दो प्रमुख परियोजनाओं का ई-उद्घाटन; ठाणे-बोरीवली जुड़वां सुरंग में 'अर्जुन' टनल बोरिंग मशीन का शुभारंभ।
BKC जी-ब्लॉक से पूर्वी एक्सप्रेसवे तक अंतिम कनेक्टिंग लिंक उद्घाटित; 8 मार्गों की योजना पूरी।
इस वर्ष 60-70 किमी नई मेट्रो लाइनें परिचालन में; विस्तारित नेटवर्क अतिरिक्त 70 लाख यात्रियों की क्षमता विकसित करेगा।

महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने 13 अगस्त 2026 को घोषणा की कि केंद्र सरकार ने मेट्रो नेटवर्क की तर्ज पर डिज़ाइन की गई उपनगरीय लोकल ट्रेनों के निर्माण को औपचारिक मंजूरी दे दी है। उन्होंने कहा कि 2027 तक 238 मेट्रो-ग्रेड उपनगरीय ट्रेनें पटरी पर उतरेंगी और मार्च 2030 तक मुंबई का पूरा उपनगरीय रेल नेटवर्क स्वचालित, वातानुकूलित और मेट्रो-शैली की ट्रेनों में परिवर्तित हो जाएगा।

मुख्य घोषणाएँ और परियोजनाएँ

ये घोषणाएँ एक वर्चुअल कार्यक्रम के दौरान की गईं, जिसमें मुंबई महानगर क्षेत्र विकास प्राधिकरण (MMRDA) की दो प्रमुख अवसंरचना परियोजनाओं का ई-उद्घाटन हुआ। इसमें ठाणे-बोरीवली जुड़वां सुरंग परियोजना के ठाणे हिस्से में 'अर्जुन' टनल बोरिंग मशीन का शुभारंभ और बांद्रा-कुर्ला कॉम्प्लेक्स (BKC) के जी-ब्लॉक को पूर्वी एक्सप्रेसवे से जोड़ने वाले फ्लाईओवर का नामकरण पूर्व मुख्यमंत्री बैरिस्टर बाबासाहेब अनंतराव भोसले के नाम पर किया जाना शामिल था।

फडणवीस ने इस अवसर को मुंबई महानगर क्षेत्र के परिवहन इतिहास में 'ऐतिहासिक दिन' बताया और कहा कि नव-उद्घाटित परियोजनाएँ शहर की परिवहन व्यवस्था के लिए 'मोबिलिटी बूस्टर' साबित होंगी।

लोकल और मेट्रो के बीच की खाई पाटने की योजना

मुख्यमंत्री ने स्वीकार किया कि नागरिक वर्तमान में आधुनिक, वातानुकूलित मेट्रो यात्राओं और भीड़भाड़ भरी उपनगरीय लोकल ट्रेनों के बीच एक बड़ा अंतर महसूस करते हैं। उन्होंने कहा कि वर्तमान में वंदे भारत जैसी आधुनिक ट्रेनों का उत्पादन करने वाले कारखाने अब मेट्रो-ग्रेड लोकल ट्रेनों का निर्माण करेंगे — यह एक संरचनात्मक बदलाव है जो यात्री अनुभव को नई परिभाषा देगा।

गौरतलब है कि मुंबई की उपनगरीय ट्रेनें वर्तमान में प्रतिदिन 90 लाख यात्रियों को सेवा देती हैं — यह दुनिया के सबसे व्यस्त उपनगरीय रेल नेटवर्कों में से एक है। विस्तारित मेट्रो नेटवर्क अतिरिक्त 70 लाख यात्रियों की क्षमता विकसित कर रहा है।

BKC कनेक्टिविटी और नए फ्लाईओवर का महत्व

BKC के आसपास यातायात जाम की पुरानी समस्या से निपटने के लिए 2017-18 में छह कनेक्टिंग सड़कों की योजना बनाई गई थी, जिसे बाद में आठ मार्गों तक विस्तारित किया गया। अंतिम कनेक्टिंग लिंक के उद्घाटन के साथ, भारत नगर रोड (विश्वविद्यालय परिसर) से वाकोला जंक्शन तक का नया एलिवेटेड मार्ग पूर्वी और पश्चिमी मुंबई के बीच सुगम आवाजाही सुनिश्चित करेगा।

फडणवीस ने यह भी बताया कि ऑफ-रैंप के पास संभावित यातायात जाम को दूर करने के लिए वेस्टर्न एक्सप्रेस हाईवे पर अंडरपास सहित लक्षित उपाय लागू किए जाएंगे।

मेट्रो विस्तार की रफ्तार

मुख्यमंत्री ने बताया कि अकेले इस वर्ष 60 से 70 किलोमीटर नई मेट्रो लाइनें परिचालन में आएंगी। नव-उद्घाटित चेंबूर मेट्रो स्टेशन भी परिवहन एकीकरण की दिशा में एक महत्वपूर्ण कड़ी है। यह ऐसे समय में आया है जब मुंबई वैश्विक महानगरों की श्रेणी में अपनी जगह मजबूत करने की कोशिश कर रही है और सार्वजनिक परिवहन आधुनिकीकरण उसकी सबसे बड़ी प्राथमिकताओं में शामिल है।

आने वाले वर्षों में इन परियोजनाओं का क्रियान्वयन यह तय करेगा कि मुंबई का 'मोबिलिटी बूस्टर' वादा जमीन पर कितना उतरता है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन समयसीमा और क्रियान्वयन की विश्वसनीयता अभी भी सवालों के घेरे में है। 2027 की डेडलाइन महत्वाकांक्षी है — खासकर तब जब MMRDA की कई परियोजनाएँ अतीत में लागत और समय दोनों में पिछड़ी हैं। 90 लाख दैनिक यात्रियों वाले नेटवर्क का कायाकल्प सिर्फ ट्रेनें बदलने से नहीं होगा — प्लेटफॉर्म अवसंरचना, सिग्नलिंग और रखरखाव व्यवस्था का एकसाथ आधुनिकीकरण उतना ही ज़रूरी है, जिसका ब्यौरा अभी सार्वजनिक नहीं हुआ है।
RashtraPress
14 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

मुंबई में मेट्रो-ग्रेड लोकल ट्रेनें कब तक शुरू होंगी?
मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के अनुसार, 2027 तक 238 मेट्रो-ग्रेड उपनगरीय ट्रेनें परिचालन में आ जाएंगी। मार्च 2030 तक पूरे उपनगरीय नेटवर्क को मेट्रो-शैली की ट्रेनों में बदलने का लक्ष्य है।
ये नई लोकल ट्रेनें मौजूदा ट्रेनों से कैसे अलग होंगी?
नई ट्रेनें स्वचालित, वातानुकूलित और मेट्रो-ग्रेड डिज़ाइन की होंगी — वही कारखाने इन्हें बनाएंगे जो अभी वंदे भारत जैसी आधुनिक ट्रेनें बनाते हैं। यह मौजूदा भीड़भाड़ भरी और बिना AC वाली लोकल ट्रेनों से एक बड़ा सुधार होगा।
ठाणे-बोरीवली जुड़वां सुरंग परियोजना क्या है?
यह MMRDA की एक प्रमुख अवसंरचना परियोजना है जो ठाणे और बोरीवली को सुरंग मार्ग से जोड़ेगी। 13 अगस्त को इसके ठाणे हिस्से में 'अर्जुन' टनल बोरिंग मशीन का शुभारंभ किया गया।
BKC फ्लाईओवर से मुंबई यातायात को क्या फायदा होगा?
BKC जी-ब्लॉक को पूर्वी एक्सप्रेसवे से जोड़ने वाला यह अंतिम कनेक्टिंग लिंक 2017-18 में शुरू हुई आठ-मार्ग योजना की परिणति है। भारत नगर रोड से वाकोला जंक्शन तक का एलिवेटेड मार्ग पूर्वी और पश्चिमी मुंबई के बीच यातायात दबाव को कम करेगा।
मुंबई मेट्रो विस्तार से कितने यात्रियों को फायदा होगा?
विस्तारित मेट्रो नेटवर्क अतिरिक्त 70 लाख यात्रियों की क्षमता विकसित कर रहा है। मौजूदा उपनगरीय ट्रेनें प्रतिदिन 90 लाख यात्रियों को सेवा देती हैं, और इस वर्ष अकेले 60-70 किमी नई मेट्रो लाइनें परिचालन में आएंगी।
राष्ट्र प्रेस
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